<b>कविता कौशिक</b> ने 'कप्तान' में अपने किरदार के लिए मेहनत न करने का कारण साझा किया
सारांश
Key Takeaways
- कविता कौशिक ने अपने किरदार में ढलने में आसानी का अनुभव किया।
- उनका पुलिस परिवार इस भूमिका को निभाने में सहायक रहा।
- सीरीज के लिए हां कहना उनके लिए आसान था।
- महिला पुलिस अधिकारियों को अधिक महत्व दिए जाने की आवश्यकता है।
- कविता ने अपनी टीम की सराहना की।
मुंबई, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एक्शन-क्राइम ड्रामा वेब श्रृंखला 'कप्तान' ओटीटी पर उपलब्ध है। यह श्रृंखला ज्वालाबाद शहर में एसएसपी समरदीप सिंह की यात्रा को दर्शाती है। इसमें साकिब सलीम, सिद्धार्थ निगम, कविता कौशिक और अंजुम शर्मा जैसे अनुभवी कलाकार शामिल हैं।
कविता कौशिक ने इस श्रृंखला में डीएसपी प्रीत का किरदार निभाया है, जो एक कठोर महिला पुलिस अधिकारी की भूमिका में हैं। अभिनेत्री का कहना है कि उन्हें इस किरदार में ढलने में कोई कठिनाई नहीं हुई।
उन्होंने हाल ही में राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "मुझे अपने किरदार के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ी क्योंकि मेरा परिवार पुलिस से जुड़ा है। मेरे पिता एक पुलिस अधिकारी थे और मैंने इसी माहौल में बड़ी हुई हूं। यह भूमिका मेरे लिए स्वाभाविक थी। चाहे चंद्रमुखी चौटाला का किरदार हो या डीएसपी प्रीत, पुलिस वाली बात मेरी परफॉर्मेंस में स्वतः ही दिखाई देती है।"
कविता ने पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, "हमारे पास एक उत्कृष्ट निर्देशक, शानदार प्रोड्यूसर्स और बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। हमारी कास्ट भी अद्भुत है। सब कुछ सही लग रहा था, इसलिए इस श्रृंखला के लिए हां कहना मेरे लिए आसान था।"
अभिनेत्री ने कठिन शूटिंग के अनुभव के बारे में चर्चा करते हुए कहा, "सच कहूं, तो मुझे सीन शूट करने में कोई समस्या नहीं हुई। अगर मैं इसे कठिन कहूंगी, तो यह अन्य कलाकारों के प्रति अन्याय होगा। वे बेहद कठिन परिस्थितियों में भी शानदार एक्शन सीन कर रहे थे। उनके अनुशासन और समर्पण ने मुझे प्रेरित किया। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। मेरी भूमिका उनके मुकाबले काफी आरामदायक थी।"
पुलिस ड्रामा में अक्सर महिला अधिकारियों को कम महत्व दिया जाता है। इस पर कविता ने स्पष्टता से कहा, "मैंने अपने करियर में कभी भी खुद को नजरअंदाज नहीं महसूस किया। मैं जो अवसर पाती हूं, उसका पूरा लाभ उठाती हूं। अधिक स्क्रीन टाइम के लिए मैं नहीं लड़ती। मेरा मुख्य ध्यान अपने काम के प्रभाव पर रहता है।"