क्या 14वीं पंचवर्षीय योजना में सेंट्रल रूट से गुजरने वाली चीन-यूरोप मालगाड़ियों की संख्या 15 हजार से ज्यादा है?
सारांश
Key Takeaways
- चीन-यूरोप मालगाड़ियों की संख्या 15,000 से अधिक हो गई है।
- एरेनहॉट रेलवे पोर्ट एक प्रमुख भूमि सीमा पोर्ट है।
- ये मालगाड़ियां 70 से अधिक शहरों को जोड़ती हैं।
- कस्टम्स प्रणाली ने व्यापार की गति को बढ़ाया है।
- यह सेंट्रल रूट 'गोल्डन लिंक' साबित हो रहा है।
बीजिंग, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चीन के होहहोट कस्टम्स के अनुसार, 14वीं पंचवर्षीय योजना के तहत, भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश का एरेनहॉट रेलवे पोर्ट, जिसे "सेंट्रल रूट" कहा जाता है, से गुजरने वाली चीन-यूरोप मालगाड़ियों की कुल संख्या 15,000 से अधिक हो गई है। इन कस्टम की निगरानी वाली मालगाड़ियों द्वारा परिवहन किए गए माल का कुल वजन 1.65 करोड़ टन से ज्यादा रहा।
चीन के भीतरी मंगोलिया का एरेनहॉट रेलवे पोर्ट चीन और मंगोलिया के बीच सबसे बड़ा भूमि सीमा पोर्ट है, जो चीन-यूरोप रेलवे एक्सप्रेस के सेंट्रल रूट पर प्रवेश और निकास का एकमात्र पोर्ट भी है। एरेनहॉट रेलवे पोर्ट से होकर गुजरने वाली चीन-यूरोप मालगाड़ी लाइनों की संख्या 2021 में 54 से बढ़कर 2025 में 74 तक पहुंचने की उम्मीद है।
ये मालगाड़ियां 10 से ज्यादा देशों व क्षेत्रों के 70 से अधिक शहरों तक पहुंचती हैं और चीन के 60 से ज्यादा शहरों तक भी पहुंचती हैं। इससे एक ऐसा रसद नेटवर्क बनता है, जो 'अंदरूनी और बाहरी तौर पर जुड़ा हुआ है और पूरे क्षेत्र को कवर करता है'। चीन-यूरोप रेलवे एक्सप्रेस का सेंट्रल रूट क्रॉस-बॉर्डर व्यापार के लिए एक 'गोल्डन लिंक' बन गया है।
चीनी सीमा शुल्क विभागों ने स्मार्ट कस्टम्स का निर्माण मजबूती से किया है। उन्होंने गैर-आक्रामक निरीक्षण तकनीक का उपयोग कर 24 घंटे पूर्व-पंजीकरण सीमा शुल्क निकासी चैनल को चालू किया है। इसके साथ ही, उन्होंने व्यवसाय प्रसंस्करण मोड में नवाचार किया और 'क्लाउड सेवा' के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक सूचना मंच की स्थापना की है। इससे चीन-यूरोप मालगाड़ियों की गति और दक्षता में वृद्धि हुई है।
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)