मुखर्जी परिवार की दुर्गा पूजा: 80 साल की परंपरा, तनुजा और तनीषा ने सभी को दिया न्योता
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री तनुजा मुखर्जी और उनका परिवार इस वर्ष दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर एक ऐतिहासिक मील के पत्थर पर पहुँचा — मुंबई में उनके पारिवारिक पंडाल को माँ दुर्गा का स्वागत करते हुए 80 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस भव्य उत्सव में अभिनेत्री काजोल, रानी मुखर्जी, तनीषा मुखर्जी और परिवार के अन्य सदस्य माँ दुर्गा के दरबार में उपस्थित हुए।
आठ दशकों की अटूट परंपरा
मुखर्जी परिवार की यह दुर्गा पूजा मुंबई में बॉलीवुड की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित पूजाओं में से एक मानी जाती है। तनुजा मुखर्जी ने इस अवसर पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, "हम लोगों को माता रानी का स्वागत करते हुए 80 साल होने जा रहे हैं, तो हमारे लिए यह बहुत बड़ी बात है कि दुर्गा मां 80 साल से हमारे साथ हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि इस बार माता रानी के पंडाल को पहले से कहीं अधिक भव्य रूप से सजाया गया है।
गौरतलब है कि यह परंपरा उस दौर से चली आ रही है जब भारत आज़ाद भी नहीं हुआ था — यानी यह पूजा देश की आज़ादी से भी पहले की है, जो इसे सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
तनुजा का सभी को आमंत्रण
वरिष्ठ अभिनेत्री तनुजा ने सभी श्रद्धालुओं और प्रशंसकों को माता रानी के पंडाल में आकर आशीर्वाद लेने का खुला न्योता दिया। उन्होंने कहा, "माता रानी का आगमन भव्य ही होना चाहिए, क्योंकि माता रानी जितने भव्य तरीके से आएंगी उतना ही अच्छा होगा।" तनुजा ने अपने संदेश में माँ के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि चाहे दुर्गा माँ हों या किसी की भी माँ — उनका आदर सभी को करना चाहिए।
तनीषा की खास भावुक प्रतिक्रिया
अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी ने इस 80वें वर्ष को भारत की आज़ादी से जोड़ते हुए एक भावपूर्ण तुलना की। उन्होंने कहा, "इस बार हमें दुर्गा मां को लाते हुए 80 साल हो रहे हैं और यह हम सभी के लिए बहुत खास है, क्योंकि भारत को आज़ादी भी लगभग 80 साल पहले मिली थी। मुझे लगता है कि हम दोनों एक साथ बढ़ रहे हैं।" उन्होंने बताया कि इस बार अष्टमी के दो दिन पड़ रहे हैं, जो उत्सव को और अधिक विशेष बनाता है।
तनीषा ने यह भी जोड़ा कि इस पूजा को देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं और इस वर्ष भी अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
मुखर्जी परिवार और बॉलीवुड का सांस्कृतिक संगम
यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में बड़े पैमाने पर दुर्गा पूजा का आयोजन तेज़ी से बढ़ रहा है और बंगाली हिंदी संस्कृति का संगम बॉलीवुड के माध्यम से और व्यापक दर्शकों तक पहुँच रहा है। मुखर्जी परिवार की यह पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव बन चुकी है जिसमें हर वर्ग और समुदाय के लोग शामिल होते हैं।
काजोल और रानी मुखर्जी जैसी बॉलीवुड की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति इस पूजा को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाती है। आने वाले वर्षों में भी यह परंपरा इसी भव्यता के साथ जारी रहने की उम्मीद है।