6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रणवीर सिंह का संघर्ष: कॉपीराइटर से बॉलीवुड सुपरस्टार तक का सफर, 'धुरंधर' ने फिर दिलाई पहचान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रणवीर सिंह का संघर्ष: कॉपीराइटर से बॉलीवुड सुपरस्टार तक का सफर, 'धुरंधर' ने फिर दिलाई पहचान

सारांश

कभी अमेरिका में पार्ट-टाइम काम कर गुज़ारा करने वाले और भारत में कॉपीराइटर की नौकरी करने वाले रणवीर सिंह आज 'धुरंधर' में अपनी भूमिका से फिर सुर्खियों में हैं। 40वें जन्मदिन की दहलीज़ पर खड़े इस अभिनेता का सफर बताता है कि बॉलीवुड का सबसे ऊर्जावान सितारा कभी बेहद सामान्य ज़िंदगी जीता था।

मुख्य बातें

रणवीर सिंह का जन्म 6 जुलाई 1985 को मुंबई के एक सिंधी परिवार में हुआ।
उन्होंने अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी ब्लूमिंगटन से टेली-कम्युनिकेशन और थिएटर में पढ़ाई की; कॉलेज के दौरान पार्ट-टाइम काम किया।
भारत लौटने के बाद विज्ञापन एजेंसियों में कॉपीराइटर के रूप में काम किया, फिर नौकरी छोड़ ऑडिशन देना शुरू किया।
2010 में यश राज फिल्म्स की 'बैंड बाजा बारात' से डेब्यू; फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
'धुरंधर' (निर्देशक: आदित्य धर ) में हालिया भूमिका की व्यापक सराहना।

अभिनेता रणवीर सिंह आज हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित और सफल चेहरों में शुमार हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुँचने की राह न तो सीधी थी और न ही आसान। निर्देशक आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' में उनकी भूमिका की जमकर तारीफ हो रही है — मगर यह वही रणवीर हैं जो कभी कॉलेज की फीस और रोज़मर्रा के खर्च निकालने के लिए पार्ट-टाइम काम किया करते थे। परदे पर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस अभिनेता का असली सफर संघर्ष, जुनून और अदम्य इच्छाशक्ति की कहानी है।

शुरुआती जीवन और शिक्षा

रणवीर सिंह का जन्म 6 जुलाई 1985 को मुंबई के एक सिंधी परिवार में हुआ। बचपन से ही फिल्मों और रंगमंच के प्रति उनका लगाव गहरा था — स्कूल के दिनों में वे नाटकों और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उच्च शिक्षा के लिए वे अमेरिका की प्रतिष्ठित इंडियाना यूनिवर्सिटी ब्लूमिंगटन गए, जहाँ उन्होंने टेली-कम्युनिकेशन और थिएटर में पढ़ाई की।

यह ऐसे समय में आया जब भारतीय परिवारों में विदेश जाकर 'सुरक्षित करियर' बनाने का चलन था — लेकिन रणवीर ने थिएटर को चुना, जो खुद में एक साहसिक निर्णय था।

पार्ट-टाइम काम से कॉपीराइटिंग तक

अमेरिका में पढ़ाई के दौरान रणवीर का जीवन बेहद सामान्य और संघर्षपूर्ण था। खर्च चलाने के लिए उन्होंने पार्ट-टाइम नौकरियाँ कीं और साथ-साथ थिएटर से अभिनय की बारीकियाँ भी सीखते रहे — जिसने उनके आत्मविश्वास को नई धार दी।

भारत लौटने के बाद उन्होंने सीधे फिल्म इंडस्ट्री का दरवाज़ा नहीं खटखटाया। पहले उन्होंने मशहूर विज्ञापन एजेंसियों में कॉपीराइटर के रूप में काम किया — क्रिएटिव आइडिया गढ़े, विज्ञापन लिखे। इस अनुभव ने उनकी रचनात्मक सोच को और पैना किया, लेकिन अभिनेता बनने का सपना उन्हें चैन नहीं लेने देता था। आखिरकार उन्होंने नौकरी छोड़ दी और ऑडिशन के रास्ते पर चल पड़े।

