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क्या पाकिस्तानी पासपोर्ट अब भी 'सबसे कमजोर' है? भारत ने 8 अंकों की बड़ी छलांग लगाई

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क्या पाकिस्तानी पासपोर्ट अब भी 'सबसे कमजोर' है? भारत ने 8 अंकों की बड़ी छलांग लगाई

सारांश

क्या आप जानते हैं कि भारत ने पासपोर्ट रैंकिंग में 8 अंकों की छलांग लगाई है, जबकि पाकिस्तान का पासपोर्ट अब भी सबसे कमजोर है? जानिए यह नई रैंकिंग क्या कहती है और कौन से देश शीर्ष पर हैं।

मुख्य बातें

भारत का पासपोर्ट 8 अंकों की वृद्धि के साथ 77वें स्थान पर पहुंचा।
पाकिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर है, जो केवल 32 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की अनुमति देता है।
सिंगापुर पहले स्थान पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर हैं।
यूएई ने 34 स्थान की छलांग लगाकर टॉप 10 में जगह बनाई।
ब्रिटेन और अमेरिका की रैंकिंग में गिरावट आई है।

नई दिल्ली, 24 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। दुनियाभर के देशों के पासपोर्ट की नई रैंकिंग सामने आई है। इस पासपोर्ट इंडेक्स में भारत ने एक महत्वपूर्ण छलांग लगाई है, जबकि पाकिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में से एक माना गया है।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के अनुसार, विश्व के पासपोर्ट्स की रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर हैं। इसके अतिरिक्त, भारत और यूएई जैसे देशों ने पासपोर्ट रैंकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि की है। भारत ने छह महीने में आठ स्थान की छलांग लगाकर 85वें से 77वें स्थान पर पहुंच गया है।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के अनुसार, पाकिस्तान का पासपोर्ट सिर्फ 32 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की अनुमति देता है। पाकिस्तान वर्तमान में 96वें स्थान पर है, जो सोमालिया, यमन, इराक, सीरिया और अफगानिस्तान जैसे युद्धग्रस्त देशों से ऊपर है। पिछले वर्ष 2024 में, पाकिस्तान का पासपोर्ट यमन के साथ मिलकर चौथा सबसे कमजोर था।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के अनुसार, पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर हैं। इसके बाद सात यूरोपीय देश - डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली और स्पेन तीसरे स्थान पर हैं। इसके अतिरिक्त, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल और स्वीडन चौथे स्थान पर हैं, जबकि न्यूजीलैंड, ग्रीस और स्विट्जरलैंड पांचवें स्थान पर हैं।

इसके अलावा, ब्रिटेन और अमेरिका की रैंकिंग में गिरावट आई है। दोनों एक-एक स्थान नीचे खिसक गए हैं। ब्रिटेन और अमेरिका अब क्रमशः 6ठे और 10वें स्थान पर हैं। 2015 और 2014 में ये दोनों सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट थे।

सऊदी अरब ने वीजा-मुक्त पहुंच में सबसे बड़ी बढ़त हासिल की है। संयुक्त अरब अमीरात ने 10 वर्षों में 34 स्थान की छलांग लगाई, 42वें से 8वें स्थान पर पहुंचकर टॉप 10 में शामिल हुआ है। इसके अलावा, चीन भी 2015 से 34 स्थान ऊपर चढ़कर 94वें से 60वें स्थान पर पहुंचा। हालांकि, उसे यूरोप के शेंगेन क्षेत्र में वीजा-मुक्त प्रवेश नहीं मिला है।

बता दें कि यह रैंकिंग 199 पासपोर्ट्स के वीजा-मुक्त गंतव्यों (227) के आधार पर तैयार की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देशों की वैश्विक स्थिति का भी संकेत देती है। भारत का इस क्षेत्र में आगे बढ़ना न केवल देश की ताकत को दर्शाता है, बल्कि यह हमारे नागरिकों के लिए भी नई संभावनाएं खोलता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का पासपोर्ट कौन से स्थान पर है?
भारत का पासपोर्ट 77वें स्थान पर है।
पाकिस्तान का पासपोर्ट किस स्थान पर है?
पाकिस्तान का पासपोर्ट 96वें स्थान पर है।
सिंगापुर का पासपोर्ट किस स्थान पर है?
सिंगापुर का पासपोर्ट पहले स्थान पर है।
क्या पाकिस्तान का पासपोर्ट कमजोर है?
जी हां, पाकिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर पासपोर्ट्स में से एक है।
यूएई ने पासपोर्ट रैंकिंग में कितने स्थान की छलांग लगाई?
यूएई ने 34 स्थान की छलांग लगाई है।
राष्ट्र प्रेस
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