सुनील ग्रोवर: तीन दिन की शूटिंग के बाद रिप्लेस, फिर बने भारतीय कॉमेडी के सुपरस्टार
सारांश
मुख्य बातें
सुनील ग्रोवर आज भारतीय टेलीविज़न की कॉमेडी दुनिया का सबसे चमकदार नाम हैं — लेकिन इस मुकाम तक पहुँचने का रास्ता न तो सीधा था, न आसान। गुत्थी, डॉ. मशहूर गुलाटी और रिंकू देवी जैसे किरदारों से करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले इस कलाकार को एक दौर में तीन दिन की शूटिंग के बाद बिना किसी सूचना के रिप्लेस कर दिया गया था। उस झटके के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और आज वह भारतीय मनोरंजन जगत की अपरिहार्य आवाज़ बन चुके हैं।
शुरुआती जीवन और थिएटर की नींव
सुनील ग्रोवर का जन्म 3 अगस्त 1977 को हरियाणा के सिरसा जिले के मंडी डबवाली में हुआ। बचपन से ही मिमिक्री और एक्टिंग में उनकी गहरी रुचि थी। स्कूल की एक नाटक प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर मुख्य अतिथि ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उनका हुनर बाकी बच्चों से बिल्कुल अलग है।
उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से थिएटर में मास्टर डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों में ही मशहूर व्यंग्य कलाकार जसपाल भट्टी की नज़र उन पर पड़ी और उन्होंने सुनील को अपने शो में काम करने का मौका दिया। 1995 में जसपाल भट्टी के शो 'फुल टेंशन' के ज़रिए सुनील ने टेलीविज़न की दुनिया में पहला कदम रखा।
मुंबई का संघर्ष और वह दर्दनाक रिप्लेसमेंट
अभिनेता बनने का सपना लेकर सुनील मुंबई पहुँचे, लेकिन शुरुआत बेहद कठिन रही। उनकी कमाई शुरुआती दिनों में महज़ करीब ₹500 प्रति माह थी। परिवार की मदद और अपनी बचत के सहारे वह डटे रहे।
संघर्ष के उन्हीं दिनों का एक किस्सा सुनील ने खुद एक इंटरव्यू में साझा किया था। एक शो के लिए तीन दिन की शूटिंग करने के बाद उन्हें अचानक रिप्लेस कर दिया गया — और सबसे तकलीफदेह बात यह थी कि इसकी जानकारी उन्हें सीधे नहीं दी गई। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए उन्हें खुद पर शक होने लगा था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और नए सिरे से कोशिश शुरू की।
फिल्मों और रेडियो में पहचान
सुनील ने धीरे-धीरे टीवी, रेडियो और फिल्मों में अपनी जगह बनाई। रेडियो पर 'हंसी के फुवारे' जैसे कार्यक्रमों में उनकी आवाज़ को खूब सराहा गया। फिल्मों में उनकी पहली उपस्थिति 1998 में अजय देवगन की फिल्म 'प्यार तो होना ही था' में हुई।
इसके बाद उन्होंने 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह', 'मैं हूँ ना', 'गजनी', 'गब्बर इज बैक', 'बागी', 'भारत', 'गुडबाय' और 'जवान' जैसी बड़ी फिल्मों में सहायक किरदार निभाए। 'गजनी' में संपत, 'भारत' में विलायती खान और 'जवान' में ईरानी — इन किरदारों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
गुत्थी से सुपरस्टार तक का सफर
2013 में 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' ने सुनील ग्रोवर की ज़िंदगी पलट दी। गुत्थी का किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि दर्शक उन्हें उनके असली नाम से ज़्यादा इस किरदार से पहचानने लगे। इसके बाद 'द कपिल शर्मा शो' में डॉ. मशहूर गुलाटी और रिंकू देवी जैसे किरदारों ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊँचाई दी।
2017 में कपिल शर्मा और सुनील के बीच विवाद हुआ और सुनील ने शो छोड़ दिया। उन्होंने बाद में बताया कि शुरुआत में इस विवाद की खबरों से वह परेशान हो गए थे, लेकिन समय के साथ उन्होंने इसे पीछे छोड़ दिया। 2024 में दोनों ने 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' के ज़रिए फिर साथ काम किया।
ओटीटी पर नई पहचान और स्वास्थ्य चुनौती
कॉमेडी के साथ-साथ सुनील ने 'तांडव', 'सनफ्लावर' और 'यूनाइटेड कच्चे' जैसी वेब सीरीज़ में गंभीर और जटिल किरदार निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की। 2018 में उन्हें आईटीए अवॉर्ड में स्पेशल मेंशन कॉमिक आइकॉन सम्मान दिया गया।
2022 में उन्हें हार्ट अटैक आया और बायपास सर्जरी करानी पड़ी। लेकिन इस बड़े स्वास्थ्य संकट के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और दोबारा काम पर लौटे। तीन दिन की शूटिंग के बाद रिप्लेस किए गए उस कलाकार का यह सफर आज भारतीय मनोरंजन जगत में संघर्ष और जीत की मिसाल बन चुका है।