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पटना पुस्तक मेला 4 दिसंबर से: 350+ कार्यक्रमों में साहित्य, सिनेमा और कला का उत्सव

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पटना पुस्तक मेला 4 दिसंबर से: 350+ कार्यक्रमों में साहित्य, सिनेमा और कला का उत्सव

सारांश

42 साल पुराना पटना पुस्तक मेला इस बार 'किताबों से परे' का संदेश लेकर आ रहा है — 350 से अधिक कार्यक्रम, सिनेमा हॉल, कला दीर्घा और हजारों युवाओं की भागीदारी के साथ। लोककवि सत्यनारायण को समर्पित यह उत्सव 4 दिसंबर से गांधी मैदान में शुरू होगा।

मुख्य बातें

पटना पुस्तक मेला 2026 का आयोजन 4 से 15 दिसंबर तक गांधी मैदान, पटना में होगा।
इस वर्ष 350 से अधिक कार्यक्रम और 200 स्टॉल लगाए जाएंगे।
मेले की थीम 'जॉय ऑफ रीडिंग, बियोंड बुक्स' रखी गई है।
यह आयोजन लोककवि सत्यनारायण को समर्पित है, जो बिहार गीत के रचयिता हैं।
'सिनेमा-उनेमा' फिल्म फेस्टिवल और भव्य कला दीर्घा इस बार की नई पहल हैं।
70 से अधिक स्कूलों के करीब पाँच हजार बच्चों के 'हुनर' कार्यक्रम में भाग लेने की संभावना है।

पटना पुस्तक मेला 2026 इस वर्ष 4 से 15 दिसंबर तक गांधी मैदान, पटना में आयोजित होगा। सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित इस वार्षिक साहित्यिक उत्सव में इस बार 350 से अधिक विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इस 42 वर्ष पुराने आयोजन की इस वर्ष की थीम 'जॉय ऑफ रीडिंग, बियोंड बुक्स' रखी गई है।

किसे समर्पित है इस वर्ष का मेला

इस बार का पटना पुस्तक मेला बिहार गीत के रचयिता और प्रतिष्ठित लोककवि सत्यनारायण को समर्पित किया गया है। सीआरडी के अध्यक्ष एवं साहित्यकार रत्नेश्वर ने सोमवार को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि पटना पुस्तक मेला भारत के तीन सबसे बड़े पुस्तक मेलों में शुमार है। उनके अनुसार यह आयोजन केवल पुस्तकों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक व्यापक साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक उत्सव है।

युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम

मेले में युवाओं को केंद्र में रखते हुए कई नए कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। 'चिट्ठियां' कार्यक्रम में डॉ. विमलेन्दु चर्चित चिट्ठियों का पाठ करेंगे, जबकि युवा प्रतिभागी अपने जीवन को प्रभावित करने वाली चिट्ठियाँ स्वयं पढ़ेंगे। डॉ. वरुण के संयोजन में 'यूथ पोडियम' के अंतर्गत राजनीति, कला, साहित्य और संस्कृति जैसे विषयों पर युवाओं के साथ विचारोत्तेजक संवाद आयोजित होगा।

उत्कर्ष आनंद के संयोजन में 'शब्दांकुर' कार्यक्रम में युवा अपनी कविता, कहानी और व्यंग्य रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। चयनित रचनाकार को शब्दांकुर पुरस्कार दिया जाएगा, जिसमें तीन निर्णायकों के साथ-साथ दर्शकों की राय भी शामिल होगी। 'हुनर' कार्यक्रम के तहत 70 से अधिक स्कूलों के करीब पाँच हजार बच्चों के भाग लेने की संभावना है।

सिनेमा और कला का विशेष आकर्षण

इस वर्ष मेले में 'सिनेमा-उनेमा' फिल्म फेस्टिवल के लिए एक विशेष सिनेमा हॉल तैयार किया जाएगा। कुमार रविकांत के संयोजन में प्रतिदिन फीचर फिल्म, लघु फिल्म और वृत्तचित्र दिखाए जाएंगे। फिल्म विशेषज्ञों और कलाकारों के साथ दर्शकों का सीधा संवाद भी इस आयोजन का हिस्सा होगा।

