क्या आयुर्वेद के 3 उपाय एनीमिया की समस्या को दूर कर सकते हैं?

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क्या आयुर्वेद के 3 उपाय एनीमिया की समस्या को दूर कर सकते हैं?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि एनीमिया, जो कि रक्त की कमी है, को आयुर्वेद से कैसे ठीक किया जा सकता है? जानिए तीन प्रभावी उपाय और अपने स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए क्या करना चाहिए।

Key Takeaways

  • आयुर्वेदिक पंचामृत का सेवन करें।
  • हरी सब्जियां और फलों को अपने भोजन में शामिल करें।
  • सूर्य स्नान करें।
  • पैक्ड खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
  • लोहे के बर्तन में खाना बनाएं।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पोषण की कमी के कारण बच्चों से लेकर महिलाओं तक में रक्त की कमी एक आम समस्या बन गई है।

जब सिर में दर्द, चक्कर आना और कमजोरी महसूस होती है, तो डॉक्टर अक्सर आयरन की दवा का सुझाव देते हैं, ताकि रक्त की मात्रा बढ़ सके। लेकिन कई बार दवा लेने के बावजूद शरीर एनीमिया से जूझता रहता है, जिससे अन्य बीमारियां भी घेर लेती हैं। आज हम आपको आयुर्वेद के तीन उपाय बताएंगे, जिन्हें सात दिन अपनाने से शरीर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

पहला उपाय है आयुर्वेदिक पंचामृत। इसमें कुछ घरेलू चीजों के सेवन की सलाह दी गई है, जो आमतौर पर रसोई में उपलब्ध हैं और जिनके लाभों का ज्ञान कम लोगों को होता है। रक्त की कमी होने पर रात में 2 मुनक्का और 2 अंजीर भिगोकर सुबह सेवन करना चाहिए, साथ ही लौह भस्म और शहद मिलाकर चाटना चाहिए। सुबह खाली पेट सफेद पेठे और आंवला का रस पीना चाहिए, तिल और गुड़ का भरपूर सेवन करना चाहिए और रात में गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।

दूसरा उपाय है आहार तालिका। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, जैसे सहजन की पत्तियाँ और चुकंदर को शामिल करें। फलों में अनार, अंगूर, सेब और खजूर का सेवन करें। अपने भोजन में दिन के समय छाछ का सेवन अवश्य करें, जो पेट को साफ रखने और शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ाने में सहायक होती है।

यह जानना भी आवश्यक है कि किन चीजों से परहेज करना है। अधिक मात्रा में हरी मिर्च, बैंगन, खट्टे फल, और पैक्ड खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

तीसरा उपाय है रक्त के शोधन और निर्माण में सहायक कुछ तरीके, जैसे लोहे के बर्तन में खाना बनाना। शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ाने के लिए आयरन का होना अति आवश्यक है। दूसरा तरीका है सूर्य स्नान। सर्दी हो या गर्मी, सुबह की हल्की धूप शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सुबह की धूप शरीर में विटामिन डी का स्तर बढ़ाती है, जो लाल रक्त कोशिकाओं को मजबूती प्रदान करता है।

Point of View

हमें यह समझना चाहिए कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। आयुर्वेद के उपायों को अपनाने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि यह लोगों में जागरूकता भी बढ़ाएगा। यह जरूरी है कि हम प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर ध्यान दें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

एनीमिया के लक्षण क्या होते हैं?
एनीमिया के सामान्य लक्षणों में कमजोरी, थकान, चक्कर आना, और सिर दर्द शामिल हैं।
क्या आयुर्वेदिक उपचार प्रभावी होते हैं?
हाँ, आयुर्वेदिक उपचार शरीर को प्राकृतिक तरीके से संतुलित करते हैं और कई मामलों में प्रभावी होते हैं।
क्या मैं अपने आहार में क्या बदलाव कर सकता हूँ?
आपको हरी सब्जियां, फल, और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।
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