'कहानी घर घर की' के सितारों का 25 साल बाद रीयूनियन, साक्षी तंवर और श्वेता केसवानी की तस्वीरें वायरल
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में हाल ही में हुए एक खास मिलन समारोह में 'कहानी घर घर की' के कलाकार 25 साल बाद एक बार फिर एक छत के नीचे जमा हुए। इस नॉस्टेल्जिक रीयूनियन की तस्वीरें अभिनेत्री श्वेता केसवानी ने अपने इंस्टाग्राम पर साझा कीं, जिन्होंने शो में अवंतिका अग्रवाल का यादगार नकारात्मक किरदार निभाया था।
रीयूनियन में कौन-कौन आए
श्वेता केसवानी द्वारा साझा किए गए फोटो कोलाज में वह साक्षी तंवर के साथ पोज देती दिख रही हैं — साक्षी ने इस शो में पार्वती अग्रवाल का आइकॉनिक किरदार निभाया था, जो भारतीय टेलीविजन की सबसे यादगार बहुओं में गिनी जाती हैं। ग्रुप फोटो में श्वेता कवात्रा, मानव गोहिल और गौतम चतुर्वेदी समेत शो के अन्य कलाकार भी नज़र आए।
श्वेता केसवानी ने क्या लिखा
तस्वीरें पोस्ट करते हुए श्वेता केसवानी ने लिखा, 'मेरे मुंबई वाले घर में पुराने दिनों की तरह। समय कितनी जल्दी बीत जाता है और फिर भी हम वहीं से शुरू करते हैं जहाँ से छोड़ा था।' इस भावुक संदेश ने फैंस के बीच पुरानी यादें ताजा कर दीं।
शो का इतिहास और विरासत
'कहानी घर घर की' 16 अक्टूबर 2000 को स्टारप्लस पर पहली बार प्रसारित हुआ और 9 अक्टूबर 2008 तक — यानी लगभग आठ वर्षों तक — दर्शकों के दिलों पर राज किया। यह शो पार्वती और ओम अग्रवाल तथा उनके बड़े मारवाड़ी संयुक्त परिवार की जिंदगी के इर्द-गिर्द बुना गया था। इसे एकता कपूर ने रचा और बालाजी टेलीफिल्म्स के तहत एकता कपूर व शोभा कपूर ने निर्मित किया।
गौरतलब है कि यह शो उसी दौर में आया जब एकता कपूर का एक अन्य बेहद लोकप्रिय पारिवारिक धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का प्रीमियर जुलाई 2000 में हुआ था। दोनों शोज ने मिलकर भारतीय डेली सोप के एक पूरे युग को परिभाषित किया।
किरदारों की अमिट छाप
शो में साक्षी तंवर ने पार्वती ओम अग्रवाल और किरण करमरकर ने ओम अग्रवाल का किरदार निभाया। श्वेता केसवानी ने 2001 से 2003 के बीच अवंतिका अग्रवाल के रूप में एक प्रभावशाली खलनायिका की भूमिका अदा की। वहीं श्वेता कवात्रा का 'पल्लवी' का किरदार भी दर्शकों की स्मृति में आज भी जीवित है। साक्षी तंवर का पार्वती का रोल भारतीय टेलीविजन इतिहास में सर्वाधिक प्रतिष्ठित 'बहू' के रूप में याद किया जाता है।
फैंस की प्रतिक्रिया
रीयूनियन की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस की नॉस्टेल्जिक प्रतिक्रियाओं का सैलाब आ गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेलीविजन के 'K-युग' के क्लासिक शोज को लेकर फिर से नई पीढ़ी में रुचि बढ़ रही है। इस रीयूनियन ने एक बार फिर साबित किया कि असली कलाकारी की कोई 'एक्सपायरी डेट' नहीं होती।