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क्या सुस्ती और पेट से जुड़ी परेशानी का असली कारण है विरुद्धाहार?

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क्या सुस्ती और पेट से जुड़ी परेशानी का असली कारण है विरुद्धाहार?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि आपके द्वारा खाए जाने वाले कुछ खाद्य पदार्थ विरुद्धाहार हो सकते हैं? जानें, दूध और दही के साथ क्या नहीं खाना चाहिए, जिससे आप पेट की समस्याओं से बच सकें। इस लेख में हम आपको महत्वपूर्ण जानकारी देंगे जो आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहेगी।

मुख्य बातें

विरुद्धाहार से पेट की समस्याएं हो सकती हैं।
दूध के साथ खट्टे फल नहीं खाने चाहिए।
दही के साथ तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन हानिकारक है।
रात का खाना खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिए।
हल्का और गुनगुना आहार लेना चाहिए।

नई दिल्ली, 1 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अक्सर हम स्वाद के लिए कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कर लेते हैं, जो हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। कभी-कभी हमें यह पता नहीं चलता कि जो खाद्य पदार्थ हम खा रहे हैं, वे विरुद्धाहार हो सकते हैं, जैसे दूध के साथ केला या दूध के साथ खट्टे खाद्य पदार्थ, जैसे सलाद में नींबू, अचार या सिरका।

ये सभी विरुद्धाहार हमारी पाचन अग्नि को कमजोर कर देते हैं और शरीर में सुस्ती का अनुभव कराते हैं। आज हम जानेंगे कि दूध और दही के साथ हमें क्या नहीं खाना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार, विरुद्धाहार का सेवन करने से पेट संबंधी समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है, और यदि इस आदत को लंबे समय तक जारी रखा जाए, तो इससे गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। आयुर्वेद में बताया गया है कि विरुद्धाहार से शरीर में वात, पित्त और कफ का असंतुलन उत्पन्न होता है। दूध हमारे आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसे खट्टे फलों के साथ नहीं लेना चाहिए। खट्टे फलों में एसिड होता है और दूध में कैल्शियम और प्रोटीन होते हैं। ये दोनों मिलकर पेट में दर्द या गैस का कारण बन सकते हैं। दूध को मछली, पुदीना, नमकीन पदार्थों, तले-भुने मसालेदार खाद्य पदार्थों, लहसुन, प्याज और कटहल के साथ नहीं लेना चाहिए।

कुछ लोग रात के खाने के साथ दूध पीने की आदत डाल लेते हैं, जो कि गलत है। दूध को हमेशा सोने से एक घंटे पहले लेना चाहिए।

अब दही की बात करते हैं। दही के साथ तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। ऐसा करने से शरीर में सुस्ती और पेट में भारीपन बना रहता है। दही के साथ मछली का सेवन पेट की पाचन शक्ति को कमजोर करता है, दही के साथ चावल का सेवन शरीर को भारी बनाता है, दही के साथ बीन्स पेट में गैस का कारण बनती हैं, दही के साथ खट्टा अचार पाचन अग्नि को कम करता है, और दही को गर्म करना भी हानिकारक होता है।

अब ठंडे और गर्म खाद्य पदार्थों की बात करें। कोल्ड ड्रिंक के साथ परांठा खाना जहर खाने के समान है, यह पेट में विषैले पदार्थों की वृद्धि करता है। खाने के साथ आइसक्रीम का सेवन भी पाचन को कमजोर करता है। जंक फूड के साथ कोल्ड ड्रिंक पीने से नींद आने लगती है। लंच के बाद ठंडा और मीठा खाना शरीर में सुस्ती बढ़ाता है और नींद को आमंत्रित करता है। यह खतरनाक संयोजन शरीर की पाचन शक्ति को कमजोर कर कब्ज का कारण बनाता है। जितना संभव हो हल्का और गुनगुना आहार लें। दही और दूध के सेवन के समय सावधानी बरतें कि इनके साथ खट्टे और मसालेदार पदार्थ न हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि विरुद्धाहार का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यह न केवल पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बनता है, बल्कि लंबे समय तक इसे अपनाने से गंभीर बीमारियों का भी खतरा बढ़ता है। यह सभी को अपने आहार में सावधानी बरतने की आवश्यकता का संकेत देता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विरुद्धाहार क्या होता है?
विरुद्धाहार का मतलब है कि एक साथ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना जो एक-दूसरे के साथ संगत नहीं होते हैं, जिससे पाचन में दिक्कत होती है।
दूध के साथ कौन से खाद्य पदार्थ नहीं खाने चाहिए?
दूध के साथ खट्टे फल, मछली, और तली-भुनी चीजें नहीं खानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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