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क्या नेपाल के सिंधुपालचौक में भारतीय सहायता से आधुनिक स्वास्थ्य भवन बनेंगे?

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क्या नेपाल के सिंधुपालचौक में भारतीय सहायता से आधुनिक स्वास्थ्य भवन बनेंगे?

सारांश

क्या नेपाल के सिंधुपालचौक में भारतीय सहायता से आधुनिक स्वास्थ्य भवन बनेंगे? जानिए इस महत्वपूर्ण सहयोग का उद्देश्य और स्थानीय निवासियों के लिए इसके लाभ।

मुख्य बातें

भारत और नेपाल के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा।
स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
यह आधुनिक स्वास्थ्य भवन स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी होंगे।
महिलाओं और बच्चों को विशेष लाभ मिलेगा।
परियोजना का खर्च भारत द्वारा उठाया जाएगा।

काठमांडू, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार ने नेपाल के सिंधुपालचौक जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण सहयोग देने का निर्णय लिया है। भारतीय सहायता से यहां कई आधुनिक हेल्थकेयर बिल्डिंग्स (स्वास्थ्य भवन) स्थापित किए जाएंगे, जो स्थानीय निवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे। इस संबंध में जानकारी मंगलवार को नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने साझा की।

दूतावास के एक प्रेस बयान के अनुसार, ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष झमका नाथ नेपाल और भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव नारायण सिंह ने मिलकर ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 और वार्ड नंबर 6 में नींव का पत्थर रखा। इन स्वास्थ्य भवनों का निर्माण लगभग 4 करोड़ नेपाली रुपये की कुल वित्तीय सहायता से किया जाएगा। इनमें दो मंजिला इमारतें होंगी, जिनमें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बयान में कहा गया है, "इन परियोजनाओं को हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपी) के रूप में विकसित किया जाएगा, और इसे चालू करने की जिम्मेदारी ग्रामीण नगरपालिका की होगी।"

एचआईसीडीपी के अंतर्गत ये प्रोजेक्ट स्थानीय अधिकारियों की सहायता से जमीनी स्तर पर लागू किए जाते हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पीने का पानी, सफाई और जल निकासी के अलावा गांवों में बिजली आपूर्ति, हाइड्रोपावर, तटबंध और नदी प्रबंधन शामिल हैं।

पहले लघु विकास परियोजनाओं के नाम से जानी जाने वाली एचआईसीडीपी को नवंबर 2003 में नेपाल सरकार और भारत सरकार के बीच द्विपक्षीय समझौते के माध्यम से शुरू किया गया था।

ये परियोजनाएं, नेपाल के साथ विकासात्मक भागीदारी का एक नवीनतम और आवश्यक हिस्सा हैं। इन्हें नेपाल सरकार के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है ताकि ऐसा बुनियादी ढांचा बनाया जा सके जो जमीनी स्तर पर नेपाल के लोगों के जीवन में सुधार ला सके।

शिलान्यास समारोह के दौरान, ग्रामीण नगरपालिका अध्यक्ष नेपाल और अन्य हितधारकों ने भारत सरकार की मदद के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि नया स्वास्थ्य ढांचा इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार करेगा।

दूतावास ने कहा, "पड़ोसी होने के नाते, भारत और नेपाल कई प्रकार के और मल्टी-सेक्टरल सहयोग में लगे हुए हैं।" इसमें यह भी कहा गया कि एचआईसीडीपी का कार्यान्वयन, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के अलावा, विकास और तरक्की प्राप्त करने के लिए नेपाल सरकार के प्रयासों को मजबूत करने में भारत सरकार के सहयोग को दर्शाता है।

नए स्वास्थ्य भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य इकाइयों के रूप में बनाए जाएंगे। इनमें आधुनिक उपकरण, इमरजेंसी सेवाएं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुविधाएं और सामान्य ओपीडी शामिल होंगे। परियोजना की लागत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है, जो भारत के अनुदान से पूरी होगी।

नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इससे महिलाओं और बच्चों को अधिक लाभ होगा। ये भवन दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को समय पर इलाज मुहैया कराएंगे। भारतीय दूतावास ने इसे दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्थानीय समुदायों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। यह कदम भारत और नेपाल के बीच सहयोग को और प्रगाढ़ करेगा, जिससे दोनों देशों के लोग बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह परियोजना कब शुरू होगी?
यह परियोजना जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, खासकर जब नींव का पत्थर रख दिया गया है।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
यह परियोजना किसकी सहायता से चल रही है?
यह परियोजना भारतीय सरकार की सहायता से चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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