22 अक्टूबर 2026
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आईआरजीसी का दावा: फारस की खाड़ी में 4 जहाजों पर हमला, होर्मुज के पास 3 जहाज माइंस से टकराए

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आईआरजीसी का दावा: फारस की खाड़ी में 4 जहाजों पर हमला, होर्मुज के पास 3 जहाज माइंस से टकराए

सारांश

आईआरजीसी ने उत्तरी फारस की खाड़ी में तेल कार्गो स्थानांतरित करते चार जहाजों पर हमले का दावा किया — तीन अन्य होर्मुज के पास माइंस से टकराए। ईरान ने अमेरिका को 'गंभीर चेतावनी' देते हुए कहा कि टकराव जारी रहा तो क्षेत्र के अमेरिकी ठिकाने भी निशाने पर आ सकते हैं।

मुख्य बातें

आईआरजीसी ने 22 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उत्तरी फारस की खाड़ी में नियम उल्लंघन करते 4 जहाजों को निशाना बनाया गया, जिनमें आग लग गई।
होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में रात के दौरान 3 अन्य जहाज बारूदी सुरंगों की चपेट में आए — नुकसान हुआ, आग लगी, आवाजाही रुकी।
आईआरजीसी का आरोप — जहाज जहाज-से-जहाज तेल स्थानांतरण कर 'प्रतिबंधित मार्गों' का उपयोग कर रहे थे।
अमेरिका पर आरोप लगाया गया कि वह शिपिंग कंपनियों को 'गैरकानूनी मार्गों' से गुजरने के लिए उकसा रहा है।
आईआरजीसी ने अमेरिका को 'गंभीर चेतावनी' दी — टकराव जारी रहा तो क्षेत्र के अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी प्रभावित हो सकते हैं।
प्रभावित जहाजों की पहचान और घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने 22 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उसने उत्तरी फारस की खाड़ी में नियमों का उल्लंघन करते पाए गए चार जहाजों को निशाना बनाया, जिनमें आग लग गई। इसके अतिरिक्त, होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में रात के अंधेरे में तीन अन्य जहाज बारूदी सुरंगों (माइंस) से टकरा गए और वे आगे बढ़ने में असमर्थ हो गए।

मुख्य घटनाक्रम

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से आईआरजीसी ने बताया कि उसकी नौसैनिक इकाइयों ने पहले से निगरानी में रखे गए चार जहाजों को उत्तरी फारस की खाड़ी में तेल कार्गो की जहाज-से-जहाज स्थानांतरण (ship-to-ship transfer) करते हुए पकड़ा। आईआरजीसी का कहना है कि ये जहाज कथित तौर पर 'प्रतिबंधित मार्गों' से पहले भी गुजर चुके थे। बाद में इन चारों को एक साथ निशाना बनाया गया और उनमें आग लग गई।

इसके अलावा, आईआरजीसी के अनुसार तीन अन्य जहाज रात के दौरान होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए। इन जहाजों को नुकसान पहुंचा, आग लगी और उनकी आवाजाही पूरी तरह रुक गई।

आईआरजीसी का अमेरिका पर आरोप

आईआरजीसी ने अपने बयान में अमेरिका पर भी सीधा निशाना साधा। उसका कहना था कि अमेरिकी प्रशासन लगातार शिपिंग कंपनियों को 'माइंस से भरे गैरकानूनी समुद्री मार्गों' से गुजरने के लिए उकसा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र में समुद्री घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। मेहर न्यूज के अनुसार, आईआरजीसी ने पहले भी उन शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी थी जिन्होंने कथित तौर पर 'गैरकानूनी समुद्री मार्गों' का उपयोग किया था।

बयान में अमेरिकी सेना को एक 'गंभीर चेतावनी' भी दी गई कि यदि यह टकराव जारी रहा, तो इसका असर क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुंच सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है — पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है।

होर्मुज स्ट्रेट का सामरिक महत्व

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है। गौरतलब है कि आईआरजीसी पहले भी इस जलडमरूमध्य में जहाजों को जब्त करने और रोकने की कार्रवाई कर चुकी है। यह Nवीं ऐसी घटना है जिसमें ईरान ने 'नियम उल्लंघन' का हवाला देते हुए विदेशी शिपिंग को निशाना बनाने का दावा किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं वैश्विक तेल बाजारों पर दबाव डाल सकती हैं और क्षेत्रीय स्थिरता को कमज़ोर कर सकती हैं। आलोचकों का कहना है कि आईआरजीसी के एकतरफा बयानों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

जनसमर्थन और सैन्य दृढ़ता का संदेश

मेहर न्यूज के अनुसार, आईआरजीसी की नौसेना ने अपने बयान में कहा कि ईरानी जनता का दृढ़ समर्थन देश की सैन्य ताकतों को मजबूती देता है और उसके विरोधियों को निराश करता है। बयान में यह भी कहा गया कि इसी जनसमर्थन के बल पर नौसेना होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी और नियंत्रण जारी रखे हुए है।

क्या होगा आगे

इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और प्रभावित जहाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में समुद्री बीमा दरें और तेल परिवहन लागत बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और अमेरिका का आधिकारिक जवाब इस विवाद की अगली दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए यह रणनीतिक जलडमरूमध्य किसी भी वास्तविक टकराव की कीमत को असाधारण रूप से ऊंचा बनाता है। सात जहाजों की एक साथ घटना — चाहे दावे सच हों या अतिरंजित — तेल बाजारों और वैश्विक शिपिंग बीमा पर तत्काल दबाव डाल सकती है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरजीसी ने फारस की खाड़ी में जहाजों पर हमले का दावा क्यों किया?
आईआरजीसी का कहना है कि ये जहाज उत्तरी फारस की खाड़ी में 'नियमों का उल्लंघन' करते हुए जहाज-से-जहाज तेल कार्गो स्थानांतरित कर रहे थे और कथित तौर पर प्रतिबंधित समुद्री मार्गों का उपयोग कर रहे थे। इसी आधार पर उन्हें निशाना बनाने का दावा किया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट के पास माइंस से कितने जहाज टकराए?
आईआरजीसी के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में रात के दौरान तीन जहाज बारूदी सुरंगों की चपेट में आए। इन जहाजों में आग लग गई और वे आगे बढ़ने में असमर्थ हो गए।
आईआरजीसी ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी?
आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन शिपिंग कंपनियों को 'गैरकानूनी और माइंस से भरे मार्गों' से गुजरने के लिए उकसा रहा है। बयान में यह भी कहा गया कि यदि यह टकराव जारी रहा तो इसका असर क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुंच सकता है — इसे आईआरजीसी ने 'गंभीर चेतावनी' बताया।
क्या इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?
अभी तक इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ये दावे ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से आईआरजीसी के बयान पर आधारित हैं। प्रभावित जहाजों की पहचान और राष्ट्रीयता भी सार्वजनिक नहीं की गई है।
होर्मुज स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे व्यस्त तेल मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार का करीब 20% हिस्सा गुजरता है। इस जलडमरूमध्य पर कोई भी व्यवधान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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