करियर का टर्निंग पॉइंट: 'बैंड बाजा बारात'

कई ऑडिशन और लंबे इंतज़ार के बाद 2010 में यश राज फिल्म्स की फिल्म 'बैंड बाजा बारात' ने उनकी किस्मत बदल दी। दिल्ली के चुलबुले और महत्वाकांक्षी लड़के बिट्टू शर्मा का किरदार निभाकर उन्होंने दर्शकों और आलोचकों दोनों का दिल जीत लिया। यह फिल्म उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुई और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।

गौरतलब है कि यह वह दौर था जब नए चेहरों के लिए बड़े बैनर की फिल्म में सीधे मुख्य भूमिका पाना असाधारण माना जाता था।

फिल्मोग्राफी और उपलब्धियाँ

'बैंड बाजा बारात' के बाद रणवीर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'लेडीज वर्सेस रिकी बहल', 'लुटेरा', 'गोलियों की रासलीला राम-लीला', 'बाजीराव मस्तानी', 'पद्मावत', 'गली बॉय' और 'सिम्बा' जैसी फिल्मों में उन्होंने हर बार अपने अभिनय का नया आयाम पेश किया। हर किरदार में उन्होंने खुद को पूरी तरह झोंक दिया।

आज वे भारत के सर्वाधिक पारिश्रमिक पाने वाले अभिनेताओं में शामिल हैं और उनकी फैन फॉलोइंग देश की सीमाओं से परे विदेशों तक फैली है। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार उनकी अलमारी की शोभा बढ़ा चुके हैं।

आगे क्या

'धुरंधर' में उनके प्रदर्शन की सराहना के बाद दर्शकों की नज़रें अब उनकी अगली परियोजनाओं पर टिकी हैं। 6 जुलाई 2025 को 40 वर्ष के होने जा रहे रणवीर का यह सफर बताता है कि पार्ट-टाइम काम से शुरू हुई यात्रा, सही जुनून और मेहनत के साथ, बॉलीवुड के शिखर तक पहुँच सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न महज़ 'फिल्मी पृष्ठभूमि।' यह भी उल्लेखनीय है कि थिएटर और विज्ञापन लेखन का संयोजन उनकी स्क्रीन पर दिखने वाली ऊर्जा और किरदार की समझ में साफ़ झलकता है। 'धुरंधर' की सराहना यह भी संकेत देती है कि दर्शक उनसे 'मास एंटरटेनर' से परे गहरे किरदारों की उम्मीद रखने लगे हैं — जो उनके करियर के अगले अध्याय के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणवीर सिंह ने बॉलीवुड से पहले क्या काम किया था?
रणवीर सिंह ने बॉलीवुड में कदम रखने से पहले विज्ञापन एजेंसियों में कॉपीराइटर के रूप में काम किया था। इससे पहले अमेरिका में पढ़ाई के दौरान वे खर्च चलाने के लिए पार्ट-टाइम नौकरियाँ भी करते थे।
रणवीर सिंह ने कहाँ से पढ़ाई की?
रणवीर सिंह ने अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी ब्लूमिंगटन से टेली-कम्युनिकेशन और थिएटर में पढ़ाई की। इसी दौरान उन्होंने रंगमंच से अभिनय की बारीकियाँ सीखीं।
रणवीर सिंह की पहली बड़ी फिल्म कौन सी थी?
रणवीर सिंह की पहली बड़ी फिल्म 2010 में आई यश राज फिल्म्स की 'बैंड बाजा बारात' थी। इस फिल्म में बिट्टू शर्मा के किरदार ने उन्हें रातोंरात पहचान दिलाई और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
फिल्म 'धुरंधर' में रणवीर सिंह की क्या भूमिका है?
निर्देशक आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' में रणवीर सिंह की भूमिका को दर्शकों और आलोचकों ने काफी सराहा है। यह फिल्म उनके करियर की ताज़ा चर्चित प्रस्तुति है।
रणवीर सिंह का जन्म कब और कहाँ हुआ?
रणवीर सिंह का जन्म 6 जुलाई 1985 को मुंबई के एक सिंधी परिवार में हुआ। बचपन से ही उनका रुझान अभिनय और रंगमंच की ओर था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले