अबू धाबी में नवंबर में रूस-अमेरिका-यूक्रेन त्रिपक्षीय वार्ता, यूरोप की भागीदारी भी संभव: क्रेमलिन
सारांश
मुख्य बातें
रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में प्रस्तावित शांति वार्ता त्रिपक्षीय प्रारूप में आयोजित की जाएगी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मीडिया ब्रीफिंग में यह स्पष्ट किया, हालांकि उन्होंने यूरोपीय देशों की भागीदारी की संभावना को पूरी तरह नकारने से इनकार कर दिया।
वार्ता का स्वरूप और एजेंडा
पेसकोव ने कहा, 'सैद्धांतिक रूप से किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में होने वाली जिस वार्ता की हम बात कर रहे हैं, वह त्रिपक्षीय प्रारूप में होगी।' रिपोर्टों के अनुसार, इस बातचीत में रूस और यूक्रेन के लिए युद्धोत्तर सुरक्षा गारंटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा अपेक्षित है। साथ ही यूरोप की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का प्रश्न भी एजेंडे में शामिल हो सकता है।
गौरतलब है कि जब पेसकोव से पूछा गया कि क्या यूरोप को शामिल कर इसे चार पक्षों की वार्ता बनाई जा सकती है, तो उन्होंने इस संभावना को सैद्धांतिक रूप से खुला रखा — एक कूटनीतिक संकेत जिसे विश्लेषक भविष्य के विस्तारित स्वरूप की ओर संकेत मान रहे हैं।
ट्रंप की यूक्रेन को चेतावनी
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को चेतावनी दी कि रूस के साथ शांति समझौते में देरी से यूक्रेन की स्थिति और जटिल हो सकती है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि रूस की सैन्य बढ़त और यूक्रेन में बढ़ती जनहानि समझौते को और जरूरी बना देती है।
ट्रंप ने कहा, 'यूक्रेन को इस युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौता करना होगा। जेलेंस्की को इस युद्ध को समाप्त करने के लिए तैयार होना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते, तो मुझे लगता है कि यह बहुत बुरा होगा।' ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जेलेंस्की वाशिंगटन के साथ पहले हुई चर्चाओं में अधिक अनुकूल शर्तों पर समझौता कर सकते थे।
रूस का अमेरिका को डीजल निर्यात
वार्ता की घोषणा के साथ ही पेसकोव ने यह भी बताया कि रूसी डीजल ईंधन लेकर पहला टैंकर अमेरिका के लिए रवाना हो चुका है और आगे भी यह आपूर्ति नियमित रूप से जारी रहेगी। रूसी ऊर्जा मंत्रालय की ओर से इसकी पुष्टि पहले ही की जा चुकी थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब रूस-अमेरिका संबंधों में कूटनीतिक सक्रियता दिख रही है।
भू-राजनीतिक संदर्भ
यह वार्ता ऐसे समय में आई है जब रूस कथित तौर पर यूक्रेन में क्षेत्रीय बढ़त हासिल कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, रूस की बड़ी जनसंख्या उसे दीर्घकालिक युद्ध में रणनीतिक बढ़त देती है, जबकि यूक्रेन की जनशक्ति सीमित है। अबू धाबी को वार्ता स्थल के रूप में चुनना भी कूटनीतिक दृष्टि से सार्थक है — संयुक्त अरब अमीरात ने इस संघर्ष में तटस्थ मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
यह देखना बाकी है कि क्या यह त्रिपक्षीय बैठक किसी ठोस युद्धविराम रूपरेखा की नींव रख पाती है, या केवल संवाद के प्रारंभिक चरण तक सीमित रहती है।