क्या जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध विजय की 80वीं वर्षगांठ महासभा का दूसरा संवाददाता सम्मेलन है?

सारांश
Key Takeaways
- जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध की 80वीं वर्षगांठ का उत्सव
- मानव जाति के साझे भविष्य की अवधारणा
- चीन-रूस संबंधों को मजबूत करने का प्रयास
- राष्ट्रीय प्रभुसत्ता और सुरक्षा का महत्व
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता
बीजिंग, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। चीनी जनता के जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ के आयोजन के लिए न्यूज केंद्र ने 29 अगस्त को सुबह दूसरा संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया।
इस अवसर पर चीनी उप विदेश मंत्री मा चाओश्यू ने चीन में शांतिपूर्ण विकास के प्रति प्रतिबद्धता और मानव जाति के साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण से संबंधित जानकारी साझा की और संवाददाताओं के प्रश्नों का उत्तर दिया।
मा चाओश्यू ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च नेताओं की कूटनीति चीन की कूटनीति का मूल आधार है और इसमें निर्णायक भूमिका निभाती है। सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के पश्चात, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 72 देशों की 55 विदेश यात्राएं की हैं और 230 से अधिक विदेशी नेताओं का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि मानव जाति के साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण करने की अवधारणा ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जो वैश्विक शासन के लिए एक नया ज्ञान प्रदान करता है।
मा चाओश्यू ने कहा कि यह अवधारणा लगातार आठ वर्षों से संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्तावों और एससीओ शिखर सम्मेलन के घोषणा पत्रों में शामिल की गई है, जिससे यह आज के समय में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक उत्पाद बन गई है।
उन्होंने थाईवान मामले को चीन के मूल हितों का केंद्र बताते हुए कहा कि इसका समाधान सभी चीनी लोगों की आकांक्षा है। राष्ट्रीय प्रभुसत्ता, सुरक्षा और विकास के हितों की रक्षा करना चीन की कूटनीति का पवित्र मिशन है।
मा चाओश्यू ने चीन-रूस संबंध को दुनिया के सबसे स्थिर और समृद्ध संबंधों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नए युग में इन संबंधों को बढ़ावा देने से मानव प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)