कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर यूक्रेन के हमले को रूस ने बताया 'तनाव विस्तार', पेस्कोव बोले — ईरान सक्षम है अपनी रक्षा में
सारांश
मुख्य बातें
कैस्पियन सागर में एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद रूस ने ईरान के पक्ष में खुलकर बयान दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने 28 जुलाई 2026 को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान एक स्वतंत्र देश है और अपने अधिकारों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। इस हमले में एक नाविक की मौत की पुष्टि भी हुई है।
हमले का विवरण
शनिवार को कैस्पियन सागर में एक निजी क्षेत्र के स्वामित्व वाला ईरानी व्यापारिक जहाज — जिसमें रोल्ड स्टील शीट का माल लदा था — यूक्रेन के ड्रोन हमले का निशाना बना। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस हमले के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यूक्रेन ने एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर हमला किया है, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है, जो इजराइल के कहने पर किया गया, ताकि यूरोप को उसके युद्ध में खींचा जा सके।'
पेस्कोव का बयान
पेस्कोव ने कहा कि यूक्रेन कई देशों पर हमले कर रहा है। उन्होंने कहा, 'इससे पहले उसने जर्मनी की एक अहम ऊर्जा ढाँचे की सुविधा को निशाना बनाया था। अब उसने ईरान के एक व्यापारिक जहाज पर हमला किया है।' उन्होंने कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम की सुविधाओं और टर्मिनलों पर यूक्रेन के ड्रोन हमलों का भी उल्लेख किया और बताया कि इस तेल पाइपलाइन कंसोर्टियम का एक संयुक्त मालिक कजाखस्तान भी है।
पेस्कोव ने चेतावनी दी कि ईरानी जहाज पर यह हमला कीव की ओर से तनाव बढ़ाने की एक और कड़ी है और यह संकेत देता है कि यह संघर्ष अब और बड़े भौगोलिक क्षेत्र तक फैल सकता है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह ईरान के प्रति यूक्रेन के लगातार 'गैर-तर्कसंगत और शत्रुतापूर्ण रवैये' को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान और यूक्रेन के बीच पहले से ही राजनयिक तनाव बना हुआ है।
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब केवल पूर्वी यूरोप तक सीमित नहीं रहा — इसकी आँच मध्य एशिया और कैस्पियन क्षेत्र तक पहुँच रही है। कजाखस्तान जैसे तटस्थ देशों के हितों से जुड़े बुनियादी ढाँचे पर हमलों ने क्षेत्रीय देशों की चिंता बढ़ा दी है। रूस का यह बयान ईरान के साथ उसके बढ़ते रणनीतिक समन्वय को भी रेखांकित करता है।
आने वाले दिनों में ईरान की जवाबी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया इस संकट की दिशा तय करेगी।