रूस-अमेरिका-यूक्रेन त्रिपक्षीय शांति वार्ता नवंबर में संभव: क्रेमलिन की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में 22 अक्टूबर 2026 को लगभग तीन घंटे लंबी बातचीत हुई। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रूस अब रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत है, जो संभावित रूप से नवंबर 2026 की शुरुआत में आयोजित हो सकती है।
बैठक का विवरण और पृष्ठभूमि
क्रेमलिन के वरिष्ठ सहयोगी यूरी उशाकोव ने पत्रकारों को बताया कि बुधवार को हुई यह बैठक पूर्व-नियोजित थी और कई दिन पहले ही इस पर सहमति बन चुकी थी। उन्होंने इसे 'विस्तृत और स्पष्ट' बताया। उशाकोव के अनुसार, यह पुतिन और विटकॉफ के बीच नौवीं बैठक थी, जो दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच नियमित फोन बातचीत के अतिरिक्त एक उपयोगी कदम है।
बैठक में अमेरिकी वार्ताकार जेरेड कुशनर स्वास्थ्य संबंधी कारणों से सेंट पीटर्सबर्ग नहीं पहुँच सके और उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से चर्चा में भाग लिया। उशाकोव ने कहा कि कुशनर ने अपने विचार और आकलन वीडियो के जरिए साझा किए।
ओस्लो बैठक का संदर्भ
पुतिन-विटकॉफ बैठक से एक दिन पहले, 21 अक्टूबर को, विटकॉफ ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ वार्ता की थी। उस बैठक में यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने युद्ध समाप्त करने के लिए नए प्रस्ताव रखे थे, जिनमें यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी, युद्धोत्तर आर्थिक पुनर्निर्माण, और यूरोप की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल थे।
उशाकोव ने बताया कि विटकॉफ ने पुतिन को ओस्लो की बातचीत और यूक्रेन-यूरोप के नए रुख से अवगत कराया। हालाँकि, उशाकोव के अनुसार, रूस के नजरिए से इन प्रस्तावों में 'यूक्रेन संकट के समाधान के लिहाज़ से बहुत कम उपयोगी बातें थीं।'
यूक्रेन की प्राथमिकताएँ और मतभेद
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका के साथ चर्चाओं में सुरक्षा गारंटी के मुद्दे को प्राथमिकता दी है। कीव का स्पष्ट रुख है कि किसी भी शांति समझौते में यूक्रेन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि क्षेत्रीय सीमाओं, भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था और युद्धोत्तर पुनर्निर्माण जैसे मूलभूत मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं।
ऊर्जा व्यापार पर चर्चा
शांति वार्ता के अलावा, पुतिन और विटकॉफ ने रूसी डीजल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर भी बात की। हालाँकि, यूक्रेन युद्ध के चलते रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध अभी भी एक बड़ी बाधा बने हुए हैं।
आगे की राह
रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और तब से अमेरिकी मध्यस्थता में कई दौर की कोशिशें हो चुकी हैं। अब प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता की तारीख, स्थान और एजेंडे को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नवंबर में होने वाली संभावित बैठक किसी ठोस नतीजे की ओर बढ़ती है, या यह मतभेदों की लंबी श्रृंखला में एक और पड़ाव बनकर रह जाती है।