क्या जुलाई में 47 देशों में एमपॉक्स के 3,924 मामले और 30 मौतें हुईं? : डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट

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क्या जुलाई में 47 देशों में एमपॉक्स के 3,924 मामले और 30 मौतें हुईं? : डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट

सारांश

जुलाई में 47 देशों में एमपॉक्स के मामलों की बाढ़ आ गई है, जिसमें 3,924 संक्रमण और 30 मौतें दर्ज की गई हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। क्या यह वैश्विक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है? जानें इस विस्तृत रिपोर्ट में।

Key Takeaways

  • जुलाई में 3,924 एमपॉक्स मामले सामने आए।
  • 30 मौतें हुईं हैं।
  • 47 देशों में फैलते जा रहे हैं।
  • कई देशों में प्रकोप बढ़ रहा है।
  • स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा शुक्रवार को प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, एमपॉक्स वैश्विक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। जुलाई में 47 देशों में कुल 3,924 मामले सामने आए, जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई।

जुलाई की रिपोर्ट में बताया गया है कि एमपॉक्स के विभिन्न वेरिएंट अनेक देशों में फैलते जा रहे हैं।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि एमपॉक्स के प्रकोप को शीघ्र नियंत्रित नहीं किया गया और इसके मानव-से-मानव प्रसार को रोका नहीं गया, तो समुदाय में इसके फैलने का खतरा बना रहेगा।

जुलाई में सेनेगल में पहली बार एमपॉक्स के मामले सामने आए हैं और इसके प्रकार का निर्धारण किया जा रहा है। तुर्की में भी पहली बार क्लेड आईबी वेरिएंट के मामले दर्ज किए गए, जबकि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में क्लेड आईआईबी एमपीएक्सवी के कारण मामले सामने आए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, जुलाई में दक्षिण-पूर्व एशिया और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों में एमपॉक्स के मामलों में बढ़ोतरी हुई, जबकि अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में मामलों में कमी आई। पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में जुलाई में एमपॉक्स का कोई मामला नहीं दर्ज किया गया।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है, "पिछले छह सप्ताह में अफ्रीका के 21 देशों में एमपॉक्स संक्रमण के लगातार मामले सामने आए हैं। पश्चिमी अफ्रीका में क्लेड आईआईबी एमपीएक्सवी के मामले सामने आए हैं, जबकि मध्य अफ्रीका के देशों में क्लेड आईए और क्लेड आईबी एमपीएक्सवी दोनों के मामले सामने आ रहे हैं और पूर्वी अफ्रीका के देशों में क्लेड आईबी एमपीएक्सवी के मामले आ रहे हैं।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका में एमपॉक्स के मामलों में हालिया कमी मुख्य रूप से कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, सिएरा लियोन और युगांडा में मामलों की संख्या घटने के कारण आई है।

हालांकि, केन्या में सामुदायिक स्तर पर इसका प्रसार जारी है और 2025 में वहां मामलों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। ज्यादातर मामले युवा वयस्कों में सामने आ रहे हैं और एक को छोड़कर सभी मौतें एचआईवी से पीड़ित लोगों में दर्ज की गई हैं।

इस अलावा, जून से चीन, जर्मनी, तुर्की और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में क्लेड आईबी एमपॉक्स के अतिरिक्त मामले सामने आए हैं, जो यात्रा से जुड़े हुए हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, क्लेड आईबी एमपॉक्स का सामुदायिक संक्रमण केवल मध्य और पूर्वी अफ्रीका के देशों में ही देखा जा रहा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि एमपॉक्स महामारी का एक गंभीर पहलू है। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो यह वैश्विक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। हमें जागरूकता बढ़ाने और उचित उपाय करने की आवश्यकता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

एमपॉक्स क्या है?
एमपॉक्स एक वायरल संक्रमण है जो मानवों में फैलता है और इसके कई वेरिएंट हो सकते हैं।
क्या एमपॉक्स का इलाज संभव है?
हालांकि एमपॉक्स का कोई विशेष इलाज नहीं है, लेकिन लक्षणों का प्रबंधन किया जा सकता है।
क्या एमपॉक्स से बचाव के तरीके हैं?
हां, स्वच्छता बनाए रखना, संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाना और वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण हैं।
कोन-कोन से देश प्रभावित हुए हैं?
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका के कई देशों में एमपॉक्स के मामले सामने आए हैं।
क्या यह महामारी बन सकती है?
यदि इसे जल्दी नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह महामारी का रूप ले सकती है।