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क्या इमरान खान की अपील से पाकिस्तान सरकार घबराई है? रावलपिंडी में 1,300 सुरक्षाकर्मी तैनात

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क्या इमरान खान की अपील से पाकिस्तान सरकार घबराई है? रावलपिंडी में 1,300 सुरक्षाकर्मी तैनात

सारांश

इमरान खान की अपील ने पाकिस्तान की सरकार में खलबली मचा दी है। रावलपिंडी में 1,300 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के पीछे क्या कारण है? जानिए इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

रावलपिंडी में 1,300 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
इमरान खान को 17 साल की सजा सुनाई गई है।
पीटीआई के नेता समर्थन में खड़े हैं।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया गया है।

इस्लामाबाद, 21 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संभावित विरोध प्रदर्शनों और लियाकत बाग में जमात-ए-इस्लामी की सभा को ध्यान में रखते हुए रावलपिंडी में 1,300 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

तोशाखाना II मामले में सजा का ऐलान होने के बाद, इमरान खान ने अपने एक्स हैंडल पर लोगों से विरोध करने की अपील की थी। शनिवार को फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की अदालत ने इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की जेल की सजा सुनाई।

पीटीआई के नेता और कार्यकर्ताओं ने इमरान खान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है और कहा है कि उनके नेता को जानबूझकर फंसाया गया है।

पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा ने बताया कि इमरान खान ने अपने समर्थकों से सड़क पर आंदोलन की तैयारी करने को कहा है।

प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए, अधिकारियों ने दो पुलिस अधीक्षक, सात उप पुलिस अधीक्षक, 29 इंस्पेक्टर, 92 अपर सबोर्डिनेट और 340 कांस्टेबल्स को तैनात किया है।

इसके साथ ही, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने शहर में 32 पिकेट स्थापित किए हैं और एलीट फोर्स के कमांडो को भी तैनात किया गया है।

तोशाखाना मामले में फैसले के बाद, इमरान खान ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया है और फैसले को चुनौती देने की इच्छा भी जताई है।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने कहा, "मैंने (खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री) सोहेल अफरीदी को आंदोलन की तैयारी का संदेश भेजा है। पूरे देश को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना होगा।"

उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला कोई आश्चर्य की बात नहीं थी, हालाँकि उन्होंने अपनी लीगल टीम से फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में जाने का निर्देश दिया।

तोशाखाना-II भ्रष्टाचार मामले में एक आधिकारिक दौरे के दौरान, सऊदी क्राउन प्रिंस ने इमरान खान को बहुमूल्य उपहार दिया था। खान ने इसे मामूली कीमत का बताया था, लेकिन बाद में यह झूठ साबित हुआ। मामला अदालत पहुंचा।

इसी मामले में फैसला फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) की स्पेशल कोर्ट के जज सेंट्रल शाहरुख अरजुमंद ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में सुनाया, जहाँ इमरान खान कैद हैं।

इस फैसले के तहत, इमरान खान को कुल 17 साल की जेल की सजा सुनाई गई, जिसमें पाकिस्तान दंड संहिता की कई धाराओं के तहत 10 साल की कड़ी कैद और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 7 साल की सजा शामिल है।

बुशरा बीबी को भी इन्हीं कानूनी प्रावधानों के तहत 17 साल की जेल की सजा सुनाई गई है।

इसके अलावा, दोनों पर 16.4 मिलियन रुपये का जुर्माना लगाया गया है; जुर्माना न चुकाने पर जेल में रहने की मियाद बढ़ जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा मानना है कि यह समय देश की एकता और राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखने का है। इमरान खान के समर्थन में उठ रहे विरोध प्रदर्शन देश में अस्थिरता को बढ़ा सकते हैं। सभी पक्षों को संयम बरतने की आवश्यकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान खान को क्यों सजा दी गई?
इमरान खान को तोशाखाना-II मामले में गिफ्ट को कम कीमत पर दर्शाने के आरोप में 17 साल की जेल की सजा दी गई है।
रावलपिंडी में सुरक्षा व्यवस्था क्यों बढ़ाई गई?
पार्टी के संभावित विरोध प्रदर्शनों और सभा के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
क्या इमरान खान ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया?
हाँ, इमरान खान ने अपने समर्थकों से विरोध प्रदर्शनों की तैयारी करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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