काला सागर में रूसी ड्रोन हमला: बुल्गारिया तट पर वाणिज्यिक जहाज निशाने पर, यूक्रेन-अजरबैजान के नागरिक घायल
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने 13 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि बुल्गारिया के समुद्री क्षेत्र के निकट वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर रूस ने ड्रोन हमले किए, जिसमें यूक्रेन और अजरबैजान के नागरिक घायल हुए हैं। यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि काला सागर अब रूस-यूक्रेन संघर्ष में तनाव बढ़ाने का एक नया मोर्चा बन गया है।
हमले का विवरण और घायल नागरिक
सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि रूस द्वारा बुल्गारिया के समुद्री क्षेत्र के पास वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए ड्रोन हमलों में यूक्रेन और अजरबैजान के नागरिक घायल हुए हैं। उन्होंने कहा, 'मॉस्को नागरिकों की सुरक्षा और काला सागर में समुद्री सुरक्षा की पूरी तरह अनदेखी कर रहा है।'
इन हमलों ने जहाजों के चालक दल के सदस्यों की जान को गंभीर खतरे में डाल दिया। बुल्गारिया के बचावकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए वॉन डेर लेयेन ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
भूख को हथियार बनाने का आरोप
यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने आरोप लगाया कि रूस काला सागर के जरिए वैश्विक खाद्य सुरक्षा को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, 'काला सागर वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। रूस इस क्षेत्र को निशाना बनाकर भूख को हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है और पूरी दुनिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।'
गौरतलब है कि काला सागर यूक्रेनी अनाज और कृषि उत्पादों के निर्यात का प्रमुख मार्ग रहा है, और इस रास्ते से दुनिया के कई देशों में खाद्यान्न की आपूर्ति होती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक खाद्य कीमतें पहले से ही दबाव में हैं।
यूरोपियन कमीशन की प्रतिक्रिया
यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'काला सागर अब यूक्रेन में चल रहे रूस के युद्ध में तनाव बढ़ने का एक और मोर्चा बन गया है। यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। मैं बुल्गारिया के तट के पास वाणिज्यिक जहाजों पर हुए ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करती हूँ।'
उन्होंने आगे जोड़ा कि यूरोपियन यूनियन बुल्गारिया के साथ एकजुटता से खड़ा है और बचावकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करता है।
साझेदार देशों से अपील और आगे की राह
सिबिहा ने अपनी पोस्ट में साझेदार देशों से अपील की कि वे रूस पर दबाव और बढ़ाएं, प्रतिबंधों को मजबूत करें और समुद्री रास्तों की स्वतंत्र आवाजाही की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने जोर दिया कि इस स्थिति का जवाब 'मजबूती और दृढ़ कार्रवाई' से दिया जाना चाहिए।
यह घटना काला सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को और गहरा करती है। आने वाले दिनों में यूरोपीय संघ और उसके सहयोगियों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि इस संघर्ष को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए।