क्या अवामी लीग ने यूनुस सरकार के जनमत संग्रह की आलोचना की?

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क्या अवामी लीग ने यूनुस सरकार के जनमत संग्रह की आलोचना की?

सारांश

बांग्लादेश की अवामी लीग ने मुहम्मद यूनुस की सरकार पर जनमत संग्रह की आलोचना की है, इसे संवैधानिक नियमों का उल्लंघन और लोगों को गुमराह करने की योजना बताया है। क्या यह देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है?

Key Takeaways

  • अवामी लीग का आरोप: यूनुस सरकार का जनमत संग्रह संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है।
  • जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है।
  • बांग्लादेश का संविधान लोगों की ताकत पर आधारित है।
  • जनमत संग्रह में पारदर्शिता का अभाव है।
  • यूनुस सरकार के कदम गैर-कानूनी और धोखे के रूप में देखे जा रहे हैं।

ढाका, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश की अवामी लीग ने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर तथाकथित जनमत संग्रह कराने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह न केवल संवैधानिक नियमों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि लोगों को गुमराह करने की एक सोची-समझी योजना है।

अवामी लीग ने कहा कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों के साथ प्रस्तावित जनमत संग्रह यूनुस सरकार का एक मजाक है और यह देश के संवैधानिक इतिहास पर एक काला धब्बा बना रहेगा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि बिना किसी जनादेश वाली सरकार देश के लोगों को अंधेरे में रखते हुए देश का भविष्य तय करने की कोशिश कर रही है।

अवामी लीग ने कहा, “जुलाई 2024 में एक चुनी हुई सरकार को हटाने के लिए पूरे देश में सुनियोजित दंगे करवाने के बाद से जिस तरह मुहम्मद यूनुस और उनकी सलाहकार परिषद सत्ता में बनी रही, वह बांग्लादेश के संवैधानिक इतिहास का एक शर्मनाक अध्याय बन गया है। यह विदेशी फंडेड तख्तापलट, जिसे इस्लामी आतंकवादी समूहों और सेना के समर्थन से किया गया।”

बांग्लादेश के संविधान के नियमों पर जोर देते हुए पार्टी ने कहा, “संविधान का आर्टिकल 7 साफ तौर पर कहता है कि गणराज्य की सारी ताकतें लोगों की हैं। इसी बुनियादी सिद्धांत पर जनमत संग्रह का संवैधानिक सिस्टम टिका है, जहां नागरिक अपनी मर्जी जाहिर करते हैं। फिर भी यूनुस सरकार की, तीस सुधार प्रस्तावों की बातें सीक्रेट रखते हुए जनमत संग्रह का प्रस्ताव देने की हिम्मत सीधे संविधान की भावना से टकराती है।”

अवामी लीग ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में लोगों को अंधेरे में रखकर जनता की राय लेना जनमत संग्रह नहीं, बल्कि एक दिखावा है। प्रस्तावित सुधारों की असलियत बताए बिना जनता की राय कैसे मांगी जा सकती है?

अंतरिम सरकार के जनमत संग्रह की आलोचना करते हुए पार्टी ने कहा, “जब कोई वोटर बैलेट बॉक्स के सामने खड़ा होता है, तो क्या उससे यह उम्मीद की जाएगी कि वह बिना यह जाने कि वह किस पर वोट कर रहा है, हां या ना में वोट देगा? यह न केवल गैर लोकतांत्रिक है बल्कि यह लोगों की समझ और अधिकारों का बहुत बड़ा अपमान है। संविधान द्वारा गारंटीकृत सूचना का अधिकार, पारदर्शिता का सिद्धांत और लोकतांत्रिक भागीदारी की बुनियादी शर्तें, सभी को कुचला जा रहा है।”

अवामी लीग ने कहा कि यूनुस सरकार का हर कदम बांग्लादेश के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को कम कर रहा है। विदेशी लोगों के कहने पर इस्लामी उग्रवादियों के समर्थन से और सेना के अंदर के लोगों की मदद से यह गैर-कानूनी ढांचा अब संविधान और लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म करने पर तुला हुआ है। तीस सुधार प्रस्तावों की बातें छिपाते हुए जनमत संग्रह करवाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह लोगों के साथ सीधा धोखा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि अवामी लीग का आरोप बांग्लादेश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को चुनौती देता है। जनमत संग्रह की बात करते हुए, यह आवश्यक है कि सरकार पारदर्शिता बरते और लोगों की राय को सही तरीके से सुने। यह देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
NationPress
08/02/2026

Frequently Asked Questions

अवामी लीग ने यूनुस सरकार पर क्या आरोप लगाया है?
अवामी लीग ने यूनुस सरकार पर जनमत संग्रह कराने की कोशिश का आरोप लगाया है, इसे संवैधानिक नियमों का उल्लंघन मानते हुए लोगों को गुमराह करने का प्रयास बताया है।
जनमत संग्रह का प्रस्ताव क्यों विवादास्पद है?
जनमत संग्रह का प्रस्ताव विवादास्पद है क्योंकि अवामी लीग का कहना है कि इसमें कई सुधार प्रस्तावों को छिपाया गया है, जिससे लोगों को सही जानकारी नहीं मिल रही है।
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