क्या पाक अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में विवादित नियुक्तियों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं?

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क्या पाक अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में विवादित नियुक्तियों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं?

सारांश

पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शनों की लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। जीबी यूथ मूवमेंट ने विवादास्पद व्यक्तियों की नियुक्ति को लेकर सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाई है। क्या पाकिस्तान सरकार इस मुद्दे को सुलझा पाएगी? जानिए इस रिपोर्ट में।

Key Takeaways

  • गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने विवादास्पद नियुक्तियों के खिलाफ आवाज उठाई है।
  • प्रदर्शनकारियों ने कैबिनेट में पढ़े-लिखे युवाओं के प्रतिनिधित्व की मांग की।
  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है।

इस्लामाबाद, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं। जीबी यूथ मूवमेंट ने चिनारबाग क्षेत्र में तथाकथित केयरटेकर सरकार में विवादास्पद व्यक्तियों के समावेश के खिलाफ प्रदर्शन किया है।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, राजनीतिक और नागरिक समाज के सदस्यों ने तथाकथित केयरटेकर कैबिनेट में प्रतिनिधित्व की कमी पर घांचे, नगर और शिगर जिलों में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कैबिनेट में कई विवादित व्यक्तियों को शामिल करना आगामी आम चुनावों में धांधली की योजना का हिस्सा है, और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कैबिनेट में पढ़े-लिखे युवाओं और निष्पक्ष व्यक्तियों के प्रतिनिधित्व की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि जब तक कैबिनेट सदस्यों की नियुक्ति का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे धरना जारी रखेंगे।

प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने चिनारबाग में रिवर रोड को अवरुद्ध कर दिया, और बाद में, पुलिस ने जीबी यूथ मूवमेंट के अध्यक्ष समेत आठ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

पिछले महीने, एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पीओजीबी में चुनाव तब तक बेमतलब रहेंगे, जब तक इस क्षेत्र का अपना प्रांतीय संविधान नहीं बनता और विधानसभा के पास संसाधनों पर कानून बनाने का अधिकार नहीं होता।

स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव की याद दिलाई, जिसके अनुसार भारत के साथ विवाद सुलझाने के लिए गिलगित-बाल्टिस्तान से सभी पाकिस्तानी नागरिकों को हटाना आवश्यक है। यह बात अमेरिका में रहने वाले इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज के फाउंडर सेंगे सेरिंग ने इंटरनेशनल सेंटर फॉर पीस स्टडीज की एक रिपोर्ट में उल्लेखित की है।

रिपोर्ट में कहा गया, "पहले, नेशनलिस्ट ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनावों का बहिष्कार किया था क्योंकि स्थानीय निर्वाचन आयोग सभी उम्मीदवारों से पाकिस्तान के प्रति वफादारी की शपथ पर हस्ताक्षर करने को कहता है। नेशनलिस्ट का कहना है कि गिलगित-बाल्टिस्तान कानूनी रूप से पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और उसके संवैधानिक दायरे से बाहर है, इसलिए वहां के लोगों को किसी दूसरे देश के प्रति वफादारी की कसम खाने के लिए मजबूर करना गलत और गैर-संवैधानिक है।"

रिपोर्ट में आगे कहा गया, "हालांकि, इस बार, नेशनलिस्ट गठबंधन ने सभी चुनाव क्षेत्रों में उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह निर्णय इस लिए लिया क्योंकि इस प्रकार की दिखावटी प्रक्रिया में पाकिस्तानी कठपुतलियों को राजनीतिक खालीपन भरने, फंडिंग पर नियंत्रण रखने और असली राष्ट्रीय पहचान का गलत इस्तेमाल करने की शक्ति मिलती है।"

रिपोर्ट में यह भी कहा गया, "सेना के लोग पारंपरिक रूप से मुस्लिम लीग, तहरीक-ए-इंसाफ और पीपुल्स पार्टी जैसी पाकिस्तानी राजनीतिक दलों को इलाके की चुनावी राजनीति पर हावी होने और स्थानीय सरकारें बनाने में सहायता करते हैं। यह पाकिस्तानी पश्तूनों, हिंदकोवाल और पंजाबियों के लिए कब्जे वाले इलाके में गैर-कानूनी बस्तियां बसाने का एक साधन है।"

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि सरकार इन आवाज़ों को सुने और ठोस कदम उठाए।
NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

गिलगित-बाल्टिस्तान में किसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं?
गिलगित-बाल्टिस्तान में जीबी यूथ मूवमेंट ने तथाकथित केयरटेकर सरकार में विवादास्पद व्यक्तियों की नियुक्ति के खिलाफ प्रदर्शन किया है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कैबिनेट में पढ़े-लिखे युवाओं और निष्पक्ष लोगों को प्रतिनिधित्व दिया जाए।
क्या प्रदर्शन में किसी को गिरफ्तार किया गया?
हां, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जीबी यूथ मूवमेंट के अध्यक्ष समेत आठ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
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