78वाँ फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेला 2026: चीन के 336 वर्ग मीटर मंडप में 4,600 से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित
सारांश
मुख्य बातें
फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेला 2026 का उद्घाटन 7 अक्टूबर को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट प्रदर्शनी केंद्र में हुआ, जिसमें 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों की 4,000 से अधिक प्रकाशन संस्थाएं भाग ले रही हैं। इस वर्ष 80 से अधिक चीनी प्रकाशन और सांस्कृतिक संस्थाएं मेले में शामिल हुई हैं, जो 3,000 से अधिक श्रेणियों की 4,600 से अधिक उत्कृष्ट पुस्तकें प्रदर्शित कर रही हैं। मेला 11 अक्टूबर 2026 तक चलेगा और इसमें 2 लाख 30 हजार से अधिक आगंतुकों के पहुँचने का अनुमान है।
मेले का मुख्य घटनाक्रम
आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष के पुस्तक मेले में अंतर्राष्ट्रीय संकट और संघर्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुप्रयोग और उसके नियमन, कॉपीराइट व्यापार, बाल एवं किशोर साहित्य तथा ऑडियो पुस्तकों जैसे विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। मेले के दौरान व्याख्यान, मंचीय कार्यक्रम, पुस्तक हस्ताक्षर समारोह और पाठन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
चीन के मंडप की विशेषताएँ
चीन के संयुक्त मंडप का प्रदर्शनी क्षेत्र 336 वर्ग मीटर है, जहाँ विभिन्न विषयों और विधाओं की पुस्तकें सजाई गई हैं। यह मंडप केवल पुस्तक प्रदर्शन तक सीमित नहीं है — यह कॉपीराइट वार्ता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और इंटरैक्टिव अनुभव का भी मंच बना है। गौरतलब है कि फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेला चीनी प्रकाशनों के कॉपीराइट निर्यात के सबसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मंचों में से एक माना जाता है।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम
मेले के दौरान चीनी प्रकाशन और सांस्कृतिक संस्थाएं 55 प्रकाशन एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित करेंगी, जिनमें विषय-आधारित संगोष्ठियाँ, लेखक संवाद, कॉपीराइट हस्ताक्षर समारोह और नई पुस्तकों के विमोचन कार्यक्रम शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक प्रकाशन उद्योग AI-जनित सामग्री और डिजिटल कॉपीराइट के मुद्दों से जूझ रहा है।
फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले की पृष्ठभूमि
वर्ष 1949 में स्थापित फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेला दुनिया के सबसे बड़े प्रकाशन उद्योग मेलों में से एक है। इस वर्ष इसका 78वाँ संस्करण आयोजित हो रहा है। दशकों से यह मेला न केवल पुस्तकों की खरीद-बिक्री, बल्कि वैश्विक विचारों और संस्कृतियों के आदान-प्रदान का प्रतीकात्मक केंद्र रहा है।
आगे की संभावनाएँ
मेले के समापन के बाद कॉपीराइट समझौतों और अनुवाद अधिकारों की संख्या से चीनी प्रकाशन उद्योग की वैश्विक पहुँच का अनुमान लगाया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन वैश्विक साहित्यिक विविधता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।