क्या बांग्लादेश के राजनीतिक दल 'जुलाई नेशनल चार्टर-2025' के मसौदे की समीक्षा करेंगे?

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क्या बांग्लादेश के राजनीतिक दल 'जुलाई नेशनल चार्टर-2025' के मसौदे की समीक्षा करेंगे?

सारांश

बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक दल 'जुलाई नेशनल चार्टर-2025' पर हस्ताक्षर करने से पहले मसौदे की गहन समीक्षा करेंगे। क्या यह जनता की स्वीकृति प्राप्त करने में सफल होंगे? जानिए इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

बीएनपी और सहयोगियों का जनमत संग्रह का प्रस्ताव जमात और एनसीपी का चुनाव से पहले जनमत संग्रह करने का आग्रह चार्टर की गहन समीक्षा की आवश्यकता एनसीसी का हस्ताक्षर करने की समय सीमा राजनीतिक संवाद की महत्ता

ढाका, 11 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) सहित कई राजनीतिक दलों ने घोषणा की है कि वे 'जुलाई नेशनल चार्टर-2025' पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरे मसौदे की गहन समीक्षा करेंगे। इस बात की जानकारी स्थानीय मीडिया द्वारा दी गई है।

ये हालिया घटनाक्रम चार्टर के कार्यान्वयन प्रक्रिया और जनमत संग्रह के समय को लेकर मतभेदों के बीच सामने आए हैं, ताकि सार्वजनिक स्वीकृति प्राप्त की जा सके।

रिपोर्टों के अनुसार, बीएनपी और उसके सहयोगियों ने फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के साथ जनमत संग्रह कराने का प्रस्ताव रखा है, जबकि जमात, एनसीपी और अन्य दलों का मानना है कि इसे चुनाव से पहले किया जाना चाहिए।

बीएनपी का कहना है कि राष्ट्रीय चुनाव के साथ जनमत संग्रह कराना सबसे व्यावहारिक और लागत प्रभावी होगा।

बांग्लादेश के प्रमुख बंगाली दैनिक प्रथम अलो ने बीएनपी नेता सलाहुद्दीन अहमद के हवाले से कहा, "हमारा प्रस्ताव राष्ट्रीय चुनाव के दिन जनमत संग्रह कराने का सबसे संतुलित और समावेशी है। लगभग सभी इससे सहमत हैं।"

वहीं, जमात, एनसीपी और कई अन्य दलों ने कहा कि पहले जनमत संग्रह कराने से जनता का ध्यान और भागीदारी बढ़ेगी।

सर्वसम्मति आयोग के साथ चर्चा के दौरान जमात का नेतृत्व करने वाले अब्दुल्ला मोहम्मद ताहिर ने प्रोथोम अलो से कहा, "हम पहले जुलाई चार्टर में क्या है, यह देखेंगे और फिर उस पर हस्ताक्षर करेंगे।"

इसके अलावा, जमात नेता मिया गुलाम पोरवार ने बताया कि पार्टी यह देखने के बाद निर्णय लेगी कि चार्टर में आम सहमति और भिन्न विचार कैसे परिलक्षित होते हैं।

इस बीच, एनसीपी के संयुक्त संयोजक जाबेद रसीन ने कहा कि उन्हें चार्टर की अंतिम प्रति और कार्यान्वयन का विवरण अभी तक नहीं मिला है।

रसीन ने कहा, "हमें अभी तक जुलाई चार्टर की अंतिम प्रति नहीं मिली है। इसके अलावा, इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। एनसीपी आम सहमति आयोग के निर्णय के आधार पर अपने अगले कदम तय करेगी।"

बुधवार को, एनसीसी ने घोषणा की कि उसका लक्ष्य 16 अक्टूबर तक राजनीतिक दलों को जुलाई राष्ट्रीय चार्टर 2025 पर हस्ताक्षर करने में सक्षम बनाना है।

बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) ने एनसीसी के उपाध्यक्ष अली रियाज के हवाले से कहा, "राजनीतिक दलों द्वारा 15 और 16 अक्टूबर को जुलाई राष्ट्रीय चार्टर पर औपचारिक हस्ताक्षर पूरा करने का लक्ष्य है।"

इससे पहले जुलाई में, देश में राजनीतिक अनिश्चितता और अस्थिरता के बीच 30 राजनीतिक दलों और एनसीसी के बीच चर्चा का दूसरा चरण शुरू किया गया था।

जमात, एनसीपी और इस्लामी आंदोलन सहित कई राजनीतिक दलों ने जुलाई राष्ट्रीय चार्टर के मसौदे पर आपत्ति जताई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटनाक्रम बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक दलों के बीच संवाद और सहमति आवश्यक है, ताकि लोकतंत्र को मजबूती मिल सके। हमें उम्मीद है कि सभी दल इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करेंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश का जुलाई चार्टर क्या है?
जुलाई चार्टर बांग्लादेश में राजनीतिक दलों के बीच सहमति का एक मसौदा है, जिसे राजनीतिक स्थिरता के लिए तैयार किया गया है।
बीएनपी का जनमत संग्रह से क्या मतलब है?
बीएनपी का मानना है कि जनमत संग्रह राष्ट्रीय चुनाव के साथ कराना सबसे व्यावहारिक तरीका होगा।
जमात और एनसीपी का क्या कहना है?
जमात और एनसीपी चाहते हैं कि जनमत संग्रह चुनाव से पहले कराया जाए, ताकि जनता की भागीदारी बढ़ सके।
आखिरी बार कब चार्टर पर चर्चा हुई थी?
चार्टर पर चर्चा का दूसरा चरण जुलाई में शुरू हुआ था।
इस चार्टर का उद्देश्य क्या है?
इस चार्टर का उद्देश्य बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिरता को सुनिश्चित करना और जनता की स्वीकृति प्राप्त करना है।
राष्ट्र प्रेस