क्या भारत ने फिजी के साथ उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य के लिए अपने रिश्तों की प्रतिबद्धता दोहराई?

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क्या भारत ने फिजी के साथ उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य के लिए अपने रिश्तों की प्रतिबद्धता दोहराई?

सारांश

भारत ने फिजी के साथ अपने रिश्तों की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को फिर से स्पष्ट किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध अब सहयोग के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जो साझा मूल्यों और लोगों के रिश्तों पर आधारित है। इस नई साझेदारी से दोनों देशों के नागरिकों को लाभ होगा।

Key Takeaways

  • भारत और फिजी के बीच दीर्घकालिक रिश्तों की पुष्टि की गई।
  • द्विपक्षीय संबंधों में नया चरण शुरू हुआ है।
  • साझा मूल्यों और भरोसे पर आधारित सहयोग पर जोर दिया गया।
  • वर्ष 2025 को महत्वपूर्ण माना गया है।
  • स्वास्थ्य सहयोग को प्राथमिकता दी गई है।

सुवा (फिजी), 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फिजी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने फिजी और व्यापक प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को फिर से स्पष्ट किया है। इसके साथ ही, भारत और फिजी के बीच द्विपक्षीय रिश्ते अब सहयोग के एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जो भरोसे, साझा मूल्यों और लोगों के रिश्तों पर आधारित होगा।

शुक्रवार रात (स्थानीय समय) फिजी के नोवोटेल लामी में आयोजित भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान, फिजी में भारत के उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने कहा कि भारत और फिजी मिलकर ऐसा भविष्य रच रहे हैं, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को सीधे और ठोस लाभ मिल सकेगा। स्थानीय मीडिया संस्था द फिजी टाइम्स ने यह जानकारी दी।

मेहता ने कहा, "साथ मिलकर, हम अपने लोगों के लिए एक ऐसा भविष्य बनाएंगे जो अधिक उज्ज्वल, अधिक समृद्ध और अधिक समावेशी हो।"

उन्होंने भारत और फिजी के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया और कहा कि गिरमिटिया समुदाय ने फिजी के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में लंबे समय से महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा, "फिजी में भारतीय प्रवासी 19वीं सदी से हमारे संबंधों की आधारशिला रहे हैं, और आज भी कृषि, व्यापार, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा सहित सभी क्षेत्रों में एक अभिन्न भूमिका निभा रहे हैं।"

सुवा स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, सुनीत मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और फिजी के मजबूत और बहुआयामी संबंधों को और सशक्त करना दोनों देशों के लोगों, पूरे क्षेत्र और उससे आगे के लिए लाभकारी होगा।

भारतीय मिशन ने बताया कि इस समारोह से दोनों देशों के बीच मित्रता, सहयोग और साझा मूल्यों के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।

इस अवसर पर मेहता ने वर्ष 2025 को भारत-फिजी संबंधों के लिए एक "महत्वपूर्ण वर्ष" बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उच्च स्तर पर राजनीतिक संवाद लगातार जारी रहा।

द फिजी टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि फिजी के राष्ट्रपति नाइकामा लालाबलावू (पिछले नवंबर) और प्रधानमंत्री सितिवेनी राबुका (अगस्त 2025) की भारत यात्रा के परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण समझौते हुए और एक संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसमें ‘वेलोमानी दोस्ती’ यानी आपसी सम्मान पर आधारित मित्रता की भावना को दोहराया गया।

मेहता ने स्वास्थ्य सहयोग को दोनों देशों की साझेदारी का एक प्रमुख पहलू बताया। उच्चायुक्त ने कृषि, शिक्षा, रक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा, "भारत स्थायी विकास, लचीलापन और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए फिजी और अन्य प्रशांत द्वीप देशों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

Point of View

हमें यह समझना चाहिए कि भारत और फिजी के बीच बढ़ते संबंध केवल द्विपक्षीय लाभ नहीं हैं, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग का भी संकेत हैं। इस प्रकार के रिश्ते हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं और हमें हमेशा इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

भारत और फिजी के बीच संबंधों का महत्व क्या है?
भारत और फिजी के बीच संबंधों का महत्व विकास, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में है।
क्या भारत फिजी के साथ और सहयोग करेगा?
हाँ, भारत ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई है।
फिजी में भारतीय समुदाय की भूमिका क्या है?
फिजी में भारतीय समुदाय ने सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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