मनोज मुंतशिर की 26वीं शादी की सालगिरह: पत्नी नीलम को बताया 'सबसे बेहतरीन दोस्त', लिखा भावुक नोट
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने 5 अक्टूबर 2025 को अपनी 26वीं शादी की सालगिरह के मौके पर पत्नी नीलम मुंतशिर के लिए इंस्टाग्राम पर एक भावुक और प्रेमपूर्ण संदेश साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने नीलम को अपना सबसे अच्छा दोस्त करार देते हुए तीन दशकों की साझेदारी को याद किया।
भावुक पोस्ट में क्या लिखा
मनोज ने इंस्टाग्राम पर पत्नी नीलम के साथ कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें दोनों एक-दूसरे के साथ खुशनुमा पलों में नज़र आ रहे हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'दोस्ती प्यार में बदल जाये, प्यार शादी में, अच्छी बात है लेकिन शादी के बाद भी दोस्ती कायम रह जाये, ये अजूबा तो बस कभी-कभी होता है। मैं भाग्यशाली हूं, कि मेरे साथ ये अजूबा हुआ।' उन्होंने आगे लिखा, '30 साल पहले तुम मेरी दोस्त बनी, फिर मेरा प्यार, फिर पत्नी और आखिर में फिर से दोस्त। जिन्दगी जितनी भी बाकी है, इस दोस्ती के सहारे गुजर जाएगी। मुझे जीवन भर बिना शर्त प्यार करने के लिए, तुम्हें बहुत सा प्यार। जन्म दिन की बधाइयां नीलम मुंतशिर। जुग-जुग जियो।'
मनोज और नीलम की जोड़ी
मनोज मुंतशिर और नीलम मुंतशिर की शादी 5 अक्टूबर 1999 को हुई थी। नीलम स्वयं एक प्रतिष्ठित लेखिका हैं, जिन्होंने फिल्मों और संगीत जगत में अपनी रचनाशीलता का लोहा मनवाया है। 2023 में रिलीज़ हुए गीत 'वंदे भारतम' समेत कई उल्लेखनीय परियोजनाओं में उनकी लेखनी को खूब सराहा गया। इस जोड़े की दोस्ती, प्रेम और वैवाहिक जीवन की यात्रा हिंदी साहित्य और सिनेमा जगत में एक अनूठी मिसाल मानी जाती है।
करियर और व्यक्तिगत जीवन का संघर्ष
मनोज ने एक बार एक लोकप्रिय टीवी शो में यह खुलासा किया था कि उनकी एक पहले की शादी टूट गई थी, क्योंकि उन्होंने अपने पहले प्यार की जगह करियर को प्राथमिकता दी थी। उन्होंने बताया था कि शादी की सारी तैयारियाँ हो चुकी थीं, कार्ड तक छप चुके थे, लेकिन जब लड़की के भाई ने करियर के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि वे गीतकार बनेंगे। उन्होंने कहा था, 'झूठ नहीं बोलूंगा लेकिन मुझे जिंदगीभर गानों के बोल लिखने हैं।' इस ईमानदारी की कीमत उन्हें उस रिश्ते से चुकानी पड़ी — 'शादी और राइटिंग के बीच च्वाइस थी और मैंने राइटिंग चुनी।'
मनोज मुंतशिर का सफर
उत्तर प्रदेश के अमेठी में पले-बढ़े मनोज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक किया और फिर अपने सपनों को पंख देने के लिए मुंबई का रुख किया। गीतकार और संवाद लेखक के रूप में उन्होंने 'बाहुबली: द बिगनिंग', 'बाहुबली: द कंक्लूजन' (हिंदी संस्करण), 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी', 'कबीर सिंह', 'केसरी' और 'एक विलेन' जैसी बड़ी फिल्मों में अपनी लेखनी की छाप छोड़ी। आने वाले समय में भी उनके नए प्रोजेक्ट्स से उनके प्रशंसकों को उम्मीदें बनी हुई हैं।