क्या एआर रहमान के बयान पर तस्लीमा नसरीन की टिप्पणी उचित है?
सारांश
Key Takeaways
- तस्लीमा नसरीन का एआर रहमान के बयान पर प्रतिक्रिया देना महत्वपूर्ण है।
- प्रसिद्ध लोगों की समस्याएँ अक्सर अलग होती हैं।
- धार्मिक पहचान के मुद्दे पर समाज में गहन चर्चा की आवश्यकता है।
मुंबई, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेशी लेखक तस्लीमा नसरीन ने ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रसिद्ध एवं धनी व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में समस्याएं नहीं आतीं, चाहे उनकी धार्मिक पहचान कोई भी हो।
तस्लीमा ने अपने पोस्ट में लिखा कि रहमान एक मुस्लिम हैं और भारत में अत्यंत प्रसिद्ध एवं धनी हैं। उनकी फीस अन्य कलाकारों की तुलना में अधिक है और वह बॉलीवुड के सबसे सफल संगीतकारों में से एक हैं।
उन्होंने आगे कहा, "ए.आर. रहमान का यह कहना कि उन्हें बॉलीवुड में काम नहीं मिलता क्योंकि वह मुस्लिम हैं, उचित नहीं है। शाहरुख खान आज भी बॉलीवुड के बादशाह हैं। सलमान खान, आमिर खान, जावेद अख्तर, शबाना आजमी सभी सुपरस्टार हैं। प्रसिद्ध और अमीर व्यक्तियों को किसी भी धर्म के कारण समस्याएँ नहीं होतीं।"
अपने व्यक्तिगत अनुभवों का उल्लेख करते हुए तस्लीमा ने कहा कि समस्याएँ केवल गरीबों के लिए होती हैं। उन्होंने लिखा, "मैं एक पक्की नास्तिक हूं, लेकिन मेरे नाम के कारण मुझे मुस्लिम समझा जाता है। मुस्लिम विरोधी लोग नास्तिक और आस्तिक के बीच का भेद नहीं समझते। मुझे अपार्टमेंट किराए पर नहीं मिलता, अस्पताल में धोखा दिया जाता है।"
तस्लीमा ने खुद को भारत में 'नागरिक नहीं' बताते हुए कहा कि वह यहाँ इसलिए हैं क्योंकि उन्हें इस देश से प्रेम है। उन्होंने कहा, "इस्लाम की खोखली हड्डियों और धर्म के खोखले स्वरूप को उजागर करने के बाद मैं निर्वासन की सजा भुगत रही हूं।"
अंत में उन्होंने लिखा, "ए.आर. रहमान का सम्मान सभी धर्मों के लोग करते हैं। ऐसी बातें करना उन्हें शोभा नहीं देता।"
हाल ही में रहमान ने एक साक्षात्कार में पिछले आठ वर्षों में बॉलीवुड में काम कम मिलने के संभावित साम्प्रदायिक कारणों का जिक्र किया था। उनके बयान पर जावेद अख्तर सहित कई हस्तियों की प्रतिक्रियाएँ आई हैं।