क्या कविता कृष्णमूर्ति ने आवाज से पहचान बनाई और रिश्तों से मिसाल स्थापित की?
सारांश
Key Takeaways
- कविता कृष्णमूर्ति की आवाज ने उन्हें पहचान दिलाई।
- उन्होंने गायकी में 45 भाषाओं में गाने गाए।
- कविता की व्यक्तिगत जीवन कहानी भी प्रेरणादायक है।
- उनका प्रेम कहानी में समर्पण और सच्चाई है।
- कविता ने अपने जीवन में चुनौतियों का सामना किया।
मुंबई, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 'साजन जी घर आए', 'बोल चूड़िया', 'अलबेला सजन' और 'छाया है जो दिल पर' जैसे रोमांटिक गाने आज भी लोगों की जुबान पर ताजा हैं। क्योंकि इन गानों को गाने वाली कविता कृष्णमूर्ति ने केवल गीत नहीं गाए, बल्कि उन्हें अपने जीवन में अनुभव किया है।
कविता कृष्णमूर्ति अपनी बहुपरकारी गायकी और मधुर आवाज के लिए जानी जाती हैं। हिंदी सिनेमा में कई रोमांटिक गानों का योगदान देने वाली कविता की व्यक्तिगत जीवन कहानी भी किसी फिल्मी लव स्टोरी से कम नहीं है।
कविता ने 45 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाए हैं और उन्होंने 8 साल की उम्र में यह सिद्ध कर दिया था कि संगीत उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है। अपनी आंटी के कहने पर उन्होंने संगीत सीखने का निर्णय लिया। 25 जनवरी 1958 को तमिल परिवार में जन्मी कविता ने बलराम पुरी से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली और मात्र 8 साल की उम्र में अपनी आवाज से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कविता की किस्मत 1971 में चमकी, जब उन्हें लता मंगेशकर के साथ एक बंगाली फिल्म में गाने का अवसर मिला। गायक हेमंत कुमार उनकी आवाज के दीवाने हो गए और कई लाइव परफॉर्मेंस के बाद हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती ने उनकी मुलाकात संगीत निर्देशक लक्ष्मीकांत से कराई। लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल की जोड़ी के साथ उन्होंने फिल्म 'मिस्टर इंडिया' का 'हवा-हवाई' गीत गाया, जिसके बाद उनकी किस्मत पूरी तरह बदल गई। 90 के दशक में कविता बड़े प्लेबैक सिंगर्स में शामिल हो गईं।
इसी बीच, कविता का दिल चार बच्चों के पिता डॉ. एल. सुब्रमण्यम पर आ गया। उनकी पहली मुलाकात एक संगीत समारोह में हुई थी। दोनों ने साथ में एक गाना किया और कविता ने सुब्रमण्यम के बच्चों का बहुत ध्यान रखा। यही कारण था कि उनका रिश्ता इतना मजबूत हुआ।
डॉ. एल. सुब्रमण्यम की पहली पत्नी का निधन हो चुका था, और उनके लिए चार बच्चों के साथ करियर को संभालना मुश्किल हो रहा था। कविता ने बिना किसी शिकायत के बच्चों का ध्यान रखा, जिसके बाद 1999 में उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। आज कविता अपनी कोई संतान नहीं होने के बावजूद संगीतकार के बच्चों के साथ खुशी-खुशी रह रही हैं।