'कहानी घर घर की' के 26 साल: साक्षी तंवर की पार्वती आज भी भारतीय टीवी की अमर पहचान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टेलीविजन के इतिहास में मील का पत्थर माने जाने वाले धारावाहिक 'कहानी घर घर की' ने 16 अक्टूबर 2026 को अपने प्रसारण के 26 वर्ष पूरे किए। निर्माता एकता कपूर की इस क्लासिक सीरियल ने 16 अक्टूबर 2000 को स्टार प्लस पर अपना सफर शुरू किया था और भारतीय घरेलू दर्शकों के बीच जो जगह बनाई, वह आज भी अटूट है। शो की विरासत को ताज़ा करते हुए मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें सीरियल के कलाकारों की झलक और यादगार पलों की एक पुनर्यात्रा नज़र आती है।
मेकर्स की भावपूर्ण श्रद्धांजलि
मेकर्स ने इंस्टाग्राम पोस्ट के साथ लिखा, '26 साल बाद भी इसकी विरासत आज भी उतनी ही शानदार है। 'कहानी घर घर की' ने फैमिली ड्रामा की परिभाषा ही बदल दी थी और भारतीय टेलीविजन को ऐसे किरदार और पल दिए, जिन्हें दर्शक आज भी याद करते हैं। उस शो के नाम, जिसने टेलीविजन के इतिहास में अपनी जगह बनाई।' यह पोस्ट फैंस के बीच तुरंत वायरल हो गई, जिन्होंने टिप्पणियों में अपनी यादें साझा कीं।
शो का सफर और मुख्य कलाकार
'कहानी घर घर की' 16 अक्टूबर 2000 से 9 अक्टूबर 2008 तक स्टार प्लस पर प्रसारित हुआ — यानी पूरे 8 वर्षों तक यह शो दर्शकों के घरों की दिनचर्या का हिस्सा रहा। अभिनेत्री साक्षी तंवर ने इसमें पार्वती अग्रवाल की भूमिका निभाई, जो एक आदर्श बहू, समर्पित पत्नी और परिवार की धुरी के रूप में चित्रित थीं। किरण करमरकर ने ओम अग्रवाल का किरदार अदा किया — एक आदर्श पुत्र जिनके इर्द-गिर्द पारिवारिक कहानी बुनी गई थी। इसके अलावा गौतम चौधरी और आनंद काले जैसे कलाकारों ने भी प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं।
कहानी और सांस्कृतिक महत्व
इस धारावाहिक की कहानी एक मारवाड़ी संयुक्त परिवार — अग्रवाल परिवार — के इर्द-गिर्द घूमती थी। विश्वनाथ अग्रवाल के बेटों और उनके परिवारों के बीच प्रेम, त्याग, साजिश, गलतफहमी और समाधान की भावनात्मक यात्रा को बेहद संवेदनशीलता से पेश किया गया था। यह ऐसे समय में आया जब भारतीय टेलीविजन संयुक्त परिवार के मूल्यों को परदे पर ढूंढ रहा था — और 'कहानी घर घर की' ने वह रिक्तता पूरी कर दी।
भारतीय टेलीविजन पर असर
गौरतलब है कि यह शो भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले और सर्वाधिक सफल धारावाहिकों में गिना जाता है। साक्षी तंवर का 'पार्वती' किरदार आज भी भारतीय टेलीविजन की सबसे प्रतिष्ठित भूमिकाओं में एक माना जाता है। इस शो ने फैमिली ड्रामा की एक ऐसी भाषा गढ़ी जिसे बाद में अनेक धारावाहिकों ने अनुसरण किया। दर्शक आज भी इस शो को जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं।
विरासत का भविष्य
एकता कपूर की बालाजी टेलीफिल्म्स ने इस शो के ज़रिए भारतीय टेलीविजन को एक नई दिशा दी थी। 26 साल बाद भी जब मेकर्स इसकी वर्षगाँठ मनाते हैं, तो दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया यह साबित करती है कि 'कहानी घर घर की' की विरासत सिर्फ एक शो तक सीमित नहीं, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक स्मृति का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।