26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या इमरान खान ने जेल से 'मौत या रिहाई' मांगी? कोहाट में गूंजा 'हकीकी आजादी' का नारा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या इमरान खान ने जेल से 'मौत या रिहाई' मांगी? कोहाट में गूंजा 'हकीकी आजादी' का नारा

सारांश

पाकिस्तान की राजनीति में हालिया घटनाक्रम में इमरान खान ने जेल से 'मौत या रिहाई' की मांग की है। कोहाट में आयोजित रैली में उनके समर्थकों ने 'हकीकी आजादी' का नारा लगाया, जो इस समय की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा बन गई है। जानिए इस रैली के पीछे की कहानी और इमरान खान के संदेश के बारे में।

मुख्य बातें

इमरान खान का जेल से 'मौत या रिहाई' का संदेश महत्वपूर्ण है।
कोहाट में आयोजित रैली ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
हकीकी आजादी का नारा समर्थकों में जोश भरता है।
अफरीदी का नेतृत्व राजनीतिक संघर्ष में महत्वपूर्ण है।
जेल प्रशासन की कार्रवाई से इमरान खान का मामला और जटिल हो गया है।

इस्लामाबाद, 14 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान में इमरान खान की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य मुहम्मद सोहेल अफरीदी कर रहे हैं। अफरीदी, जो केपी यानी खैबर पख्तूनख्वा के वजीर-ए-आला हैं, ने रविवार को कोहाट में एक रैली का आयोजन किया। इस रैली में आम जनता और पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ के हजारों समर्थक उपस्थित हुए। यहीं पर हकीकी आजादी का नारा गूंजा।

अफरीदी ने पीटीआई समर्थकों से कहा कि यदि विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया जाता है तो "तैयार रहें," और कहा कि "हम देश के मौजूदा शासकों के साथ मिलकर अपनी हकीकी आजादी (असल आजादी) हासिल करेंगे।"

उन्होंने भीड़ को याद दिलाया कि जेल में बंद पीटीआई संस्थापक इमरान खान ने जेल से "आजादी या मौत" का संदेश भेजा था।

प्रमुख मीडिया हाउस डॉन के अनुसार, उन्होंने कहा, "तो अगर हम इस बार जाते हैं, तो हम या तो कफन में लौटेंगे या आजादी लेकर।" उन्होंने आगे कहा कि इमरान ने सरकार से बातचीत या विरोध प्रदर्शन जैसे फैसले लेने की जिम्मेदारी पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (पीकेएमएपी) के चेयरमैन महमूद खान अचकजई और सीनेटर अल्लामा राजा नासिर अब्बास को दी है।

ये दोनों नेता पीटीआई के साथ विपक्षी गठबंधन तहरीक-ए-तहफ्फुज आईन-ए-पाकिस्तान (टीटीएपी) का हिस्सा हैं, जिसने उन्हें नेशनल असेंबली और सीनेट में विपक्ष के नेता के रूप में भी नामित किया है।

अफरीदी ने कहा, "मेरी तरफ से, मैंने उनसे मुलाकात की और उन्हें हर तरह के समर्थन का आश्वासन दिया।"

उन्होंने आगे कहा, "तो जब भी उनकी तरफ से कोई बुलावा आए, आपको तैयार रहना होगा। और हम मिलकर उनसे (देश के मौजूदा शासकों से) हकीकी आजादी हासिल करेंगे।"

पीटीआई नेता मानते हैं कि "सभी संस्थान और सरकार हमारे दल को खत्म करना चाहते हैं।"

हाल ही में वजीर-ए-आला बनाए गए अफरीदी बेहद आक्रामक अंदाज में अपनी बात उठाते हैं। चर्चा में तब और आए जब अदियाला जेल प्रशासन ने बृहस्पतिवार को दसवीं बार पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदियाला जेल पहुंचने पर पुलिस ने मुख्यमंत्री को बताया कि मुलाकात की इजाजत नहीं दी जा सकती।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान की राजनीति में चल रहा तनाव देश के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। इमरान खान का संदेश और उनके समर्थकों का उत्साह दर्शाता है कि राजनीतिक अस्थिरता का सामना किस प्रकार किया जा सकता है। जनता की आवाज और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान खान ने जेल से क्या मांगा?
इमरान खान ने जेल से 'मौत या रिहाई' की मांग की है।
कोहाट में रैली का आयोजन किसने किया?
कोहाट में रैली का आयोजन मुहम्मद सोहेल अफरीदी ने किया।
हकीकी आजादी का नारा किसने लगाया?
हकीकी आजादी का नारा पीटीआई समर्थकों ने लगाया।
अफरीदी ने पीटीआई समर्थकों से क्या कहा?
अफरीदी ने कहा कि अगर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया जाता है, तो सभी को तैयार रहना चाहिए।
अदियाला जेल में इमरान खान से मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी गई?
अदियाला जेल प्रशासन ने दसवीं बार इमरान खान से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले