ईरान की सैन्य शक्ति कमजोर, लेकिन खतरे का अंत नहीं: अमेरिकी इंटेलिजेंस
सारांश
Key Takeaways
- ईरान की सैन्य क्षमताएं हाल के अभियानों से कमजोर हुई हैं।
- ईरान अभी भी अमेरिकी हितों के लिए खतरा बना हुआ है।
- ईरान के पास अपनी सैन्य ताकत को फिर से बनाने की क्षमता है।
- अमेरिकी इंटेलिजेंस ने ईरान की मिसाइल तकनीक पर चिंता जताई है।
- ईरान की आर्थव्यवस्था में गिरावट से आंतरिक तनाव बढ़ सकता है।
वॉशिंगटन, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने सीनेटरों को बताया कि हाल के अमेरिकी अभियानों के कारण ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमताएं काफी हद तक घट गई हैं, लेकिन यह सरकार अब भी सक्रिय है और अमेरिकी हितों तथा क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
नेशनल इंटेलिजेंस की निदेशक तुलसी गबार्ड ने बताया कि ईरानी शासन कमजोर हो चुका है, परंतु समाप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने स्थानीय समयानुसार बुधवार को सीनेट सिलेक्ट इंटेलिजेंस कमेटी को बताया, "आईसी (इंटेलिजेंस कम्युनिटी) की राय है कि ईरान में सैन्य क्षमताओं पर हमलों के कारण यह काफी कमजोर हुआ है। इसकी पारंपरिक सैन्य शक्ति प्रदर्शित करने की क्षमता बहुत कम हो गई है, जिससे उनके विकल्प भी घट गए हैं।"
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि तेहरान के पास अपनी सैन्य ताकत को फिर से बनाने की इच्छा और क्षमता दोनों हैं।
उन्होंने कहा, "आईसी का अनुमान है कि यदि कोई दुश्मन शासन (ईरानी सरकार) बचता है, तो वह संभवतः अपनी सैन्य, मिसाइलों और यूएवी बल को फिर से स्थापित करने के लिए वर्षों तक प्रयास करेगा।"
सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान लंबे समय से खतरा बना हुआ है। उन्होंने सीनेटरों से कहा, "मुझे लगता है कि ईरान अमेरिका के लिए एक निरंतर खतरा रहा है और इस समय भी यह तुरंत खतरा बन गया है।"
उन्होंने ईरान की मिसाइल निर्माण की आकांक्षाओं पर भी चिंता व्यक्त की। रैटक्लिफ ने तेहरान की बढ़ती मिसाइल और स्पेस लॉन्च तकनीक का उल्लेख करते हुए कहा, "अगर उन्हें बिना किसी रोक-टोक के छोड़ दिया जाए, तो उनके पास अमेरिका तक मिसाइलें दागने की क्षमता होगी।"
इंटेलिजेंस मूल्यांकन में कहा गया है कि ईरान अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ लगातार संघर्ष में शामिल है। तुलसी गबार्ड ने कहा, "ईरान और उसके प्रॉक्सी मध्य पूर्व में अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों पर लगातार हमले करते रहते हैं।"
सैन्य विफलताओं के बावजूद उम्मीद है कि सरकार अंदर से मजबूत बनेगी, भले ही आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ रहे हों। उन्होंने कहा, "आईसी का अनुमान है कि ईरान की आर्थव्यवस्था के खराब होने से आंतरिक तनाव बढ़ने की संभावना है।"
अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि हाल के ऑपरेशनों ने ईरान की न्यूक्लियर और मिसाइल क्षमताओं को बाधित किया है।
दोनों पार्टियों के सीनेटरों ने इंटेलिजेंस के अधिकारियों पर दबाव डाला कि क्या ईरान से खतरा पूरी तरह समाप्त हो गया है। उनमें से कई ने राजनीतिक दावों और इंटेलिजेंस मूल्यांकन के बीच अंतर पर चिंता व्यक्त की।
कांग्रेस की यह सुनवाई ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिका के नेतृत्व वाले हमलों के बाद मध्य पूर्व में चल रही सैन्य बढ़ोतरी के बीच हो रही है, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर और सैन्य ढांचे को लक्ष्य बनाया गया था।