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हैदराबादी लहजा सीखने के लिए हंसिका मोटवानी ने की घंटों मेहनत, बोलीं — 'एक शब्द की गलती भी दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं'

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हैदराबादी लहजा सीखने के लिए हंसिका मोटवानी ने की घंटों मेहनत, बोलीं — 'एक शब्द की गलती भी दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं'

सारांश

अभिनेत्री हंसिका मोटवानी ने वेब सीरीज 'गली' के लिए हैदराबाद के चारमीनार इलाके की खास बोली सीखने हेतु घंटों मेहनत की। बिना किसी डायलॉग ट्रेनर की मदद के टीम वर्कशॉप के जरिए उन्होंने भाषा की बारीकियां आत्मसात कीं। उनका कहना है कि एक छोटी सी गलती भी दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं।

मुख्य बातें

हंसिका मोटवानी आगामी वेब सीरीज 'गली' के लिए हैदराबाद के चारमीनार इलाके की खास बोली सीख रही हैं।
उन्होंने किसी डायलॉग ट्रेनर की मदद नहीं ली और पूरी टीम के साथ वर्कशॉप के जरिए भाषा सीखी।
हंसिका का कहना है कि एक छोटी सी गलती भी दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं, इसलिए हर शब्द का उच्चारण सटीक रखना जरूरी है।
यह हंसिका मोटवानी का पहला अनुभव है जब उन्होंने इस तरह की क्षेत्रीय बोली में काम किया है।
सीरीज की कहानी हैदराबाद के पुराने शहर की संस्कृति और जीवनशैली को केंद्र में रखती है।
OTT प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रीय प्रामाणिकता की बढ़ती मांग के बीच यह सीरीज दर्शकों की कसौटी पर खरी उतरने की कोशिश करेगी।

हंसिका मोटवानी इन दिनों अपनी आगामी वेब सीरीज 'गली' के लिए हैदराबाद की खास बोली और लहजे को सीखने में जुटी हैं। अभिनेत्री ने घंटों की कड़ी प्रैक्टिस के बाद चारमीनार इलाके की बोलचाल की भाषा पर पकड़ बनाई है। उन्होंने स्वीकार किया कि किसी खास बोली में अभिनय करना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है, क्योंकि एक छोटी सी गलती भी दर्शकों की नजर से नहीं बचती।

किरदार की तैयारी और हैदराबादी लहजे की चुनौती

हंसिका मोटवानी ने बताया कि 'गली' सीरीज की कहानी हैदराबाद के पुराने शहर और चारमीनार के आसपास के माहौल पर आधारित है। इसीलिए उनके लिए वहां की बोली को सटीक रूप से आत्मसात करना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी।

उन्होंने कहा, ''मुझे इस किरदार के लिए डायलॉग्स बोलने के तरीके पर सबसे ज्यादा काम करना पड़ा। मैं चाहती हूं कि मेरे डायलॉग्स बिल्कुल असली लगें और दर्शकों को ऐसा महसूस हो कि मेरा किरदार उसी माहौल का हिस्सा है।''

बिना ट्रेनर के खुद की मेहनत से सीखी भाषा

दिलचस्प बात यह है कि हंसिका ने इस तैयारी के लिए किसी डायलॉग ट्रेनर की मदद नहीं ली। उन्होंने पूरी टीम के साथ बैठकर बार-बार वर्कशॉप कीं, ताकि हर शब्द और हर डायलॉग का उच्चारण बिल्कुल सटीक हो सके।

हंसिका ने कहा, ''टीम के साथ मिलकर बार-बार डायलॉग्स पढ़ने और बोलने से मुझे भाषा की बारीकियों को समझने का मौका मिला। यह सामूहिक प्रयास बेहद फायदेमंद रहा।''

पहली बार इस तरह के लहजे में काम करने का अनुभव

हंसिका मोटवानी के लिए यह अनुभव पूरी तरह नया था। उन्होंने पहले कभी इस तरह की बोली में काम नहीं किया था, इसलिए शुरुआत में प्रैक्टिस का स्तर और भी ऊंचा रखना पड़ा।

