क्या चीन और अमेरिका की व्यापार वार्ता मलेशिया में सफल होगी?
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सारांश
चीन और अमेरिका की व्यापार वार्ता २५ अक्टूबर को मलेशिया में शुरू हुई है। इस वार्ता के दौरान चीनी वाणिज्य मंत्री ने डी-कपलिंग के खिलाफ चीन के दृष्टिकोण को साझा किया। क्या यह वार्ता द्विपक्षीय संबंधों में सुधार लाएगी? जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
Key Takeaways
- चीन और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का आरंभ।
- डी-कपलिंग का विरोध करता चीन।
- पारस्परिक सम्मान के आधार पर संबंध सुधारने की कोशिश।
- वैश्विक उत्पादन और सप्लाई चेन की सुरक्षा।
- स्वस्थ और स्थिर विकास की संभावनाएं।
बीजिंग, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। २५ अक्टूबर की सुबह चीन और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता मलेशिया के क्वालालम्पुर में आरंभ हुई।
ज्ञात रहे कि चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ ने २४ अक्टूबर को हुई एक प्रेस वार्ता में कहा कि एक जिम्मेदार बड़े देश के तौर पर चीन हमेशा डी-कपलिंग का विरोध करता है और वैश्विक उत्पादन एवं सप्लाई चेन की सुरक्षा और स्थिरता की दृढ़ता से रक्षा करता है।
पहले चार दौर की व्यापार वार्ता ने यह साबित कर दिया है कि चीन और अमेरिका आपसी सम्मान और समानता के आधार पर एक-दूसरे की चिंताओं को हल करने के उपाय खोज सकते हैं, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों का स्वस्थ, स्थिर और सतत विकास संभव हो सकेगा।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
Point of View
मैं यह मानता हूँ कि चीन और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता से न केवल इन दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आएंगे। हमें आशा है कि यह वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी।
NationPress
13/02/2026
Frequently Asked Questions
चीन और अमेरिका की व्यापार वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को सुधारना और आपसी चिंताओं का समाधान खोजना है।
डी-कपलिंग का अर्थ क्या है?
डी-कपलिंग का अर्थ है आर्थिक या व्यापारिक संबंधों को अलग करना। चीन इसका विरोध करता है।
क्या इस वार्ता का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा?
हां, अगर यह वार्ता सफल होती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।