सुनीता आहूजा ने चैट शो में गोविंदा को बताया था 'बेहतरीन पति', अब तलाक याचिका वापस
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा इन दिनों अपने वैवाहिक विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब सुनीता ने सार्वजनिक मंच पर खुलकर कहा था कि गोविंदा जैसा पति पाना उनके लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं। यह बात उन्होंने लोकप्रिय चैट शो 'रॉन्डिवू विद सिमी गरेवाल' में कही थी।
चैट शो में क्या हुआ था
जब गोविंदा और सुनीता आहूजा वरिष्ठ अभिनेत्री सिमी ग्रेवाल के चर्चित शो में पहुँचे, तो सिमी ने सुनीता से सीधा सवाल किया — गोविंदा से शादी करने की सबसे अच्छी बात क्या है? इस पर सुनीता ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा, 'असल में वह बहुत अच्छे इंसान हैं। वह कभी झूठ नहीं बोलते।'
यह सुनकर गोविंदा हँसने लगे, जिस पर सुनीता ने चुटकी लेते हुए कहा, 'हँसिए मत, नहीं तो मैं सच बोल दूँगी।' जब सिमी ग्रेवाल ने पूछा कि क्या वह सच नहीं बोल रहीं, तो सुनीता ने स्पष्ट किया कि यह महज़ मज़ाक था।
इसके बाद सुनीता ने गंभीर होते हुए कहा, 'वह बहुत अच्छे पति हैं। मैं झूठ नहीं बोल रही हूँ। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूँ कि मुझे उनके जैसा पति मिला।' उस शो में दिखी यह जोड़ी उस वक्त बेहद प्रेमपूर्ण नज़र आई थी।
तलाक याचिका और कोर्ट का निर्देश
सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की थी। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने दोनों को काउंसलिंग सत्रों में भाग लेने का निर्देश दिया था, हालाँकि कथित तौर पर गोविंदा इन सत्रों में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे।
गौरतलब है कि 19 अगस्त को सुनीता ने स्वयं कोर्ट जाकर यह याचिका वापस ले ली। इसकी पुष्टि गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने करते हुए कहा, 'सुनीता जी ने जो याचिका पहले अदालत में दाखिल की थी, उसे वापस लेने के लिए वह खुद कोर्ट गई थीं।'
कोमल रानी स्वर्णकार विवाद और सोशल मीडिया पोस्ट
इससे पहले सुनीता ने सार्वजनिक रूप से गोविंदा और कलाकार कोमल रानी स्वर्णकार के कथित संबंध को लेकर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में गोविंदा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने सुनीता को अपनी भाषा पर संयम बरतने की सलाह दी।
यह ऐसे समय में आया जब दोनों के बीच विवाद लगातार सार्वजनिक होता जा रहा था और मीडिया में इस दंपती को लेकर तमाम तरह की अटकलें चल रही थीं।
गोविंदा का कानूनी नोटिस
गोविंदा ने एक सार्वजनिक कानूनी नोटिस भी जारी किया, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स, मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंटेंट क्रिएटर्स को आगाह किया गया कि उनके या उनके परिवार से जुड़ी कोई भी झूठी, मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत या अपुष्ट सामग्री प्रकाशित या साझा न करें।
नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ ₹100 करोड़ तक के हर्जाने का दावा किया जा सकता है। यह कदम दर्शाता है कि गोविंदा इस मामले में कानूनी मोर्चे पर पूरी तरह सक्रिय हैं।
आगे क्या
तलाक याचिका वापस लिए जाने के बाद यह देखना बाकी है कि गोविंदा और सुनीता आहूजा का रिश्ता किस दिशा में आगे बढ़ता है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक संयुक्त बयान नहीं आया है, और इस दंपती का भविष्य अभी भी अनिश्चित बना हुआ है।