उन्होंने कहा, ''किसी खास बोली में अभिनय करना आसान नहीं होता। अगर एक छोटा सा शब्द भी गलत बोल दिया जाए, तो वह तुरंत दर्शकों को महसूस हो जाता है। इसीलिए मैं हर शब्द के उच्चारण को लेकर बेहद सतर्क रहती थी।''

किरदार की भावनाओं और रहन-सहन को समझने की कोशिश

हंसिका ने सिर्फ भाषा तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने यह भी समझने की कोशिश की कि हैदराबाद के उस इलाके के लोग किस तरह बात करते हैं, अपनी भावनाएं कैसे व्यक्त करते हैं और उनका लहजा किस तरह का होता है।

उनका मानना है कि ''जब तक कलाकार किरदार की भाषा को सही तरीके से नहीं समझता, तब तक वह उस किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर सकता।'' यह सोच उन्हें एक परिपक्व और समर्पित अभिनेत्री के रूप में स्थापित करती है।

बॉलीवुड और OTT में बोली-आधारित किरदारों का बढ़ता चलन

गौरतलब है कि OTT प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों पर आधारित कंटेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है। दर्शक अब प्रामाणिकता को प्राथमिकता देते हैं और किसी किरदार की भाषाई खामी को तुरंत पहचान लेते हैं। ऐसे में हंसिका मोटवानी की यह तैयारी न केवल उनके अभिनय को विश्वसनीय बनाएगी, बल्कि 'गली' सीरीज को भी दर्शकों के बीच अलग पहचान दिला सकती है।

वेब सीरीज 'गली' के जल्द ही रिलीज होने की उम्मीद है और दर्शकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि हंसिका का हैदराबादी अंदाज पर्दे पर कितना असरदार नजर आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली मुद्दा यह है कि क्षेत्रीय बोलियों और संस्कृतियों को OTT कंटेंट में किस हद तक सम्मान मिल रहा है। हैदराबाद जैसे शहर की बहुभाषिक पहचान को पर्दे पर सही तरीके से उतारना एक सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। हंसिका की यह तैयारी एक नजीर बन सकती है — कि बड़े नाम भी जमीनी मेहनत से नहीं कतराते।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हंसिका मोटवानी की वेब सीरीज 'गली' किस बारे में है?
वेब सीरीज 'गली' की कहानी हैदराबाद के पुराने शहर और चारमीनार इलाके के आसपास की दुनिया पर आधारित है। इसमें हंसिका मोटवानी मुख्य भूमिका में हैं और उन्होंने किरदार के लिए हैदराबादी बोली सीखी है।
हंसिका मोटवानी ने हैदराबादी लहजा कैसे सीखा?
हंसिका मोटवानी ने किसी डायलॉग ट्रेनर की मदद नहीं ली, बल्कि पूरी टीम के साथ बार-बार वर्कशॉप करके हैदराबादी बोली की बारीकियां सीखीं। घंटों की प्रैक्टिस से उन्होंने हर शब्द के सही उच्चारण पर ध्यान दिया।
हंसिका मोटवानी ने किरदार की तैयारी को लेकर क्या कहा?
हंसिका ने कहा कि किसी खास बोली में अभिनय करना बेहद कठिन है क्योंकि एक छोटी सी गलती भी दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। उन्होंने हर शब्द के उच्चारण और बोलने के अंदाज को लेकर बेहद सतर्क रहने की बात कही।
क्या 'गली' सीरीज हंसिका मोटवानी का पहला हैदराबादी बोली में काम है?
हां, हंसिका मोटवानी ने खुद माना कि यह उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था और उन्होंने पहले कभी इस तरह की बोली में काम नहीं किया था। इसीलिए शुरुआत में उन्हें काफी अधिक प्रैक्टिस करनी पड़ी।
वेब सीरीज 'गली' कब रिलीज होगी?
अभी तक वेब सीरीज 'गली' की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, हंसिका मोटवानी की तैयारी पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसके रिलीज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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