क्या आईएमएफ ने भारत की 2025 तक की विकास दर को 7.3 प्रतिशत बढ़ा दिया?

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क्या आईएमएफ ने भारत की 2025 तक की विकास दर को 7.3 प्रतिशत बढ़ा दिया?

सारांश

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की विकास दर का अनुमान 2025 के लिए 7.3 प्रतिशत बढ़ा दिया है। यह वृद्धि पहले के अनुमान से 0.7 प्रतिशत अधिक है, जो देश की आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत है। क्या यह वृद्धि देश के आर्थिक भविष्य को उज्जवल बनाएगी?

Key Takeaways

  • भारत की विकास दर 2025 में 7.3 प्रतिशत
  • आईएमएफ का अनुमान 0.7 प्रतिशत अधिक
  • उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए भारत का महत्व
  • भविष्य में संभावित विकास दर में कमी
  • महंगाई में गिरावट की संभावना

वॉशिंगटन, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने सोमवार को 2025 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। यह अनुमान पहले की तुलना में 0.7 प्रतिशत ज्यादा है। आईएमएफ ने इस वृद्धि का कारण साल के दूसरे हिस्से में बेहतर प्रदर्शन को बताया है।

आईएमएफ की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी तिमाही में बेहतर नतीजे और चौथी तिमाही में मजबूत गति के चलते भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ाया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक है।

हालांकि, आईएमएफ ने यह भी कहा है कि भविष्य के वर्षों में भारत की विकास दर में थोड़ी कमी आ सकती है। अनुमान के अनुसार, 2026 और 2027 में भारत की विकास दर घटकर 6.4 प्रतिशत रह सकती है।

इसके बावजूद, आईएमएफ ने कहा है कि भारत उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास का एक प्रमुख इंजन बना रहेगा। आईएमएफ के अनुसार, इन देशों की औसत विकास दर 2026 और 2027 में केवल 4 प्रतिशत से थोड़ी अधिक रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उभरते और विकासशील एशियाई देशों को तकनीक से जुड़े निवेश और व्यापार का फायदा मिल रहा है, भले ही वैश्विक आर्थिक गति हर जगह एक समान न हो।

आईएमएफ के अनुसार, वैश्विक आर्थिक विकास दर 2026 में 3.3 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है। व्यापार तनाव कम होना, वित्तीय हालात का अनुकूल होना और विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकों से जुड़े निवेश में वृद्धि महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

महंगाई के संदर्भ में भी भारत के लिए सकारात्मक समाचार है। आईएमएफ का कहना है कि 2025 में महंगाई में बड़ी गिरावट के बाद भारत में महंगाई दर फिर से तय लक्ष्य के करीब आ सकती है। इसका कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों का नियंत्रण में रहना है, जिससे घरेलू मांग को समर्थन मिलेगा।

हालांकि, आईएमएफ ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य को लेकर कुछ जोखिम अभी भी बने हुए हैं। यदि एआई से मिलने वाले फायदे उम्मीद से कम रहे, तो निवेश घट सकता है और वैश्विक वित्तीय हालात सख्त हो सकते हैं, जिसका असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा।

वहीं, आईएमएफ का कहना है कि यदि एआई को तेजी से अपनाया गया और इससे उत्पादकता में वृद्धि हुई, तो वैश्विक आर्थिक विकास को गति मिल सकती है, बशर्ते वित्तीय जोखिम नियंत्रण में रहें।

Point of View

लेकिन हमें सतर्क रहना होगा। वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ और तकनीकी बदलावों के कारण स्थिति बदल सकती है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

आईएमएफ ने भारत की विकास दर को क्यों बढ़ाया?
आईएमएफ ने भारत की विकास दर को बढ़ाने का कारण साल के दूसरे हिस्से में बेहतर आर्थिक प्रदर्शन को बताया है।
क्या भारत की विकास दर में भविष्य में कमी आ सकती है?
हां, आईएमएफ ने भविष्य में भारत की विकास दर में कमी आने की संभावना जताई है।
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