10 अक्टूबर 2026
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पितृ विसर्जन पर भावुक हुईं कंगना रनौत, परदादा सरजू सिंह को किया याद — 'थैंक यू दादाजी'

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पितृ विसर्जन पर भावुक हुईं कंगना रनौत, परदादा सरजू सिंह को किया याद — 'थैंक यू दादाजी'

सारांश

पितृ विसर्जन के मौके पर कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर परदादा सरजू सिंह रनौत की तस्वीर साझा की और बचपन की यादें ताज़ा कीं। 102 साल की उम्र तक जीए स्वतंत्रता सेनानी और विधायक दादाजी को उन्होंने अपनी 'मेन कैरेक्टर एनर्जी' का स्रोत बताया।

मुख्य बातें

कंगना रनौत ने 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या पर परदादा सरजू सिंह रनौत को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर परदादा की आखिरी तस्वीर पोस्ट की; 102 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ था।
सरजू सिंह रनौत हिमाचल प्रदेश की त्रिफालघाट विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक और स्वतंत्रता सेनानी थे।
उन्होंने ब्रिटिश सरकार की हेड क्लर्क की नौकरी छोड़ कर महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था।
कंगना ने लिखा कि जब परदादा का निधन हुआ, तब वे फिल्म 'तनु वेड्स मनु' की शूटिंग कर रही थीं।

अभिनेत्री कंगना रनौत ने 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या (महालया अमावस्या या पितृ विसर्जन) के अवसर पर अपने परदादा सरजू सिंह रनौत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज वे जो कुछ भी हैं, उसकी नींव उनके परदादा ने ही रखी थी और उन्हीं की वजह से उनमें इतना आत्मविश्वास है।

इंस्टाग्राम पर साझा की परदादा की आखिरी तस्वीर

कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर सरजू सिंह रनौत की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की और उसके साथ एक भावुक संदेश लिखा। उन्होंने लिखा, 'पितृ पक्ष चल रहा है तो ये मेरे परदादा की आखिरी तस्वीर है, जब 102 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था।' तस्वीर के साथ जुड़े शब्दों ने उनके परदादा के साथ बिताए बचपन के पलों को जीवंत कर दिया।

बचपन की यादें और 'मेन कैरेक्टर एनर्जी'

कंगना ने अपने परदादा के साथ की स्मृतियाँ साझा करते हुए बताया कि जब वे छोटी थीं, तब 'दादाजी ने उन्हें गोद ले लिया था'। उन्होंने लिखा कि दादाजी सुबह उन्हें जगाने के लिए गाना गाते थे, लैंडलाइन फोन आने पर उन्हें अपनी 'सेक्रेटरी' बनाकर खेलने देते थे, और हँसते हुए बुद्ध की तरह हँसते थे — जिनके हिलते हुए पेट पर वे खेला करती थीं।

अभिनेत्री ने आगे लिखा, 'मेरे परदादा ने हमेशा मुझे मेन कैरेक्टर वाली एनर्जी दी, जो आज मुझमें है। उन्होंने मुझे हमेशा देखा, सुना और प्यार महसूस कराया।' उन्होंने यह भी बताया कि जब सरजू सिंह का निधन हुआ, तब वे फिल्म 'तनु वेड्स मनु' की शूटिंग कर रही थीं। पोस्ट का समापन उन्होंने लिखा — 'थैंक यू दादाजी।'

स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक योगदान

कंगना के परदादा सरजू सिंह रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की त्रिफालघाट विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक रह चुके थे। ब्रिटिश शासन के दौरान उन्होंने सरकारी हेड क्लर्क की नौकरी छोड़ दी थी और महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे।

गौरतलब है कि वे अपने गाँव के एकमात्र व्यक्ति थे जो उस दौर में अंग्रेज़ी जानते थे और अपने प्रयासों से गाँव में बिजली लेकर आए थे — यह उनकी सामाजिक दूरदृष्टि का प्रमाण है।

पितृ पक्ष और श्रद्धांजलि का संदर्भ

हिंदू परंपरा में सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है, जब सभी पूर्वजों को एक साथ स्मरण किया जाता है। कंगना की यह भावुक पोस्ट उसी पावन अवसर पर आई, जिसे सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों ने खूब सराहा।

यह पहली बार नहीं है जब कंगना ने अपने परिवार और पारिवारिक विरासत को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया हो — वे अपनी हिमाचली जड़ों और परिवार की राष्ट्रीय चेतना पर हमेशा गर्व व्यक्त करती आई हैं। यह भावपूर्ण श्रद्धांजलि उनकी उस विरासत को एक बार फिर रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनका यह पारिवारिक आख्यान उनकी छवि के एक कम चर्चित पहलू को उजागर करता है। यह उल्लेखनीय है कि उनके परदादा कांग्रेस के विधायक और गांधीवादी स्वतंत्रता सेनानी थे — जबकि कंगना स्वयं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद हैं। यह वैचारिक विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने पितृ विसर्जन पर किसे याद किया?
कंगना रनौत ने सर्वपितृ अमावस्या पर अपने परदादा सरजू सिंह रनौत को याद किया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनकी आखिरी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें अपने जीवन की प्रेरणा बताया।
सरजू सिंह रनौत कौन थे?
सरजू सिंह रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की त्रिफालघाट विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने ब्रिटिश सरकार की हेड क्लर्क की नौकरी छोड़कर महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था और 102 वर्ष की आयु तक जीए।
कंगना ने परदादा के बारे में क्या लिखा?
कंगना ने लिखा कि दादाजी सुबह गाना गाकर उन्हें जगाते थे, लैंडलाइन पर उन्हें 'सेक्रेटरी' बनाते थे और माता-पिता के सख्त होने पर उन्हें डाँटते भी थे। उन्होंने कहा कि परदादा ने उन्हें 'मेन कैरेक्टर एनर्जी' दी और अंत में 'थैंक यू दादाजी' लिखकर पोस्ट समाप्त की।
सर्वपितृ अमावस्या क्या होती है?
सर्वपितृ अमावस्या को महालया अमावस्या या पितृ विसर्जन भी कहते हैं। यह हिंदू पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है, जिस दिन सभी पूर्वजों को एक साथ स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
कंगना के परदादा का निधन कब और किस परिस्थिति में हुआ?
सरजू सिंह रनौत का निधन 102 वर्ष की आयु में हुआ। कंगना के अनुसार, उस समय वे फिल्म 'तनु वेड्स मनु' की शूटिंग कर रही थीं और उनके परदादा को उन पर बहुत गर्व था।
राष्ट्र प्रेस
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