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क्या बांग्लादेश के छात्र संगठन एसएडी ने सभी इकाइयों को निलंबित किया?

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क्या बांग्लादेश के छात्र संगठन एसएडी ने सभी इकाइयों को निलंबित किया?

सारांश

बांग्लादेश में छात्र संगठन एसएडी ने रंगदारी के आरोपों के कारण सभी इकाइयों को निलंबित किया है। यह कदम संगठन की छवि को प्रभावित कर सकता है, जानें क्या है इस मामले में पूरा सच।

मुख्य बातें

सभी इकाइयों का निलंबन रंगदारी के आरोपों के कारण हुआ है।
केंद्रीय समिति ही सक्रिय रहेगी।
अन्य सदस्यों पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
संगठन की छवि को ठेस पहुंची है।

ढाका, 28 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई में हुए उग्र आंदोलन की अगुवाई करने वाले छात्र संगठन स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) ने देशभर में अपनी सभी इकाइयों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। केवल केंद्रीय समिति को सक्रिय रखा गया है। यह निर्णय संगठन के कई सदस्यों पर रंगदारी के आरोप लगने के बाद लिया गया है।

रविवार को ढाका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएडी के अध्यक्ष रिफात राशिद ने कहा, “हमने कई घटनाओं का सामना किया है, जिसमें शनिवार की घटना भी शामिल है, जहां कुछ व्यक्तियों ने एसएडी के नाम का दुरुपयोग करते हुए अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देने का प्रयास किया। हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ऐसा व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सदस्य राजनीतिक दलों के प्रभाव में आकर भ्रष्टाचार में लिप्त हो गए हैं, जिन्हें अब नियंत्रण में रखना मुश्किल हो गया है।

यह बयान उस घटना के बाद आया है, जिसमें एसएडी से जुड़े पांच लोगों को पुलिस ने रंगदारी के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने ढाका के गुलशन क्षेत्र में पूर्व सांसद और अवामी लीग नेता शम्मी अहमद के घर जाकर 50 लाख टका की मांग की। शम्मी अहमद की गैरमौजूदगी में उन्होंने उनके पति से 10 लाख टका वसूल भी किया।

पुलिस ने शनिवार को जब यह समूह बचे हुए 40 लाख लेने पहुंचा, तो उन्हें रंगेहाथ पकड़ा गया।

पूर्व एसएडी नेता उमा फातेमा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “गिरफ्तार किए गए लोग लंबे समय से संगठन के शीर्ष नेताओं के करीबी माने जाते थे। वे हर आंदोलन, रैली, मीटिंग और टकराव में सक्रिय रहते थे। अब लोग हैरान हैं, जैसे उन्हें पहली बार इनकी असलियत का पता चला हो, जबकि वास्तविकता यह है कि ये पहली बार पकड़े गए हैं।”

स्थानीय मीडिया के अनुसार, एसएडी सदस्यों पर पहले भी कई बार अनुशासनहीनता और अवैध वसूली के आरोप लगे हैं।

मई में ढाका के मीरपुर क्षेत्र में कुछ एसएडी कार्यकर्ताओं ने एक ठेकेदार को बंधक बनाकर उसके मोबाइल की तलाशी ली और 5 करोड़ टका की मांग की थी। वहीं मार्च में पुलिस ने कलाबागान स्थित कबिको लिमिटेड में चोरी के मामले में एसएडी के एक समन्वयक सहित 14 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने कथित रूप से तीन लाख नकद और चार कंप्यूटर चुरा लिए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि संगठनात्मक अनुशासन और जवाबदेही की आवश्यकता है। एसएडी की गतिविधियों से न केवल संगठन की छवि प्रभावित हुई है, बल्कि इससे समाज में भी नकारात्मक संदेश गया है। इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसे आरोपों से बचा जा सके।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसएडी ने सभी इकाइयों को क्यों निलंबित किया?
एसएडी ने रंगदारी के आरोपों के चलते सभी इकाइयों को निलंबित किया है।
क्या एसएडी के सदस्य पहले भी किसी विवाद में रहे हैं?
हां, एसएडी के सदस्यों पर पहले भी अनुशासनहीनता और अवैध वसूली के आरोप लगे हैं।
रिफात राशिद ने क्या कहा?
रिफात राशिद ने कहा कि कुछ लोगों ने एसएडी के नाम का दुरुपयोग किया है।
राष्ट्र प्रेस
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