8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पाकिस्तान में 50 साल का सबसे गंभीर ईंधन संकट, तेल आयात बिल $300 मिलियन से बढ़कर $800 मिलियन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पाकिस्तान में 50 साल का सबसे गंभीर ईंधन संकट, तेल आयात बिल $300 मिलियन से बढ़कर $800 मिलियन

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में आई तेज़ उछाल का सबसे कठोर असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है। अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान पिछले 50 वर्षों में अपने सबसे गंभीर ईंधन मूल्य संकट का सामना कर रहा है, जिससे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव तेज़ी से बढ़ रहा है। देश का तेल आयात बिल संघर्ष से पहले के $300 मिलियन से बढ़कर $800 मिलियन तक पहुँच गया है।

संकट की जड़ें और आयातित ऊर्जा पर निर्भरता

पाकिस्तान की आर्थिक संरचना इसे वैश्विक तेल मूल्य उतार-चढ़ाव के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है। देश आयातित ऊर्जा और खाड़ी देशों से आने वाले रिमिटेंस पर बड़े पैमाने पर निर्भर है, जबकि उसका भुगतान संतुलन पहले से ही कमज़ोर स्थिति में है। रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशियाई संघर्ष खाड़ी देशों में कार्यरत श्रमिकों से आने वाले रिमिटेंस को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है, जो पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा का एक प्रमुख स्रोत है।

प्रधानमंत्री शरीफ की स्वीकारोक्ति और आर्थिक प्रगति पर खतरा

इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वयं स्वीकार किया कि तेल आयात बिल में यह वृद्धि पिछले दो वर्षों में हुई आर्थिक प्रगति को लगभग समाप्त कर देती है। गौरतलब है कि यह वही अवधि है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ कठिन शर्तों पर समझौता करके आर्थिक स्थिरता की दिशा में काम कर रहा था।

विशेषज्ञों की चेतावनी — शृंखलाबद्ध आर्थिक प्रतिक्रिया

अर्थशास्त्री कमरान बट ने द डॉन से कहा कि तेल की कीमतों में वृद्धि से पूरी अर्थव्यवस्था में एक शृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया होती है। उनके अनुसार इससे लोगों की क्रय शक्ति घटेगी, गरीबी और बेरोज़गारी बढ़ेगी, आर्थिक गतिविधियाँ धीमी पड़ेंगी और सरकार के खिलाफ जन असंतोष बढ़ेगा। कृषि, परिवहन से लेकर खाद्य पदार्थों और ज़रूरी सामानों की कीमतें — सभी पर दबाव पड़ेगा, जिससे पहले से ही गंभीर महंगाई संकट और गहरा होगा।

वहीं अर्थशास्त्री कैसर बंगाली ने आगाह किया कि पाकिस्तान ऐसी स्थिति में है जहाँ केवल $1 अरब की छोटी-सी वित्तीय सहायता भी देश के लिए

राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले