पितृ विसर्जन पर भावुक हुईं कंगना रनौत, परदादा सरजू सिंह को किया याद — 'थैंक यू दादाजी'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री कंगना रनौत ने 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या (महालया अमावस्या या पितृ विसर्जन) के अवसर पर अपने परदादा सरजू सिंह रनौत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज वे जो कुछ भी हैं, उसकी नींव उनके परदादा ने ही रखी थी और उन्हीं की वजह से उनमें इतना आत्मविश्वास है।
इंस्टाग्राम पर साझा की परदादा की आखिरी तस्वीर
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर सरजू सिंह रनौत की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की और उसके साथ एक भावुक संदेश लिखा। उन्होंने लिखा, 'पितृ पक्ष चल रहा है तो ये मेरे परदादा की आखिरी तस्वीर है, जब 102 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था।' तस्वीर के साथ जुड़े शब्दों ने उनके परदादा के साथ बिताए बचपन के पलों को जीवंत कर दिया।
बचपन की यादें और 'मेन कैरेक्टर एनर्जी'
कंगना ने अपने परदादा के साथ की स्मृतियाँ साझा करते हुए बताया कि जब वे छोटी थीं, तब 'दादाजी ने उन्हें गोद ले लिया था'। उन्होंने लिखा कि दादाजी सुबह उन्हें जगाने के लिए गाना गाते थे, लैंडलाइन फोन आने पर उन्हें अपनी 'सेक्रेटरी' बनाकर खेलने देते थे, और हँसते हुए बुद्ध की तरह हँसते थे — जिनके हिलते हुए पेट पर वे खेला करती थीं।
अभिनेत्री ने आगे लिखा, 'मेरे परदादा ने हमेशा मुझे मेन कैरेक्टर वाली एनर्जी दी, जो आज मुझमें है। उन्होंने मुझे हमेशा देखा, सुना और प्यार महसूस कराया।' उन्होंने यह भी बताया कि जब सरजू सिंह का निधन हुआ, तब वे फिल्म 'तनु वेड्स मनु' की शूटिंग कर रही थीं। पोस्ट का समापन उन्होंने लिखा — 'थैंक यू दादाजी।'
स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक योगदान
कंगना के परदादा सरजू सिंह रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की त्रिफालघाट विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक रह चुके थे। ब्रिटिश शासन के दौरान उन्होंने सरकारी हेड क्लर्क की नौकरी छोड़ दी थी और महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे।
गौरतलब है कि वे अपने गाँव के एकमात्र व्यक्ति थे जो उस दौर में अंग्रेज़ी जानते थे और अपने प्रयासों से गाँव में बिजली लेकर आए थे — यह उनकी सामाजिक दूरदृष्टि का प्रमाण है।
पितृ पक्ष और श्रद्धांजलि का संदर्भ
हिंदू परंपरा में सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है, जब सभी पूर्वजों को एक साथ स्मरण किया जाता है। कंगना की यह भावुक पोस्ट उसी पावन अवसर पर आई, जिसे सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों ने खूब सराहा।
यह पहली बार नहीं है जब कंगना ने अपने परिवार और पारिवारिक विरासत को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया हो — वे अपनी हिमाचली जड़ों और परिवार की राष्ट्रीय चेतना पर हमेशा गर्व व्यक्त करती आई हैं। यह भावपूर्ण श्रद्धांजलि उनकी उस विरासत को एक बार फिर रेखांकित करती है।