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क्या भारत-सिंगापुर के बीच तीसरी मंत्रिस्तरीय वार्ता 13 अगस्त को दिल्ली में होगी?

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क्या भारत-सिंगापुर के बीच तीसरी मंत्रिस्तरीय वार्ता 13 अगस्त को दिल्ली में होगी?

सारांश

भारत-सिंगापुर के बीच तीसरी मंत्रिस्तरीय वार्ता का आयोजन 13 अगस्त को नई दिल्ली में होने जा रहा है। इस वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देना और उन्हें मजबूत करना है। जानिए इस महत्वपूर्ण बैठक में किन-किन मंत्रियों की भागीदारी होगी और इसके क्या लक्ष्य हैं।

मुख्य बातें

भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का प्रयास।
उच्च-स्तरीय मंत्रियों की भागीदारी।
भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग का ध्यान।
भारत-सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी का विकास।
सिंगापुर के प्रधानमंत्री की संभावित भारत यात्रा।

नई दिल्ली, 12 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय वार्ता (आईएसएमआर) का तीसरा दौर बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देना और उन्हें मजबूत करना है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस मंत्रिस्तरीय वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे।

सिंगापुर प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप प्रधानमंत्री और व्यापार व उद्योग मंत्री गान किम योंग करेंगे। सिंगापुर से भाग लेने वाले अन्य मंत्रियों में राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री व गृह मंत्री के. षणमुगम, विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन, डिजिटल विकास एवं सूचना मंत्री जोसेफिन तेओ, जनशक्ति मंत्री तान सी लेंग और कार्यवाहक परिवहन मंत्री जेफरी सिओ भी उपस्थित रहेंगे।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित आईएसएमआर, भारत-सिंगापुर सहयोग के लिए एक नया एजेंडा निर्धारित करने के लिए एक अनूठा तंत्र है। इसकी उद्घाटन बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में और दूसरी बैठक अगस्त 2024 में सिंगापुर में आयोजित की गई थी।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और सिंगापुर एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। आईएसएमआर का तीसरा दौर हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापकगहन बनाने के अवसरों की पहचान करेगा।

यह उच्च-स्तरीय चर्चा सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की अगले महीने संभावित भारत यात्रा से पहले हो रही है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान भारत और सिंगापुर ने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था।

इसके बाद, जनवरी 2025 में सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम ने उच्च-स्तरीय बैठकों के लिए भारत का दौरा किया था। राष्ट्रपति थर्मन के साथ उनकी पत्नी जेन इट्टोगी शनमुगरत्नम भी भारत दौरे पर आईं। यह राष्ट्रपति थर्मन की भारत में पहली राजकीय यात्रा थी। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ भी बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए 'भविष्य के क्षेत्रों' पर ध्यान केंद्रित किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारे देश की विदेश नीति को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे उच्च-स्तरीय संवाद आवश्यक हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय वार्ता का उद्देश्य क्या है?
इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देना और उन्हें मजबूत करना है।
कौन-कौन से मंत्री इस वार्ता में शामिल होंगे?
इस वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे।
इस वार्ता का महत्व क्या है?
यह वार्ता दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगी और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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