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क्या पाकिस्तान में इस्लामाबाद में बलूच प्रदर्शनकारियों का धरना 33वें दिन जारी है?

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क्या पाकिस्तान में इस्लामाबाद में बलूच प्रदर्शनकारियों का धरना 33वें दिन जारी है?

सारांश

इस्लामाबाद में बलूच प्रदर्शनकारियों का धरना 33वें दिन भी जारी है। अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ ये लोग अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। क्या इनके संघर्ष का अंत होगा?

मुख्य बातें

बलूच प्रदर्शनकारी 33वें दिन भी धरना दे रहे हैं।
अधिकारियों द्वारा दबाने के प्रयास जारी हैं।
धरने में गर्मी और उत्पीड़न के बावजूद बलूच परिवारों का संघर्ष जारी है।
कई जबरन गुमशुदगी के मामलों की निंदा की गई है।
मानवाधिकार संगठनों ने रिहाई की मांग की है।

इस्लामाबाद, १७ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब के सामने बलूच प्रदर्शनकारियों का धरना लगातार 33वें दिन जारी रहा। रविवार को बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने एक महीने से ज्यादा समय से उन्हें दबाने की कोशिश की है। उन्हें आश्रय देने से इनकार किया गया, रास्ते बंद किए गए और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

यह प्रदर्शन तत्काल बीवाईसी नेताओं की रिहाई और बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियों को खत्म करने की मांग को लेकर जारी है। बीवाईसी ने बताया कि असहनीय गर्मी और लगातार उत्पीड़न के बावजूद बलूच परिवार धरना दे रहे हैं।

बीवाईसी ने 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "इस्लामाबाद में लगातार 33वें दिन धरना जारी। यह बलूच परिवारों का इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब के सामने लगातार 33वां दिन है। उनकी मांगें अब भी बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के नेताओं की तुरंत रिहाई और बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियों का अंत है।"

पोस्ट में लिखा गया, "असहनीय गर्मी और लगातार उत्पीड़न के बावजूद परिवार दृढ़ संकल्प के साथ प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। जबरन गायब किए गए लोगों के और भी परिवार अब उनके साथ जुड़ गए हैं। एक महीने से अधिक समय से उन्हें दबाने की कोशिश की गई है। आश्रय से वंचित कर, रास्ते रोककर और भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उनका प्रतिरोध और मजबूत होता जा रहा है।"

रविवार को बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने बताया कि क्वेटा में १७ वर्षीय छात्र सलमान बलूच को जबरन गायब कर दिया गया है। पांक ने इस घटना की निंदा करते हुए तत्काल रिहाई की मांग की।

एक्स पोस्ट में पांक ने लिखा, "क्वेटा में १७ वर्षीय छात्र सलमान बलूच को जबरन गायब कर दिया गया। १७ अगस्त की शाम पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने डॉ. ईसा के बेटे सलमान बलूच (१७) को जबरन गायब कर दिया, जो पुंजगुर के रहने वाले हैं। उन्हें क्वेटा के नवान किल्ली इलाके से जबरन गायब किया गया। पांक सलमान बलूच के जबरन गायब होने की कड़ी निंदा करते हुए उनकी तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करता है।"

मानवाधिकार संस्था ने खुलासा किया कि प्रांत के मस्तुंग जिले के किल्ली खुअसम इलाके के निवासी मुहम्मद अजीम को पाकिस्तानी सैन्य खुफिया अधिकारियों ने ५ अगस्त को उसके घर से हिरासत में लिया और जबरन गायब कर दिया। पांक ने अजीम की जल्द से जल्द बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए पाकिस्तान से बलूचिस्तान में मानवता के खिलाफ अपराधों को रोकने का आग्रह किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम बलूच प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करें। उनका संघर्ष एक मानवीय मुद्दा है और हमें उनकी आवाज़ को सुनने की आवश्यकता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूच प्रदर्शनकारी किस बात की मांग कर रहे हैं?
बलूच प्रदर्शनकारी बलूच यकजेहती कमेटी के नेताओं की रिहाई और बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगियों के अंत की मांग कर रहे हैं।
क्या बलूच प्रदर्शनकारियों को कोई सहायता मिली है?
अधिकारियों ने उन्हें आश्रय देने से इनकार किया है, और पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्यों बलूच परिवार धरना दे रहे हैं?
वे अपने गायब हुए परिजनों की रिहाई और अन्य अधिकारों के लिए धरना दे रहे हैं।
पाकिस्तान में मानवाधिकार की स्थिति क्या है?
पाकिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन एक गंभीर मुद्दा है, जिसमें कई व्यक्तियों को जबरन गायब किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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