21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अमेरिका में आईसीई अधिकारियों के हाथों एक और नागरिक की मौत हुई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अमेरिका में आईसीई अधिकारियों के हाथों एक और नागरिक की मौत हुई?

सारांश

अमेरिका में आईसीई अधिकारियों के हाथों एक और नागरिक की हत्या ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। स्थानीय नेताओं की ट्रंप सरकार से मांग है कि वे शहर में अपने ऑपरेशन को समाप्त करें। क्या ये घटनाएँ आगे और प्रदर्शनों की ओर ले जाएँगी?

मुख्य बातें

आईसीई अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय नेताओं ने ट्रंप सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो फुटेज ने घटना की गंभीरता को बढ़ा दिया है।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका में एक बार फिर इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) अधिकारियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। शनिवार को फेडरल इमिग्रेशन एजेंटों द्वारा एक अमेरिकी नागरिक की हत्या का मामला सामने आया। कुछ हफ्ते पहले मिनियापोलिस में आईसीई अधिकारियों ने एक महिला को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद इस क्षेत्र में यह दूसरी हत्या है, जिसने नए विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया, और स्थानीय नेताओं ने ट्रंप सरकार से शहर में अपना ऑपरेशन बंद करने की मांग की।

शनिवार को फेडरल एजेंटों ने बर्फीली सड़क पर आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेट्टी को गोली मार दी। करीब तीन हफ्ते से भी कम समय पहले आईसीई के एक अधिकारी ने ३७ साल की रेनी गुड को उनकी कार में गोली मार दी थी।

हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने आईसीई की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यह सेल्फ डिफेंस था। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने प्रेट्टी के पास से मिले एक पिस्तौल और गोला-बारूद की ओर इशारा किया।

होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने एक ब्रीफिंग में कहा था, "वह हिंसा फैलाने के लिए वहां था।" वहीं, व्हाइट हाउस ने भी प्रेट्टी को हत्यारा बताया। रेनी गुड की मौत की तरह इस घटना का भी फुटेज सामने आया है। मोबाइल से निकाले गए वीडियो ने फेडरल सरकार के घटना के ब्योरे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमेरिकी मीडिया में बड़े पैमाने पर दिखाए गए वीडियो में प्रेट्टी बर्फ से ढकी सड़क पर एजेंटों को फिल्माते और ट्रैफिक को कंट्रोल करते हुए दिख रहे हैं। एक वीडियो में आईसीई अधिकारी को एक महिला प्रदर्शनकारी को फुटपाथ पर जमीन पर धकेलते हुए देखा गया। इसके बाद प्रेट्टी उनके बीच आ जाते हैं और एजेंट के चेहरे पर एक केमिकल इरिटेंट स्प्रे कर देते हैं।

इसके बाद एजेंट, प्रेट्टी को जमीन पर खींच लेता है और कई अधिकारी उसे बर्फ वाली सड़क पर हिरासत में लेने की कोशिश करने लगते हैं। इस बीच जैसे ही एक अधिकारी को लगता है कि प्रेट्टी के पास बंदूक है, वह उसके पैंट से बंदूक निकालता है कि तभी दूसरा एजेंट प्रेट्टी पर गोली चला देता है। इसके बाद आईसीई अधिकारी दूर से उसके बेजान शरीर पर कई बार गोली चलाते हैं।

ताजा मामले को लेकर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जब मैं मिनेसोटा गया तो आईसीई ज्यादा स्थानीय कानून प्रवर्तन के साथ काम करना चाहते थे ताकि जमीनी हालात हाथ से बाहर न हों। मिनेसोटा में स्थानीय नेतृत्व ने अब तक उन रिक्वेस्ट का जवाब देने से मना कर दिया है।"

मिनियापोलिस में प्रदर्शन को लेकर एक अन्य पोस्ट में वेंस ने लिखा, "इस तरह की बनावटी अफरा-तफरी सिर्फ मिनियापोलिस में होती है। यह स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने वाले कट्टर वामपंथी आंदोलनकारियों का सीधा नतीजा है।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना का क्या असर होगा?
इस घटना से अमेरिका में इमिग्रेशन नीति और कानून प्रवर्तन में बदलाव की मांग बढ़ सकती है।
क्या ट्रंप सरकार इस पर कार्रवाई करेगी?
ट्रंप सरकार ने आईसीई की कार्रवाई का समर्थन किया है, लेकिन विरोध प्रदर्शनों के बढ़ने पर उन्हें विचार करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले