ईरानी राष्ट्रपति की चेतावनी: 'हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं' लेबनान में इजरायली हमलों पर

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ईरानी राष्ट्रपति की चेतावनी: 'हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं' लेबनान में इजरायली हमलों पर

सारांश

ईरान ने लेबनान में इजरायली हमलों के खिलाफ गंभीर चेतावनी दी है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि अगर हमले जारी रहे, तो हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं। क्या बातचीत का कोई रास्ता बचेगा?

Key Takeaways

  • ईरान ने इजरायली हमलों के खिलाफ चेतावनी दी है।
  • सीजफायर का उल्लंघन हुआ है।
  • फ्रांस ने लेबनान के लिए समर्थन व्यक्त किया है।
  • बातचीत के प्रयास जारी हैं।
  • क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर खतरा।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लेबनान में बढ़ते सैन्य आक्रमण और संघर्ष-विराम के उल्लंघन के कारण एक बार फिर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। इजरायली हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर चुनौती दी है। ईरान ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि ये आक्रमण चलते रहे, तो हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं

ईरान ने लेबनान के खिलाफ बार-बार की गई आक्रामकता को संघर्ष-विराम समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि इन आक्रमक कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत की प्रक्रिया को निष्फल बना देगा। ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा। यह धोखे और संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक गंभीर संकेत है।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लेबनान में इजरायल की पुनः घुसपैठ, प्रारंभिक संघर्ष-विराम समझौते का खुला उल्लंघन है। यह धोखेबाजी और भविष्य के संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक गंभीर संकेत है। इन कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेमानी बना देगा। हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं। ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा।"

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की है। ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में सीजफायर हुआ था, लेकिन सीजफायर के तुरंत बाद ही इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया।

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बातचीत की और इन जानलेवा हमलों के खिलाफ फ्रांस की पूर्ण एकजुटता व्यक्त की। इजरायल का कहना है कि इन हमलों में ईरान के समर्थन वाले मिलिटेंट समूह हिज्बुल्लाह के 100 से अधिक कमांड सेंटर और सैन्य स्थलों को निशाना बनाया गया है।

लेबनान के पीएम और राष्ट्रपति से बातचीत के बाद, फ्रांस के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ये हमले अभी हुए सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं। लेबनान को इस सीजफायर के तहत पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए।"

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को समाप्त करने की समझौता वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस इस्लामाबाद जाने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति के बाद दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत हो रही है।

इस बीच, ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने की जानकारी ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने सोशल मीडिया पर दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट हटा लिया।

इस स्थिति में अभी यह कहना मुश्किल है कि ईरान की तरफ से समझौता वार्ता के लिए पाकिस्तान कौन जाएगा।

Point of View

क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रही गतिविधियों से यह स्पष्ट है कि स्थिति और गंभीर हो सकती है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरान की चेतावनी का क्या मतलब है?
ईरान ने कहा है कि अगर इजरायल के हमले जारी रहे, तो वे गंभीर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं।
क्या सीजफायर का उल्लंघन हुआ है?
हाँ, ईरान का कहना है कि इजरायल ने हाल ही में सीजफायर का उल्लंघन किया है।
फ्रांस की भूमिका क्या है?
फ्रांस ने इजरायल के हमलों की निंदा की है और लेबनान के लिए समर्थन व्यक्त किया है।
क्या बातचीत का कोई रास्ता है?
बातचीत के लिए प्रयास जारी हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक है।
इस स्थिति का क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरे में डाल सकती है।
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