ऑस्ट्रेलियाई सांसद हेलेन हेन्स का दूसरा पैर भी काटा गया, आरोपी को जमानत नहीं; पुलिस ने राजनीतिक माहौल पर जताई गंभीर चिंता
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया की निर्दलीय सांसद हेलेन हेन्स की जान बचाने के लिए बुधवार को उनका दूसरा पैर भी काटना पड़ा। उनके पति फिल हेन्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी देते हुए बताया कि हेलेन फिलहाल 'जीवित और स्थिर' हैं। यह घटना 20 अक्टूबर 2026 को विक्टोरिया राज्य के वांगाराटा में उनके निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय के बाहर हुई थी, जब कथित तौर पर आरोपी ने अपनी टोयोटा लैंडक्रूजर से उन्हें टक्कर मारी।
दोनों पैर गंवाने की दर्दनाक स्थिति
फिल हेन्स ने बताया, 'सोमवार को जो हुआ वह एक भयानक घटना थी, और इसके कारण हेलेन को गंभीर चोटें आईं। इसके परिणामस्वरूप सोमवार को उनका बायां पैर काटना पड़ा। हमें उम्मीद थी कि दायां पैर बच जाएगा, लेकिन बुधवार को सर्जनों को वह भी हटाना पड़ा।' उन्होंने कहा कि परिवार के लिए 'सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह जीवित है और उसकी हालत स्थिर है।' 65 वर्षीय हेन्स को मेलबर्न के अल्फ्रेड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपी को जमानत नहीं, अदालत में पेशी
43 वर्षीय आरोपी ब्रेंडन न्यूजन बुधवार को वांगाराटा मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुआ। उस पर खतरनाक तरीके से वाहन चलाकर गंभीर चोट पहुंचाने, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने, एक पदाधिकारी को नुकसान पहुंचाने से संबंधित संघीय अपराध, तथा भांग रखने के आरोप लगाए गए हैं। न्यूजन ने जमानत के लिए आवेदन नहीं किया और फिलहाल हिरासत में रहेगा। हमले के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है और जांच जारी है।
राजनीतिक माहौल पर पुलिस की गंभीर चेतावनी
ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस की आयुक्त क्रिसी बैरेट ने देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल को 'तनावपूर्ण और विस्फोटक' बताया। उन्होंने कहा कि सांसदों को धमकाने के आरोप में औसतन हर सप्ताह एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस और विक्टोरिया पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनके पास पहले से ऐसी कोई खुफिया जानकारी नहीं थी जिससे इस हमले का अंदाजा लगाया जा सकता। अधिकारी सोशल मीडिया पर कथित तौर पर साझा किए गए आरोपी के विचारों और हमले के संभावित राजनीतिक संबंधों की भी जांच कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और व्यापक संदर्भ
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को जानबूझकर किया गया हमला बताया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब ऑस्ट्रेलिया में जनप्रतिनिधियों को मिल रही धमकियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में सांसदों और निर्वाचित पदाधिकारियों के खिलाफ 1,067 धमकियों की जांच की गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाती है।
आम जनता और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर असर
इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा मजबूत करने के उपायों पर विचार कर रही हैं। आलोचकों का कहना है कि इस घटना ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों की सुरक्षा के सवाल को नई तात्कालिकता दे दी है। आगे की जांच और अदालती कार्यवाही के साथ यह मामला ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक सुरक्षा पर व्यापक नीतिगत बहस को आकार देता रहेगा।