'टाइगर ऑफ राजस्थान': अरविंद कुमार वाघेला का इंसानियत और नैतिकता का संदेश
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म का नाम: 'टाइगर ऑफ राजस्थान'
- प्रदर्शित होने की तिथि: 13 मार्च
- मुख्य संदेश: इंसानियत और नैतिकता
- बजट: ढाई करोड़ रुपए से अधिक
- कलाकार: रंजीत, देवोलीना भट्टाचार्य, उपासना, दीपशिखा नागपाल आदि
सीकर, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थानी भाषा और संस्कृति को बड़े पर्दे पर प्रदर्शित करने के मकसद से बनाई गई फिल्म 'टाइगर ऑफ राजस्थान' एक बार फिर चर्चा का विषय बनी है। यह फिल्म १३ मार्च से सीकर के सीने मैजिक सिनेमा हॉल में दिखाई जाएगी।
फिल्म के प्रचार के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा भी शामिल हुए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस प्रकार की फिल्में राजस्थान की भाषा, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा, "मैं खासतौर पर इस दृष्टिकोण से कार्यक्रम में आया हूं कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो। हालांकि, मुझे फिल्म की कहानी और किरदारों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन निर्देशक द्वारा दिए गए संदेश से लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को एक सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ मनोरंजन भी करेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "राजस्थान की कला और संस्कृति अत्यंत समृद्ध है, और इसे फिल्मों के माध्यम से प्रस्तुत करना आवश्यक है। क्षेत्रीय सिनेमा समाज को अच्छे संदेश देने का एक प्रभावी साधन है।"
निर्देशक ने साझा किया कि फिल्म का मुख्य संदेश यह है कि इंसान चाहे किसी भी परिस्थिति में हो, उसे अपने नैतिक मूल्यों या एथिक्स को नहीं भूलना चाहिए। यही कारण है कि मुझे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देने तथा मनोरंजन का माध्यम बनेगी।"
इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक और मुख्य अभिनेता अरविंद कुमार वाघेला ने भी मीडिया से खुलकर चर्चा की। गैंगस्टर पर आधारित कहानी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिल्म किसी एक व्यक्ति की जीवनी नहीं है, बल्कि एक ऐसा किरदार है, जिसने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे।
उन्होंने कहा, "किसी भी व्यक्ति से प्रेरणा ली जा सकती है। जैसे लोग इतिहास के कई बड़े नेताओं और व्यक्तित्वों से प्रेरित होते हैं, उसी तरह मुझे भी एक ऐसा किरदार दिलचस्प लगा जो पढ़ा-लिखा होने के बावजूद परिस्थितियों के कारण गलत रास्ते पर चला गया, लेकिन उसने अपनी अच्छाई को कभी नहीं छोड़ा। यही इस फिल्म की असली कहानी और संदेश है।"
जब उनसे पूछा गया कि लोग आनंद पाल को एक गैंगस्टर के रूप में जानते हैं और उसी तरह के किरदार पर फिल्म बनाने का विचार कैसे आया, तो उन्होंने कहा, "दुनिया में कई ऐसे किरदार होते हैं, जिनके रास्ते भले गलत माने जाते हों, लेकिन उनके कुछ काम ऐसे होते हैं जिनसे लोग प्रभावित होते हैं। मेरी फिल्म का उद्देश्य अपराध का महिमामंडन नहीं करना है, बल्कि यह दिखाना है कि इंसान को किसी भी स्थिति में अपने नैतिक मूल्यों को नहीं छोड़ना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "फिल्म के जरिए यही संदेश दिया गया है कि इंसान जिस भी स्थिति में हो, उसे अपने एथिक्स को नहीं मारना चाहिए।"
अरविंद कुमार वाघेला ने फिल्म की कास्टिंग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें कई अनुभवी और प्रसिद्ध कलाकार शामिल हैं। फिल्म में जाने-माने अभिनेता रंजीत, टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्य, कमीडियन और अभिनेत्री उपासना, दीपशिखा नागपाल और राजू श्रेष्ठ भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म के बजट को लेकर भी निर्देशक ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह राजस्थान की अब तक की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है और इसका बजट करीब ढाई करोड़ रुपए से अधिक है। क्षेत्रीय सिनेमा के लिहाज से यह एक बड़ा निवेश माना जा रहा है।