सोनू सूद ने मां सरोज सूद की 19वीं पुण्यतिथि पर शेयर किया भावुक संदेश
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता सोनू सूद ने 13 अक्टूबर 2026 को अपनी दिवंगत मां सरोज सूद की 19वीं पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पुरानी तस्वीरों के साथ एक इमोशनल पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने माँ की यादों को ताज़ा करते हुए लिखा कि उनके जाने के बाद ज़िंदगी कभी पहले जैसी नहीं रही।
भावुक संदेश में क्या लिखा
सोनू सूद ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'आज मां को गुजरे 19 साल हो गए हैं। मां, आपके बिना जिंदगी कभी पहले जैसी नहीं रही। किसी दिन फिर मिलेंगे, बहुत बहुत याद आती है तुम्हारी।' इस पोस्ट में उन्होंने माँ के साथ की कई पुरानी और यादगार तस्वीरें भी साझा कीं।
अभिनेता ने यह भी बताया कि माँ के जाने के बाद उनकी ज़िंदगी में कई गहरे बदलाव आए थे, और उनकी प्रेरणा ने ही उन्हें मुश्किल दौर में आगे बढ़ाया।
सरोज सूद: एक प्रोफेसर माँ की विरासत
सरोज सूद पेशे से एक प्रोफेसर थीं और पंजाब के मोगा में रहती थीं। बताया जाता है कि सोनू सूद के फिल्मी करियर को आकार देने में उनकी माँ की भूमिका अहम रही — उन्होंने कठिन समय में बेटे को प्रेरित किया और सही दिशा दिखाई।
उनका निधन वर्ष 2007 में हो गया था। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए मोगा (पंजाब) में एक सड़क का नाम 'प्रोफेसर सरोज सूद रोड' रखा गया है — यही वह रास्ता था जिससे वे रोज़ाना घर से कॉलेज और कॉलेज से घर आती-जाती थीं।
समाजसेवा और फिल्मी सफर
सोनू सूद पिछले कई वर्षों से सक्रिय सामाजिक कार्यों के लिए पहचाने जाते हैं। उन्हें हाल ही में फिल्म 'फतेह' में देखा गया, जिसका निर्देशन और लेखन स्वयं उन्होंने किया और वे मुख्य भूमिका में भी रहे।
फिल्म में जैकलीन फर्नांडिस, नसीरुद्दीन शाह, विजय राज, शिव ज्योति राजपूत और दिब्येंदु भट्टाचार्य ने भी अहम भूमिकाएँ निभाईं।
फतेह की कहानी
फिल्म की कहानी फतेह नामक एक पूर्व स्पेशल ऑप्स अधिकारी के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो मोगा गाँव में शांत जीवन बिता रहा होता है। जब उसकी मुँहबोली बहन एक ऑनलाइन साइबर फ्रॉड और लोन ऐप के जाल में फँस जाती है, तो वह पूरे साइबर माफिया सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए दोबारा मैदान में उतरता है। हैकर की भूमिका में जैकलीन फर्नांडिस उसका साथ देती हैं।
माँ की पुण्यतिथि पर यह भावुक पोस्ट दर्शाती है कि सोनू सूद के लिए उनकी माँ की यादें और उनसे मिला संस्कार आज भी उनके व्यक्तित्व की नींव हैं।