कला प्रेमियों के लिए मुकेश कुमार के संयोजन में एक भव्य कला दीर्घा स्थापित की जाएगी, जिसमें युवा, लोक, वरिष्ठ तथा पद्म पुरस्कार से सम्मानित बिहार के कलाकारों की कृतियाँ प्रदर्शित होंगी। प्रतिदिन कला विषयों पर विमर्श और गोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएंगी।

200 स्टॉल और प्रमुख प्रकाशकों की भागीदारी

इस वर्ष मेले में 200 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी, हिन्द युग्म और एनसीपीयूएल सहित अन्य प्रमुख प्रकाशक भाग लेंगे। कवि सम्मेलन में चंदन द्विवेदी और रजत सहित कई कवि शामिल होंगे।

इसके अतिरिक्त 'स्वाद विहार' के तहत बिहार के पारंपरिक व्यंजनों के साथ देश के चुनिंदा व्यंजन भी परोसे जाएंगे। पुस्तक प्रेमियों के लिए एक विशेष फूड लाउंज भी होगा जहाँ चाय के साथ किताबें पढ़ने का अनुभव लिया जा सकेगा।

अन्य प्रमुख कार्यक्रम

मेले में 'काव्यकथा', 'स्कूल उत्सव', 'जनसंवाद', 'कोचिंग मास्टर', 'ज्ञान-रोजगार', 'नुक्कड़ के रंग' और 'स्वास्थ्य-संवाद' जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। देश के चर्चित लेखक, पत्रकार, कवि, कथाकार, शिक्षाविद और विशेषज्ञ इन कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। 4 दिसंबर 2026 से शुरू होने वाला यह आयोजन बिहार में साहित्य और संस्कृति के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बियोंड बुक्स' की थीम यह संकेत देती है कि आयोजक केवल पाठकों को नहीं, बल्कि उन युवाओं को भी जोड़ना चाहते हैं जो स्क्रीन की दुनिया में खो गए हैं। सिनेमा हॉल और कला दीर्घा जैसे नए प्रयोग स्वागत योग्य हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि 'ज्ञान-रोजगार' और 'कोचिंग मास्टर' जैसे कार्यक्रम बिहार के युवाओं को व्यावहारिक दिशा दे पाते हैं या नहीं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना पुस्तक मेला 2026 कब और कहाँ होगा?
पटना पुस्तक मेला 2026 का आयोजन 4 से 15 दिसंबर तक गांधी मैदान, पटना में किया जाएगा। यह सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित किया जाता है।
इस वर्ष पटना पुस्तक मेले की थीम क्या है?
इस वर्ष की थीम 'जॉय ऑफ रीडिंग, बियोंड बुक्स' है, जो पढ़ने की संस्कृति को पुस्तकों से आगे विस्तारित करने का संदेश देती है। यह मेला लोककवि सत्यनारायण को भी समर्पित किया गया है।
पटना पुस्तक मेले में युवाओं के लिए कौन-से कार्यक्रम होंगे?
युवाओं के लिए 'यूथ पोडियम', 'शब्दांकुर', 'चिट्ठियां' और 'हुनर' जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। 'हुनर' में 70 से अधिक स्कूलों के करीब पाँच हजार बच्चों के भाग लेने की संभावना है।
पटना पुस्तक मेले में कितने प्रकाशक भाग लेंगे?
इस वर्ष मेले में 200 स्टॉल लगाए जाएंगे। प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी और एनसीपीयूएल सहित प्रमुख प्रकाशक इसमें सहभागी होंगे।
पटना पुस्तक मेला भारत के बड़े पुस्तक मेलों में क्यों गिना जाता है?
सीआरडी के अध्यक्ष रत्नेश्वर के अनुसार पटना पुस्तक मेला भारत के तीन सबसे बड़े पुस्तक मेलों में से एक है। यह 42 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा है और साहित्य, संस्कृति, कला एवं शिक्षा का व्यापक मंच है।
राष्ट्र प्रेस
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