क्या कब्ज और एसिडिटी सिरदर्द के असली विलेन हैं? पेनकिलर नहीं, ये नुस्खे आएंगे काम

Click to start listening
क्या कब्ज और एसिडिटी सिरदर्द के असली विलेन हैं? पेनकिलर नहीं, ये नुस्खे आएंगे काम

सारांश

क्या आपको सिरदर्द से परेशानी होती है? क्या आप पेनकिलर पर निर्भर हैं? जानिए कैसे कब्ज और एसिडिटी सिरदर्द के असली कारण हो सकते हैं। आयुर्वेदिक नुस्खे आजमाकर आप सिरदर्द से राहत पा सकते हैं।

Key Takeaways

  • कब्ज और एसिडिटी सिरदर्द के मुख्य कारण हो सकते हैं।
  • आयुर्वेदिक उपाय अधिक प्रभावी हैं।
  • पेनकिलर का प्रयोग अस्थायी समाधान है।
  • पेट और दिमाग के बीच सीधा संबंध है।
  • सही खानपान सिरदर्द को कम कर सकता है।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अक्सर लोग जब सिरदर्द का सामना करते हैं तो तुरंत पेनकिलर लेने लगते हैं, यह सोचते हुए कि समस्या सिर में है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, यह हमेशा सच नहीं होता। सिरदर्द अक्सर पेट और पाचन तंत्र में गड़बड़ी का संकेत होता है।

सरल शब्दों में कहें तो सिरदर्द का असली कारण पेट की परेशानी हो सकती है। महर्षि सुश्रुत ने 'सुश्रुत संहिता' में बताया है कि सिरदर्द के कई प्रकार होते हैं और उनमें से अधिकतर में दोष जैसे वात, पित्त, और कफ असंतुलित होकर सिर तक पहुंच जाते हैं। इसके पीछे अक्सर कब्ज, गैस या एसिडिटी जैसी समस्याएं होती हैं।

यदि आप अधिक तला-भुना, तीखा या खट्टा भोजन करते हैं, तो पित्त का स्तर बढ़ता है। यह पित्त रक्त के माध्यम से सिर तक पहुंचकर जलन, भारीपन और आंखों के पीछे दर्द का कारण बनता है, जिसे लोग अक्सर माइग्रेन समझ लेते हैं। इसके अलावा, कब्ज या पेट में फंसी गैस भी सिरदर्द का कारण बन सकती है। पेट में जमा मल और टॉक्सिन्स रक्त को दूषित करते हैं और इसका प्रभाव मस्तिष्क पर पड़ता है। इस स्थिति में केवल बाम लगाना या पेनकिलर लेना असली समस्या का समाधान नहीं करता।

आयुर्वेद में कई प्रभावी उपाय बताए गए हैं। नस्य क्रिया यानी नाक में देसी घी की कुछ बूंदें डालना, पित्त को शांति प्रदान करने और नसों को पोषण देने का कार्य करता है। यदि दर्द एसिडिटी के कारण है, तो रात भर भिगोए हुए धनिया के पानी में मिश्री मिलाकर पीना लाभकारी है। कब्ज और गैस के लिए अविपत्तिकर चूर्ण और सूखा अदरक (सोंठ) का लेप भी सहायक होता है। इसके अलावा, रोजाना पेनकिलर से बचें, देर रात भारी भोजन न करें और ठंडा या बासी खाना न लें।

आज की आधुनिक रिसर्च भी इस तथ्य की पुष्टि करती है कि पेट और दिमाग के बीच सीधा संबंध होता है। यदि पेट सही रहेगा, तो सिरदर्द अपने आप कम हो जाएगा।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम सिरदर्द के वास्तविक कारणों को समझें। पेनकिलर पर निर्भर रहना अस्थायी समाधान है, जबकि आयुर्वेद हमें दीर्घकालिक समाधान प्रदान करता है। पेट और दिमाग के बीच संबंध को समझकर हम प्रभावी ढंग से सिरदर्द को नियंत्रित कर सकते हैं।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

कब्ज और एसिडिटी सिरदर्द के लिए कैसे जिम्मेदार हैं?
कब्ज और एसिडिटी के कारण पेट में गड़बड़ी होती है, जो सिरदर्द का कारण बन सकती है। यह समस्या शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित करती है।
आयुर्वेद में सिरदर्द के लिए क्या उपाय हैं?
आयुर्वेद में नस्य क्रिया, धनिया का पानी, और अविपत्तिकर चूर्ण का उपयोग सिरदर्द के इलाज के लिए किया जाता है।
क्या पेनकिलर लेना सिरदर्द का सही इलाज है?
नहीं, पेनकिलर केवल अस्थायी राहत देते हैं। असली समस्या का समाधान पेट की समस्याओं को ठीक करने में है।
Nation Press