गिप्पी ग्रेवाल का संघर्ष: कनाडा में सिक्योरिटी गार्ड से अखबार बाँटने तक, पत्नी के साथ मिलकर बनाई पहचान
सारांश
मुख्य बातें
पंजाबी सुपरस्टार गिप्पी ग्रेवाल ने अभिनेता शेखर सुमन के यूट्यूब टॉक शो 'शेखर टुनाइट' में अपने संघर्षों की वह दास्तान साझा की, जो चमक-दमक की दुनिया में अक्सर अनसुनी रह जाती है। स्टारडम से पहले कनाडा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने से लेकर सुबह-सुबह अखबार बाँटने तक — ग्रेवाल का यह सफर जितना कठिन था, उतना ही प्रेरणादायक भी है।
मुश्किलों से भरी शुरुआत
गिप्पी ग्रेवाल ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा और तीन एल्बम रिलीज़ किए, लेकिन कोई भी खास पहचान नहीं बना सका। लगातार असफलताओं के बाद उन्होंने शादी की और अपनी पत्नी के साथ कनाडा जाने का फैसला किया। वहाँ पहुँचकर उन्हें जीवन एकदम नए सिरे से शुरू करना पड़ा — न कोई पहचान थी, न आय का कोई ज़रिया।
तीन-तीन नौकरियाँ एक साथ
ग्रेवाल ने खुलासा किया कि कनाडा में उनकी पहली नौकरी सिक्योरिटी गार्ड की थी। इसके बाद वे एक साथ तीन-तीन काम करने लगे। उन्होंने बताया, 'सुबह मैं और मेरी पत्नी अखबार बाँटते थे, फिर वह अपने काम पर चली जाती थीं।' उनकी पत्नी एक सैंडविच रेस्टोरेंट में मैनेजर के तौर पर काम करती थीं, और शाम को दोनों ने मिलकर एक मॉल में सफाई का कॉन्ट्रैक्ट भी लिया हुआ था।
पत्नी का अटूट साथ
ग्रेवाल के अनुसार, इन मुश्किल दिनों ने उनके और उनकी पत्नी के रिश्ते को और मज़बूत किया। 'हम दोनों मिलकर हर दिन काम करते थे और उसी दौरान अपने भविष्य को लेकर बातचीत भी करते थे — क्या करना है, कैसे करना है और आगे बढ़ने के लिए क्या कदम उठाने हैं।' यह साझेदारी केवल घर तक सीमित नहीं थी, बल्कि हर चुनौती में दोनों कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
बचत से बना करियर का टर्निंग पॉइंट
दोनों ने अपनी कमाई को बचाया और जोड़ा। उसी पैसे से गिप्पी ने अपना अगला एल्बम बनाया, जिसने उन्हें इंडस्ट्री में असली पहचान दिलाई। यह ऐसे समय में आया है जब गिप्पी अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'कैरी ऑन जट्टा 4' को लेकर चर्चा में हैं — जो उनकी सफलता की उस लंबी यात्रा की अगली कड़ी है जो कनाडा की उन ठंडी सुबहों से शुरू हुई थी।