क्या बांग्लादेश में पोस्टल बैलेट को लेकर विरोध प्रदर्शन बढ़ रहा है?

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क्या बांग्लादेश में पोस्टल बैलेट को लेकर विरोध प्रदर्शन बढ़ रहा है?

सारांश

बांग्लादेश में चुनाव से पहले जेसीडी का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, पोस्टल बैलेट पर उठे सवाल। क्या यह राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है?

Key Takeaways

  • बांग्लादेश में पोस्टल बैलेट को लेकर विवाद बढ़ रहा है।
  • जेसीडी ने चुनाव आयोग को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया।
  • राजनीतिक दलों के बीच आंतरिक कलह भी सामने आ रही है।

ढाका, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले चुनाव से पहले, देश राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। जहां एक ओर राजनीतिक दलों के बीच आंतरिक विवाद सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पोस्टल बैलेट को लेकर हंगामा जारी है। इसी बीच, जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी) ने रविवार को अगरगांव में चुनाव आयोग की बिल्डिंग को घेर लिया।

जैसा कि ढाका ट्रिब्यून ने बताया, जेसीडी ने चुनाव आयोग के राजनीतिक प्रभाव और भेदभावपूर्ण फैसलों, विशेषकर पोस्टल बैलेट के मुद्दे पर इलेक्शन कमीशन के निर्णय का विरोध किया। छात्र दल के सैकड़ों कार्यकर्ता आयोग के सामने और उसके आसपास एकत्रित हुए।

जेसीडी के अध्यक्ष रकीबुल इस्लाम के नेतृत्व में लोग सुरक्षा घेरे के बाहर खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे। स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग के परिसर में और उसके आसपास कानून लागू करने वाली एजेंसियों की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस, नेवी, रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और अंसार के सदस्यों को तैनात किया गया है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिल्डिंग के पास दंगा नियंत्रण गाड़ियां और वॉटर कैनन लगाए गए हैं। छात्र दल ने आयोग को तीन मुख्य कारणों से घेरा है। पहला, पोस्टल बैलेट के संदर्भ में पक्षपाती और संदिग्ध निर्णय। दूसरा, कमीशन के निर्णय लेने की प्रक्रिया में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप और तीसरा, शाहजलाल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट यूनियन चुनाव के संबंध में एक विवादित नोटिफिकेशन जारी करना, जो कथित तौर पर एक विशेष राजनीतिक दल के प्रभाव में था।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रकीबुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि एक विशेष राजनीतिक समूह ने पोस्टल बैलेट पर अनुचित प्रभाव डाला है। संभावित सुधारों की रिपोर्ट के बावजूद, आयोग के कार्यों ने एक बार फिर छात्र संगठनों का अपमान किया है। यह स्थिति शाहजलाल यूनिवर्सिटी में छात्र संघ और हॉल चुनावों के आसपास भी देखी गई थी।

उन्होंने पोस्टल बैलेट वितरण प्रक्रिया की भी आलोचना की और इसे स्टूडेंट हॉस्टल में एक कॉमन जगह पर छोड़े गए पत्रों से तुलना की, जिसे कोई भी ले सकता था। उनका कहना था कि लगभग 160 बैलेट एक ही बॉक्स में रखे गए थे और बाद में बाहर से आए वोटरों में बांट दिए गए।

बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन बहरीन में एक ही पते पर बड़ी संख्या में पोस्टल बैलेट भेजे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुई चर्चा और आलोचना के चलते हुआ है। चुनाव आयोग ने 14 जनवरी को इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया था।

ईसी सचिवालय के सीनियर सचिव अख्तर अहमद ने कहा कि पोस्टल बैलेट यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के माध्यम से भेजे जाते हैं और विभिन्न देशों में, विशेषकर मध्य पूर्व में, पोस्टल सिस्टम भिन्न होते हैं। बहरीन में स्थानीय पोस्टल सिस्टम के कारण लगभग 160 बैलेट एक ही स्थान पर रह गए थे।

Point of View

NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

जेसीडी ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन क्यों किया?
जेसीडी ने पोस्टल बैलेट के संबंध में आयोग के भेदभावपूर्ण फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन का क्या असर होगा?
यह प्रदर्शन बांग्लादेश की चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
क्या चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर कुछ कहा है?
हाँ, चुनाव आयोग ने कहा है कि पोस्टल बैलेट विभिन्न देशों के पोस्टल सिस्टम के आधार पर भेजे जाते हैं।
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