मनोज मुंतशिर का जन्मदिन: संघर्ष से सफलता की ओर, रोमांटिक गानों के बादशाह
सारांश
Key Takeaways
- मनोज मुंतशिर ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी।
- उन्होंने 39 गाने लिखने के बाद 40वें गाने पर सफलता पाई।
- उनके गाने देशभक्ति और टूटे दिल की भावनाओं को दर्शाते हैं।
- मनोज का सफर संघर्षों से भरा रहा है।
- उन्होंने कई रोमांटिक गाने दिए हैं जो आज भी श्रोताओं के दिलों में बसे हैं।
मुंबई, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। टेलीविजन, पटकथा लेखक और प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर को कौन नहीं जानता? उनके सफर ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई है, जिसमें 'बाहुबली' से लेकर 'तेरी मिट्टी में मिल जावां' जैसे गाने शामिल हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि उनका यह सफर आसान नहीं रहा?
मनोज ने 39 गाने लिखने के बाद अपने 40वें गाने पर सफलता पाई। 'तेरी मिट्टी' और 'तेरी गलियां' जैसे गाने लिखकर उन्होंने ख्याति हासिल की। उन्होंने अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना किया, और 'तेरी गलियां' उनके लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिससे उन्हें पहली बार बॉलीवुड में पहचान मिली।
27 फरवरी को जन्मे मनोज के गानों में हमेशा देशभक्ति और टूटे दिल की कसक दिखती है। उन्होंने 'तेरी मिट्टी' के कुछ बोल आज तक नहीं बताए, बल्कि उन्हें अपने तकिए के नीचे छिपा रखा है। बी प्रॉक द्वारा गाया 'तेरी मिट्टी' का एक हिस्सा आज भी उनके दिल में बसा हुआ है।
मनोज ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन में लेखन से की थी, लेकिन उनकी कवि की पहचान बचपन से ही बन चुकी थी। उन्होंने 2005 में रियलिटी शो केबीसी के लिए गीत लिखे और पारिवारिक सीरियल की स्क्रिप्ट भी लिखी।
उनकी लेखनी में गहरी भावनाएं हैं, जैसे कि: 'हर फैसला होता नहीं सिक्का उछाल के, यह दिल का मामला है जरा देख संभाल के...'। छोटे उम्र में उन्होंने प्रेम पत्र लिखे, लेकिन जो दर्द उन्हें मिला, उसने उनके लेखन को और भी गहरा बना दिया। उन्होंने हिंदी सिनेमा को 'कौन तुझे यूं प्यार करेगा', 'तेरे संग यारा', 'मैं फिर भी तुझको चाहूंगा' जैसे कई रोमांटिक गाने दिए हैं।