इथियोपिया के PM अबी अहमद ने मोदी को कहा 'बड़े भाई', चुनावी बधाई पर जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने बुधवार, 24 जून 2026 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना 'विश्वसनीय मित्र और बड़े भाई' बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया। यह आभार मोदी द्वारा इथियोपिया के संसदीय चुनाव में अबी अहमद की पार्टी की निर्णायक जीत पर भेजी गई बधाई के जवाब में आया। दोनों नेताओं के इस संवाद ने भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई दी है।
अबी अहमद का संदेश
अबी अहमद अली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'धन्यवाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मेरे विश्वसनीय मित्र और बड़े भाई। आपका ऐतिहासिक जनादेश दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की लोकतांत्रिक शक्ति को दर्शाता है। इथियोपिया और भारत ऐतिहासिक संबंधों, साझेदारी और साझा आकांक्षाओं से जुड़े हैं। हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और इस यात्रा को जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।'
गौरतलब है कि यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंगलवार को अबी अहमद और उनकी प्रॉस्पेरिटी पार्टी को बधाई दिए जाने के ठीक एक दिन बाद आई, जिसमें मोदी ने कहा था कि भारत इथियोपिया के साथ अपने ऐतिहासिक, बहुआयामी और गहरे संबंधों को अत्यंत महत्व देता है।
चुनाव परिणाम: प्रॉस्पेरिटी पार्टी की भारी जीत
इथियोपिया के राष्ट्रीय चुनाव बोर्ड (NEBE) ने रविवार को घोषणा की थी कि सत्तारूढ़ प्रॉस्पेरिटी पार्टी ने देश के सातवें आम चुनाव में 486 में से 438 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया। इथियोपिया के संविधान के अनुसार, बहुमत प्राप्त दल ही सरकार गठित करता है और प्रधानमंत्री का नामांकन करता है।
भारत-इथियोपिया संबंधों की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के संबंध पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से प्रगाढ़ हुए हैं। पिछले वर्ष दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया का दो दिवसीय दौरा किया था, जिसमें दोनों नेताओं ने राजनीतिक सहयोग, आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक संबंधों पर विस्तृत चर्चा की थी।
उस दौरे के दौरान मोदी ने 'एक पेड़ माँ के नाम' और इथियोपिया की 'ग्रीन लिगेसी' पहल के तहत पौधारोपण भी किया था। उन्हें इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से भी नवाज़ा गया था।
रणनीतिक महत्व
भारत और इथियोपिया के बीच यह कूटनीतिक निकटता अफ्रीका में भारत की बढ़ती भूमिका का संकेत है। इथियोपिया अफ्रीकी संघ का मुख्यालय होने के कारण महाद्वीपीय कूटनीति में केंद्रीय स्थान रखता है, और भारत के साथ उसकी बढ़ती साझेदारी दक्षिण-दक्षिण सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
आगे की राह
अबी अहमद की पुनः सत्ता में वापसी के बाद भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी के और विस्तार की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार, कृषि, तकनीक और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं।