तलाक तक कोई फिल्म नहीं: अभिनेता रवि मोहन का भावुक ऐलान, प्रेस कॉन्फ्रेंस में छलके आँसू

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तलाक तक कोई फिल्म नहीं: अभिनेता रवि मोहन का भावुक ऐलान, प्रेस कॉन्फ्रेंस में छलके आँसू

सारांश

साउथ के अभिनेता रवि मोहन ने नम आँखों से ऐलान किया — जब तक तलाक नहीं, तब तक कोई फिल्म नहीं। मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपमान और उकसावे की बात कही, और निर्माताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी वजह से किसी का नुकसान नहीं होगा।

मुख्य बातें

अभिनेता रवि मोहन ने 16 मई को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि तलाक पूरा होने तक कोई फिल्म नहीं करेंगे।
अभिनेता ने कहा — 'मैं उन अनावश्यक अपमानों को सहन नहीं कर सकता जिनका मुझे सामना करना पड़ रहा है।' तमिल कहावत 'साधु मिरंडल काडू कोल्लाधु' का हवाला देते हुए उन्होंने अपने धैर्य की सीमा जताई।
मौजूदा फिल्मों में लिए गए पैसे लौटाने का वादा किया, ताकि किसी निर्माता को नुकसान न हो।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिनेता भावुक नजर आए और उनकी आँखें नम थीं।

साउथ सिनेमा के चर्चित अभिनेता रवि मोहन ने शनिवार, 16 मई को मुंबई में अपने कार्यालय के बाहर एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनका तलाक पूरा नहीं हो जाता, वे न तो कोई नई फिल्म साइन करेंगे और न ही किसी मौजूदा प्रोजेक्ट की शूटिंग जारी रखेंगे। नम आँखों के साथ पत्रकारों को संबोधित करते हुए अभिनेता ने कहा कि व्यक्तिगत जीवन में चल रही उथल-पुथल के बीच अभिनय करना उनके लिए संभव नहीं है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले रवि मोहन

अभिनेता ने भावुक होते हुए कहा, 'ये फैसला मैंने इसलिए किया है क्योंकि मैं ऐसे हालात में अभिनय नहीं कर सकता। मैं उन अनावश्यक अपमानों को सहन नहीं कर सकता, जिनका मुझे सामना करना पड़ रहा है।' उन्होंने एक प्रसिद्ध तमिल कहावत 'साधु मिरंडल काडू कोल्लाधु' का हवाला दिया, जिसका अर्थ है — जब धैर्यवान व्यक्ति अंततः अपना धैर्य खो देता है, तो जंगल भी उसके क्रोध को सहन नहीं कर पाता।

रवि मोहन ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं को एक 'साधु' यानी धैर्यवान व्यक्ति मानते थे, लेकिन कुछ लोग लगातार उन्हें उकसाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'अब जो लोग मुझे उकसाने की कोशिश कर रहे थे, वे अब ऐसा कर सकते हैं। यह मेरा दफ्तर है और जो लोग मुझे पंचिंग बैग की तरह इस्तेमाल करना चाहते थे, वे अब यहाँ आ सकते हैं। मैं कराते बाबू की तरह लातें मारूंगा।'

मौजूदा फिल्मों का क्या होगा

पत्रकारों ने जब यह सवाल किया कि क्या उनका यह फैसला केवल नए प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा या मौजूदा फिल्मों पर भी, तो अभिनेता ने स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा कुछ भी नहीं करूंगा जिससे किसी को हानि पहुँचे। भले ही मैंने पैसे लिए हों, मैं उन्हें लौटाने का इंतजाम करूंगा और उसके बाद ही जाऊंगा। मेरी वजह से किसी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।'

यह ऐलान उद्योग जगत के लिए अप्रत्याशित था, क्योंकि रवि मोहन साउथ सिनेमा में सक्रिय रूप से कई परियोजनाओं पर काम कर रहे थे।

निजी जीवन में उथल-पुथल की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि रवि मोहन कुछ समय से अपने वैवाहिक जीवन को लेकर चर्चाओं में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में कई बड़े कलाकार अपने निजी जीवन को सार्वजनिक मंच पर खुलकर साझा कर रहे हैं। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि वे अपने करियर को किस तरह आगे ले जाना है, यह उन्हें भली-भाँति पता है।

उद्योग और प्रशंसकों पर असर

रवि मोहन के इस फैसले से उनके साथ काम करने वाले निर्माताओं और निर्देशकों की चिंता स्वाभाविक है। हालाँकि अभिनेता ने आश्वस्त किया कि वे किसी को आर्थिक या व्यावसायिक नुकसान नहीं पहुँचाएंगे। उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर इस खबर पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं — कुछ उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ उनकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

फिलहाल यह देखना बाकी है कि तलाक की कानूनी प्रक्रिया कितने समय में पूरी होती है और रवि मोहन कब वापस परदे पर नजर आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे उनके करियर पर दीर्घकालिक असर का जोखिम भी है। मुख्यधारा की कवरेज भावनात्मक पहलू पर केंद्रित है, जबकि असली सवाल यह है कि उनके साथ जुड़े निर्माताओं और तकनीशियनों की आजीविका पर क्या असर पड़ेगा। उद्योग को एक ऐसे तंत्र की जरूरत है जो कलाकारों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन सुनिश्चित करे।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रवि मोहन ने फिल्में न करने का फैसला क्यों किया?
अभिनेता रवि मोहन ने कहा कि वे अपने तलाक की प्रक्रिया पूरी होने तक मानसिक रूप से अभिनय करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने अपमान और लगातार उकसावे का हवाला देते हुए यह फैसला लिया।
क्या रवि मोहन की मौजूदा फिल्में भी रुक जाएंगी?
अभिनेता ने स्पष्ट किया कि वे किसी निर्माता को नुकसान नहीं पहुँचाएंगे। यदि उन्होंने पैसे लिए हैं, तो वे उन्हें लौटाने का इंतजाम करेंगे — इसके बाद ही वे किसी प्रोजेक्ट से अलग होंगे।
रवि मोहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कौन-सी तमिल कहावत कही?
उन्होंने 'साधु मिरंडल काडू कोल्लाधु' कहावत का उल्लेख किया, जिसका अर्थ है — जब धैर्यवान व्यक्ति अपना धैर्य खो देता है, तो जंगल भी उसके क्रोध को सहन नहीं कर पाता। इससे उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति को व्यक्त किया।
रवि मोहन कौन हैं और वे किस उद्योग से जुड़े हैं?
रवि मोहन साउथ सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं, जो मुख्यतः तमिल फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं। वे अपने अभिनय के लिए दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।
रवि मोहन की प्रेस कॉन्फ्रेंस कब और कहाँ हुई?
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 16 मई को मुंबई में उनके कार्यालय के बाहर आयोजित की गई। इस दौरान अभिनेता काफी भावुक नजर आए।
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